Parliament Live: 40 मिनट के अंदर राज्यसभा तीन बार स्थगित, सदन में गूंजा बिहार में जहरीली शराब से मौत का मुद्दा
{"_id":"639aa0d448d2416fb071acb6","slug":"winter-session-of-parliament-2022-live-lok-sabha-rajya-sabha-india-china-clash-mallikarjun-kharge","type":"live","status":"publish","title_hn":"Parliament Live: 40 मिनट के अंदर राज्यसभा तीन बार स्थगित, सदन में गूंजा बिहार में जहरीली शराब से मौत का मुद्दा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Thu, 15 Dec 2022 10:40 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 15 Dec 2022 10:40 PM IST
खास बातें
संसद के शीतकालीन सत्र का आज 7वां कार्य दिवस है। चीन से टकराव के मुद्दे पर दोनों सदनों में आज एक बार फिर से हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। इसके अलावा आज राज्यसभा में ग्लोबल वॉर्मिंग से निपटने के मुद्दे पर चर्चा होगी। संसद से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ...
विज्ञापन
राज्यसभा
- फोटो : संसद टीवी
लाइव अपडेट
10:39 PM, 15-Dec-2022
विपक्षी सदस्य राज्यों में वैट कम कराएं: पुरी
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें वैश्विक स्तर के दाम के मुकाबले कम हैं। विपक्षी सदस्यों को अपनी पार्टियों के शासन वाले प्रदेशों में वैट कम करवाना चाहिए, ताकि कीमतें कम हो सकें। पुरी ने कहा कि छह गैर-भाजपा शासित राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और झारखंड ने पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट कम नहीं किया है, जिससे वहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क घटाया है और कुछ अन्य राज्यों ने संकेतों के बाद अपना मूल्य वर्धित कर (वैट) घटाया है। उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों की टोकाटाकी के बीच कहा कि पश्चिम बंगाल समेत छह राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कोई कमी नहीं की, जबकि कई भाजपा शासित प्रदेशों और कुछ अन्य राज्यों ने इसे कम किया है।
10:03 PM, 15-Dec-2022
हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे: सरकार
भाजपा की कविता पाटीदार ने कहा कि पृथ्वी के ध्रुवों पर हजारों वर्ष से जमी बर्फ तेजी से पिघल रही है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से बार-बार बाढ़ और तूफान आ रहे हैं। मनुष्य की गतिविधियों के परिणामस्वरूप कार्बन डाईआक्साइड और मीथेन जैसी गैसों का उत्सर्जन अधिक बढ़ा जिसने सूरज की गर्मी को अधिक सोखा। इससे पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई के कारण ऑक्सीजन की कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस बात को लोगों ने कोरोना महामारी के दौरान महसूस किया जब ऑक्सीजन एक बहुत बड़ी जरूरत बन गई। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे।
विज्ञापन
10:02 PM, 15-Dec-2022
ग्लोबल वार्मिंग पर विपक्ष ने जताई चिंता
विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा में बार-बार आने वाली बाढ़, चक्रवात, हिमनद पिघलने जैसे ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई। साथ ही इस पर सहमति जताई कि इससे निपटने के लिए दायित्व केवल सरकार पर नहीं डाला जा सकता है और समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। विपक्ष ने सरकार को ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों से निपटने के लिए विभिन्न मंत्रालयों में समन्वय कर और एजेंसियों को एक साथ लाकर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने कहा।
‘ग्लोबल वार्मिंग’ के गंभीर प्रभाव और इसके समाधान के लिए सुधारात्मक कदमों की आवश्यकता विषय पर उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा शुरू करते हुए द्रमुक के तिरुचि शिवा ने कहा कि यह ऐसी समस्या है जिससे पूरे विश्व के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि पूरे सदन को न केवल भविष्य बल्कि वर्तमान को लेकर भी चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह लक्ष्य 2070 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य प्रतिशत करना है। यह बहुत लंबा लक्ष्य है और देश को अभी के बारे में सोचना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को 2040 के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि जंगल लुप्त हो रहे हैं, नदियां सूख रही हैं, समुद्र तट गायब हो रहे हैं। यह सब बहुत चिंताजनक है? उन्होंने कहा कि बार बार चक्रवात आ रहे हैं, उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है। उन्होंने कहा कि वह इन सब के लिए सरकार या पर्यावरण मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं। इस समस्या से निपटने का दायित्व समाज के प्रत्येक सदस्य का है।
10:02 PM, 15-Dec-2022
