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Parliament Session Live: 'संविधान लहराने का नहीं, विश्वास का विषय', संविधान पर चर्चा के जवाब में बोले शाह

Tue, 17 Dec 2024 03:09 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 17 Dec 2024 03:09 PM IST
खास बातें

Winter Session of Parliament 2024 Live Updates : लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में स्वीकार कर लिया गया। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक के रूप में जाना जाता है, इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पेश किया। इसके साथ ही राज्यसभा में 'संविधान पर चर्चा' हुई।

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Parliament Winter Session 2024 Live Updates One Nation One Election in Lok Sabha Today Congress News in Hindi
संसद सत्र - फोटो : Amar Ujala

लाइव अपडेट

10:12 PM, 17-Dec-2024
इंदिरा गांधी ने भी वीर सावरकर को बताया महान क्रांतिकारी
गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा, 'क्या देशभक्ति किसी विचारधारा से जुड़ी हो सकती है? देश के प्रति बलिदान किसी धर्म के साथ जुड़ा हो सकता है?' शाह ने कहा कि इंदिरा जी ने सावरकर के निधन पर कहा, 'सावरकर एक महान व्यक्ति थे, उनका नाम साहस और देशभक्ति का पर्याय है। एक महान क्रांतिकारी, जिन्होंने अनगिनत लोगों को प्रेरणा देने का काम किया।' 

एक अन्य वाक्य में इंदिरा गांधी ने श्री वाखले को पत्र लिखा था कि 'आपका पत्र मुझे मिला, वीर सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार के प्रति साहसी प्रतिरोध का हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। मैं भारत के इस पुत्र की जन्म शताब्दी के लिए कोटि-कोटि शुभकामनाएं देती हूं।' अमित शाह ने कांग्रेस से कहा कि आप हमारी न सुनें लेकिन आप तो इंदिरा जी की भी नहीं सुनते।
10:11 PM, 17-Dec-2024
'सारवरकर के खिलाफ झूठ फैलाया जाता है'
गृह मंत्री अमित शाह ने विनायक दामोदर सावरकर को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान की भी आलोचना की। शाह ने कहा कि वीर सावरकर के खिलाफ हमेशा झूठ फैलाया गया।  उन्होंने कहा,'लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस के एक नेता ने सावरकर के लिए जो बयान दिए मैं उसे दोहरा नहीं सकता। उनके नाम के आगे जो वीर शब्द लगा है, ये किसी सरकार या किसी पार्टी के द्वारा नहीं दिया गया है। उनके नाम के सामने वीर, उनकी वीरता के कारण 140 करोड़ लोगों ने दिया है। ऐसे देशभक्त के लिए इस तरह के बयान देश के सबसे बड़ी पंचायत में दिए जाते हैं। इस संबंध में कई वर्षों से झूठ फैलाया जाता है। 1857 से लेकर 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम में किसी व्यक्ति को एक जीवन में दो आजीवन कारावास हुए हैं तो वो वीर सावरकर हैं।
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08:08 PM, 17-Dec-2024
'तुष्टिकरण, परिवारवाद, भ्रष्टाचार छोड़े कांग्रेस'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैंने अभी-अभी सुना कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा और महाराष्ट्र में हार के लिए आत्मनिरीक्षण करने के लिए एक समिति बना रही है। कोई समिति बनाने की कोई जरूरत नहीं है। तुष्टिकरण, परिवारवाद, भ्रष्टाचार छोड़ दो, जनता आपको चुनकर लाएगी। कुछ करने की जरूरत नहीं है। 
07:58 PM, 17-Dec-2024
'पुरानी परंपराओं पर हमें शर्म नहीं'
केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, हमारी पुरानी परंपराओं पर हमें शर्म नहीं है। हम परंपराएं बदलेंगे। इंडिया गेट पर किंग पंचम जॉर्ज की मूर्ति हटा दी और सुभाष बाबू की प्रतिमा लगा दी। हमने वीर छत्रपति शिवा जी महाराज की प्रतिमा लगा दी। हमने राष्ट्रीय शहीद स्मारक बनाया और अमर जवान ज्योति को विलीन करने का काम किया। सेंगोल को इलाहाबाद के म्यूजियम में भेज दिया, नरेंद्र मोदी ने सेंगोल के विधिवत सेंगोल को संसद में स्थापित करने का काम किया। 
07:57 PM, 17-Dec-2024
'इंडिया के नजरिए से नहीं दिखेगा भारत'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब संविधान बन रहा था, हर अनुच्छेद पर चर्चा चल रही थी। हम आजाद हो गए थे, लेकिन देश कोई नया नहीं बना है। दुनिया में सबसे पुराना जीवन लेकर निकले हुए देश हैं। आगे देश कैसे चले, बस इसका एक दस्तावेज बनाना था। अंग्रेज लिखकर गए थे इंडिया, वो भारत जानते ही नहीं थे। आजाद होने पर इस पर चर्चा हुई, सेठ गोविंद दास ने कहा कि नाम भारत होना चाहिए और जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि और पीछे देखने की जरूरत नहीं है, भविष्य की ओर देखने की जरूरत है और इंडिया भी रहा, भारत भी रहा। इंडिया के नजरिए से देखोगे तो भारत समझ नहीं आएगा। इसीलिए इन्होंने अपने गठबंधन का नाम भी इंडिया ही रखा।  
07:56 PM, 17-Dec-2024
संविधान पर चर्चा के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, संविधान दिवस मनाने पर लोग सवाल करते हैं, इसको जितनी बार स्मरण करोगे उतनी ही संविधान पर आस्था मजबूत होगी। अमित शाह ने दुष्यंत कुमार की इमरजेंसी पर लिखी पंक्तियां पढ़ीं- एक गुड़िया की कई कठपुतलियों में जान है..। 
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07:54 PM, 17-Dec-2024
1975 के आपातकाल को लेकर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को लेकर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कई लोगों को इन्होंने जेल में डाल दिया था जिसमें से कई लोग आज इनके साथ बैठे हैं। देश पर कोई हमला हुआ था क्या या देश में कोई आफत आ गई थी। ऐसा कुछ नहीं हुआ था। बस इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को अयोग्य ठहरा दिया था। नीरज डे एक यस सर कहने की वजह से 11 साल तक देश के अटॉर्नी जनरल रहे। मैं तो छोटा था, जेल में नहीं जाना पड़ा। मेरी आयु होती तो पूरे 19 महीने जेल में बंद रहना पसंद करता। मुझे मालूमात इसलिए पड़ी क्योंकि बिनाका गीतमाला सुनता था। घर में झगड़ा किया तो पता चला कि इंदिरा गांधी और किशोर कुमार का झगड़ा हो गया। उनकी आवाज अब नहीं सुनाई देगी। लता दीदी की आवाज में फिर से रिकॉर्डिंग हुई और तब यह कार्यक्रम शुरू हुआ।  
07:52 PM, 17-Dec-2024
'कच्चातिवू द्वीप हमारा भूभाग है, लेकिन हमारे पास नहीं'
अमित शाह ने कांग्रेस पर नागरिक अधिकारों के कत्ल के लिए संविधान संशोधन करने का आरोप लगाते हुए कच्चातिवू द्वीप को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि रातोंरात इन्होंने ये द्वीप श्रीलंका को दे दिया और संसद के पास विषय ही नहीं आया। आज भी यह हमारा भूभाग है, लेकिन हमारे पास नहीं है। आपने पार्टी को तो परिवार की जागीर समझा ही है, संविधान को भी परिवार की जागीर समझ लिया है।
संविधान के साथ ऐसा अन्याय दुनिया के किसी शासक ने नहीं किया होगा।
 
