Rajasthan Election 2023 Live: सचिन पायलट बन सकते हैं सीएम!, टोंक के लोगों ने जताई आस
Rajasthan Vidhan Sabha Chunav 2023 Live News in Hindi: राजनीति में निचले स्तर से अपना सफर शुरू करने के बाद पहली बड़ी इच्छा विधायकी का टिकट पाने की होती है। शहर के 10 विधानसभा इलाकों की बात करें तो यहां विधायकी के लिए अपने पैर जमा पाना दूसरी पंक्ति के नेताओं के लिए कभी आसान नहीं रहा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
अगर कांग्रेस आगामी तीन दिसंबर को राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतती है तो टोंक अपने वर्तमान विधायक और उम्मीदवार सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सचिन पायलट का समय आ गया है। इस दौरान वे यह बताना भी नहीं भूलते कि 2018 में, टोंक से सचिन पायलट की जीत का अंतर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सीट जोधपुर के सरदारपुरा से ज्यादा था।
क्या सचिन पायलट अपने और मुख्यमंत्री की कुर्सी के बीच की दूरी को पाट सकते हैं, जो उनसे दूर हो गई है? राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति का सबसे अच्छा वर्णन करने वाली विडंबना यह है कि टोंक से विधायक के रूप में सचिन पायलट का शोपीस प्रोजेक्ट बनास नदी पर शहर को ‘गहलोत’ गांव से जोड़ने के लिए 3.5 किमी लंबा पुल बनाया जा रहा है। मानसून में नदी उफान पर आ जाती है और अस्थाई पुल को बहा ले जाती है। इस तरह उफनती नदी गहलोत गांव के अलावा 50 अन्य गांवों को शहर से काट देती है।ग्रामीणों को 20 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यहां स्थानीय लोगों को धूल भरी सड़क पर ऊंटों पर यात्रा करते हुए देखा जा सकता है. पुल पिछले कुछ वर्षों से बन रहा है।
पायलट ने कहा- इस बार रिकॉर्ड जीत पर नजर
सचिन पायलट ने बताया कि उन्होंने 55,000 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है और इस बार उनका लक्ष्य रिकॉर्ड तोड़ने का है। टिकट की घोषणा के एक दिन बाद रविवार को सचिन पायलट टोंक में थे, वह गांवों के 139 बूथों और टोंक शहर के 105 बूथों के अपने सभी बूथ कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे। माइक्रो मैनेजमेंट के एक उत्कृष्ट उदाहरण में, सचिन पायलट ने बूथ कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने और जीत का अंतर बढ़ाने के लिए वार्डों या पंचायतों द्वारा विभाजित अलग-अलग जत्थों में मुलाकात की। पायलट का कहना है कि वह जल्द ही राज्य भर में चुनाव प्रचार में व्यस्त हो जाएंगे और इसलिए फिलहाल उनका ध्यान टोंक सीट पर है।
समर्थकों का मानना है कि अब समय आ गया है
टोंक के पार्षद शब्बीर अहमद का कहना है, इस बार सचिन पायलट ही मुख्यमंत्री बनेंगे। वह कहते हैं, ‘समय आ गया है, वह (पायलट) इस बार मुख्यमंत्री बनेंगे। अहमद कहते हैं, सचिन पायलट इसके हकदार हैं। टोंक से पायलट समर्थक गोरधन हिरोनी ने कहा, पूर्वी राजस्थान के लोग तब निराश हुए जब 2018 में पायलट मुख्यमंत्री नहीं बने, जबकि क्षेत्र ने इस उम्मीद में कांग्रेस को भारी वोट दिया कि उनको कुर्सी मिलेगी।
पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए और अगर ऐसा होता है, तो हम राजस्थान में लोकसभा चुनाव में 20 से अधिक सीटें जीत सकते हैं। हिरोनी कहते हैं, गहलोत ने मुख्यमंत्री के रूप में अच्छा काम किया है और एक वरिष्ठ नेता हैं। लेकिन उन्हें अब दिल्ली जाना चाहिए और राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करना चाहिए।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को नवमी के दिन पुत्र दुष्यंत के साथ मध्यप्रदेश के दतिया पीतांबरा पीठ मां दुर्गा की पूजा अर्चना की। साथ ही प्रदेश में सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। दतिया से धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद पूर्व सीएम राजे धौलपुर निज निवास पर पहुंचीं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव का फीडबैक लिया है।
भाजपा नेता अकील अहमद बॉबी ने बताया, शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे धौलपुर पहुंची थीं। रविवार को मध्यप्रदेश के दतिया पीतांबरा पीठ धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए रवाना हुई थीं। पूर्व सीएम राजे के जरिए सोमवार को पुत्र दुष्यंत कुमार के साथ मंदिर में हवन यज्ञ कर धार्मिक अनुष्ठान किया। उनके जरिए कन्याओं को भोजन भी कराया गया है।
धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से पूर्व सीएम राजे ने प्रदेश एवं देश में सुख समृद्धि, अमन चैन एवं खुशहाली की कामना की है। भाजपा नेता ने बताया, सोमवार देर शाम वसुंधरा राजे धौलपुर निज निवास पर पहुंचीं। इसके साथ ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव का फीडबैक लिया है।
जहां टिकट नहीं बंटे, वहां अब भी आस
भाजपा
- हवामहल: सुरेन्द्र पारीक, शैलेन्द्र भार्गव, मनोज शर्मा, मंजू शर्मा और मनीष पारीक
- किशनपोल: मोहनलाल गुप्ता, सोहनलाल तांबी, संजय जैन और सुनील कोठारी
- आदर्श नगर: अशोक परनामी, रवि नैयर और अजयपाल सिंह
- सिविल लाइंस: अरुण चतुर्वेदी, अशोक लाहोटी और रणजीत सिंह सोड़ाला
कांग्रेस
- झोटवाड़ा: लालचंद कटारिया, राजेश चौधरी, मुकेश वर्मा और हरीश यादव
- विद्याधर नगर: सीताराम अग्रवाल, ज्योति खंडेलवाल, संगीता गर्ग, मंजू शर्मा और गिर्राज गर्ग
- बगरू: गंगा देवी, सतवीर आलोरिया और योगेश नागर
- आमेर: प्रशांत शर्मा, सत्येन्द्र भारद्वाज और महेश शर्मा
- हवामहल: महेश जोशी, बृजकिशोर शर्मा, ज्योति खंडेलवाल और सुनील शर्मा
Rajasthan Election 2023 Live: सचिन पायलट बन सकते हैं सीएम!, टोंक के लोगों ने जताई आस
राजधानी जयपुर के 10 विधानसभा इलाकों की बात करें तो यहां विधायकी के लिए अपने पैर जमा पाना दूसरी पंक्ति के नेताओं के लिए कभी आसान नहीं रहा। यही रीत इस बार भी आगे बढ़ती नजर आ रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के अब तक बंटे 11 टिकट पर नजर डालें तो पुराने और वरिष्ठ नेताओं पर ही पार्टियों ने विश्वास जताया है।
शहर में इस बार करीब 50 दावेदार टिकट पाने की कतार में थे। भाजपा अब तक छह और कांग्रेस पांच टिकट बांट चुकी है। लेकिन कहीं भी इस पंक्ति पर विश्वास नहीं जताया जा सका। अब शेष नौ टिकट से ये दावेदार कुछ उम्मीद लगाए हुए हैं।
टिकट बंट गई, आस रह गई अधूरी
मालवीय नगर में भाजपा से पुनीत करनावट, सुनील कोठारी, एसएस अग्रवाल और श्याम अग्रवाल ने दावेदारी की थी। यहां से कांग्रेस से महेश शर्मा, राजीव अरोड़ा, महावीर सौगानी, कमल शर्मा, सुशील शर्मा, संजय बाफना, संगीता गर्ग दावेदारी कर रहे थे। सिविल लाइंस में कांग्रेस से इस बार निलंबित महापौर मुनेश गुर्जर और ओम राजोरिया दावेदारी जता चुके हैं। किशनपोल से ज्योति खंडेलवाल, गिरिराज खंडेलवाल, इकबाल और आरआर तिवाड़ी दावेदार रहे। आदर्श नगर में उमरदराज, नीरज अग्रवाल, जाकिर गुडएज की आस पूरी नहीं हुई। सांगानेर में सुरेश मिश्रा, विष्णु लाटा दावेदारी कर रहे थे।