‘भारत’ सीरीज के तहत 49,600 से अधिक वाहनों का हुआ पंजीकरण : गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा कि भारत (बीएच) सीरीज के तहत देशभर में 49,600 से अधिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है। इस मामले में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान अग्रणी राज्य बनकर उभरे हैं। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि बीएच सीरीज के तहत महाराष्ट्र में (13,625), उत्तर प्रदेश (5,698) और राजस्थान में (5,615) वाहनों का पंजीकरण हुआ है। पिछले साल, सड़क परिवहन मंत्रालय ने पूरे देश में वाहनों के निर्बाध हस्तांतरण की सुविधा के लिए एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में भारत (बीएच) सीरीज नामक एक नया पंजीकरण चिह्न शामिल किया गया था। एक अन्य जवाब में गडकरी ने कहा कि 5.35 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले भारतमाला परियोजना चरण-1 को मंजूरी दी गई है। इसमें विभिन्न श्रेणियों की 24,800 किलोमीटर सड़क और करीब 10,000 किलोमीटर अन्य एनएचडीपी प्रोजेक्ट शामिल हैं।
10:02 PM, 15-Dec-2022
3.71 लाख पेंशनधारकों ने चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक का किया इस्तेमाल
कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में कहा कि 3,71,364 पेंशनभोगियों ने चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक का इस्तेमाल कर अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा किया है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2021 में चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक शुरू की गई थी ताकि इसकी मदद से केंद्र सरकार के पेंशनभोगी जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकें। उन्होंने साफ किया कि पेंशनभोगी चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक सहित किसी भी निर्धारित तरीकों से जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
10:02 PM, 15-Dec-2022
रोजगार मेले के जरिये 1.47 लाख नई नियुक्तियां की गईं
कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में कहा कि देशभर में हुए रोजगार मेला कार्यक्रम के तहत अब तक केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और बैंकों आदि में लगभग 1.47 लाख नई नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि रिक्तियों को मिशन मोड में भरा जा रहा है। रिक्त पदों की भर्ती एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि जब तक किसी विभाग की ओर से रिपोर्ट की गई रिक्तियां भरी जाती हैं, कुछ और नई रिक्तियां उत्पन्न हो जाती हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों एवं उनसे संबद्ध व अधीनस्थ कार्यालयों में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति, सेवा से त्यागपत्र, मृत्यु, पदोन्नति आदि के कारण रिक्तियां उत्पन्न होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
10:02 PM, 15-Dec-2022
पिछले पांच साल में 19 देशों के 177 उपग्रह किए गए प्रक्षेपित
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत ने 19 देशों के 177 विदेशी उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। इसके माध्यम से करीब 94 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब साढ़े सात अरब रुपये) एवं 46 मिलियन यूरो (लगभग सवा चार अरब रुपये) विदेशी मुद्रा राजस्व की प्राप्ति हुई है। उन्होंने कहा कि इन उपग्रहों को पीएसएलवी (पोलर सैटलाइट लॉन्च व्हीकल) एवं जीएसएलवी (जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) एम के 3 रॉकेटों के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। जिन देशों के उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया है उनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, फ्रांस, इस्राइल, इटली, जापान, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, मलयेशिया, नीदरलैंड्स, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं।
06:18 PM, 15-Dec-2022
केंद्र ने पिछले पांच वर्षों में विज्ञापनों पर खर्च किए 3,723 करोड़ रुपये
सरकार ने पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय संचार ब्यूरो के जरिए अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के विज्ञापन पर कुल 3,723.38 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच वर्षों में विज्ञापन और प्रचार पर खर्च नहीं बढ़ा है।
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में विज्ञापनों पर 1,220.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 2018-19 में 1,106.88 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ठाकुर ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2019-20 में 627.67 करोड़ रुपये खर्च किए। वर्ष 2020-21 में 349.09 करोड़ रुपये और 2021-22 में 264.78 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में नौ दिसंबर तक सरकार ने विज्ञापनों पर 154.07 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
सरकार ने पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय संचार ब्यूरो के जरिए अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के विज्ञापन पर कुल 3,723.38 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच वर्षों में विज्ञापन और प्रचार पर खर्च नहीं बढ़ा है।
