Waqf Bill Protest: संसद से वक्फ बिल पारित होने के बाद आक्रोश; अहमदाबाद-कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन
- संसद के बजट सत्र में पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक, 2025।
- अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून की शक्ल लेगा बिल।
- मुस्लिम समुदाय के कुछ तबकों में इस प्रस्तावित कानून के खिलाफ आक्रोश।
- धार्मिक मुद्दे में अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप का आरोप लगा रहे नाराज लोग।
- कोलकाता और अहमदाबाद में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी।
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महबूबा मुफ्ती ने किया वक्फ बिल का विरोध
संसद में पारित वक्फ संशोधन विधेयक पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का कहना है, 'ऐसा नहीं होना चाहिए। यह अल्पसंख्यकों और मुसलमानों की संस्था है और इस पर इस तरह से हमला करना और संसद में इसे पारित करना, मेरा मानना है कि डकैती के बराबर है, जो बहुत गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए।'#WATCH | Srinagar | On the Waqf Amendment Bill passed in the Parliament, PDP Chief Mehbooba Mufti says, "This should not happen. This is an institution of minorities and Muslims, and to bulldoze it like this and pass it in the Parliament, I believe, amounts to robbery, which is… pic.twitter.com/ivj9boM34m
— ANI (@ANI) April 4, 2025
#WATCH | Kolkata: Muslim organisations, under the banner of Joint Forum for Waqf Protection, are holding protests against the Waqf Amendment Bill. pic.twitter.com/gyLv2iBwjQ
— ANI (@ANI) April 4, 2025
#WATCH | West Bengal: Members of the Muslim community take to the streets in Kolkata to protest against the Waqf Amendment Bill. pic.twitter.com/pKZrIVAYlz
— ANI (@ANI) April 4, 2025
Waqf Bill Protest: संसद से वक्फ बिल पारित होने के बाद आक्रोश; अहमदाबाद-कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन
#WATCH | Ahmedabad: Various Muslim organisations hold protests against the Waqf Amendment Bill. pic.twitter.com/viavsuqf3D
— ANI (@ANI) April 4, 2025
गौरतलब है कि लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 तीन अप्रैल को पारित हुआ। दो अप्रैल को चर्चा की शुरुआत के बाद लगभग 12 घंटे की चर्चा हुई। देर रात विधेयक और इसमें प्रस्तावित संशोधनों पर वोटिंग के बाद लोकसभा से यह विधेयक देर रात 1.56 बजे पारित हुआ। इसके समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट डाले गए। अगले दिन यानी चार अप्रैल को राज्यसभा में विधेयक पारित हुआ। राज्यसभा में तीन अप्रैल को इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत हुई। देर रात 2.32 बजे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने विधेयक पारित होने की घोषणा की। राज्यसभा में इस विधेयक को 128 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि विरोध में 95 वोट डाले गए।