07:48 PM, 17-Dec-2024
'हमने तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम माताओं-बहनों को अधिकार दिया'
वोटबैंक की राजनीति कांग्रेस करती है, वोटबैंक की राजनीति हम नहीं कर रहे हैं। वोटबैंक की राजनीति करके मुस्लिम बहनों के साथ इतने दिनों तक अन्याय करने का काम... कांग्रेस पार्टी ने किया है। हमने तो ट्रिपल तलाक समाप्त करके मुस्लिम माताओं-बहनों को अधिकार दिया।
07:44 PM, 17-Dec-2024
'संविधान लहराने का नहीं, विश्वास का विषय'
अमित शाह ने कहा कि, इस चुनाव में अजीबोगरीब नजारा देखा। किसी ने आम सभा में संविधान को लहराया नहीं। संविधान लहराकर, झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास कांग्रेस के  नेताओं ने किया। संविधान लहराने का विषय नहीं है, संविधान तो विश्वास का विषय है, श्रद्धा का विषय है। लोकसभा में किसी को मालूम नहीं था, जागरुकता नहीं थी। महाराष्ट्र चुनाव में संविधान बांटे गए.. एक पत्रकार के हाथ में आ गया। वह कॉपी कोरी थी...प्रस्तावना तक नहीं थी। 75 साल के इतिहास में संविधान के नाम पर इतना बड़ा छल हमने नहीं देखा है, न सुना है। हार का कारण ढूंढते हैं, बता दूं कि लोग जान गए कि संविधान की प्रति फर्जी लेकर घूमते हो तो लोगों ने हरा दिया।
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