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में विज्ञापनों पर 1,220.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 2018-19 में 1,106.88 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ठाकुर ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2019-20 में 627.67 करोड़ रुपये खर्च किए। वर्ष 2020-21 में 349.09 करोड़ रुपये और 2021-22 में 264.78 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए गए। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में नौ दिसंबर तक सरकार ने विज्ञापनों पर 154.07 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
03:54 PM, 15-Dec-2022
पिछले 3 वर्षों में 60 लाख से अधिक जन शिकायतें
सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाफ 2020 और साल नवंबर के बीच 60 लाख से ज्यादा जन शिकायतें मिली हैं। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित जवाब में कहा, 1 जनवरी 2020 से 30 नवंबर 2022 तक पिछले तीन वर्षों के दौरान केंद्रीकृत लोक शिकायत निवार और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर लगभग 60,15,388 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
सीपीजीआरएएमएस, केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों के खिलाफ सार्वजनिक शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने की अनुमति देता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार शिकायतों के समय पर प्रभावी निपटान के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि कुल शिकायतों में से 4,72,866 शिकायतें लंबित हैं।
सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाफ 2020 और साल नवंबर के बीच 60 लाख से ज्यादा जन शिकायतें मिली हैं। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक लिखित जवाब में कहा, 1 जनवरी 2020 से 30 नवंबर 2022 तक पिछले तीन वर्षों के दौरान केंद्रीकृत लोक शिकायत निवार और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर लगभग 60,15,388 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
सीपीजीआरएएमएस, केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों के खिलाफ सार्वजनिक शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने की अनुमति देता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार शिकायतों के समय पर प्रभावी निपटान के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि कुल शिकायतों में से 4,72,866 शिकायतें लंबित हैं।
03:53 PM, 15-Dec-2022
भाजपा सांसदों ने जहरीली शराब से मौतों के लिए नीतीश सरकार को ठहराया जिम्मेदार
भाजपा के लोकसभा सदस्यों ने गुरुवार को जहरीली शराब से बिहार में हुई मौतों का मुद्दा उठाया और इसे सामूहिक हत्या करार दिया। भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।
भाजपा के पश्चिम चंपारण सांसद संजय जायसवाल ने शून्यकाल के दौरान दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद पुलिस अधिकारियों के संरक्षण में नकली शराब की बिक्री फल-फूल रही है। लेकिन मुख्यमंत्री ने उनमें से किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं भाजपा के औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने जहरीली शराब से हुई मौतों को सामूहिक हत्या करार दिया है इसके लिए बिहार सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार से कोई उम्मीद नहीं है।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि 37 लोगों की मौत हुई है। यह बिहार सरकार द्वारा प्रायोजित हत्या है। राज्य में शराबबंदी के बावजूद पुलिस की मदद और सुरक्षा से हर घर में नकली शराब की आपूर्ति की जाती है। सारण के जिला मजिस्ट्रेट राजेश मीणा के मुताबिक, जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बुधवार रात तक 21 से बढ़कर 26 हो गई।
भाजपा के लोकसभा सदस्यों ने गुरुवार को जहरीली शराब से बिहार में हुई मौतों का मुद्दा उठाया और इसे सामूहिक हत्या करार दिया। भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।
भाजपा के पश्चिम चंपारण सांसद संजय जायसवाल ने शून्यकाल के दौरान दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद पुलिस अधिकारियों के संरक्षण में नकली शराब की बिक्री फल-फूल रही है। लेकिन मुख्यमंत्री ने उनमें से किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं भाजपा के औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने जहरीली शराब से हुई मौतों को सामूहिक हत्या करार दिया है इसके लिए बिहार सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार से कोई उम्मीद नहीं है।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि 37 लोगों की मौत हुई है। यह बिहार सरकार द्वारा प्रायोजित हत्या है। राज्य में शराबबंदी के बावजूद पुलिस की मदद और सुरक्षा से हर घर में नकली शराब की आपूर्ति की जाती है। सारण के जिला मजिस्ट्रेट राजेश मीणा के मुताबिक, जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बुधवार रात तक 21 से बढ़कर 26 हो गई।