Budget 2024 Live: 2018 से विदेश में 403 भारतीय छात्रों की हुई मौत, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी जानकारी
Interim Union Budget 2024 Highlights In Hindi: संसद के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है। भाजपा सांसद कविता पाटीदार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। धन्यवाद प्रस्ताव में राज्यसभा सदस्यों की तरफ से राष्ट्रपति को अभिभाषण के लिए धन्यवाद दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 31 जनवरी 2024 को बजट सत्र की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए अभिभाषण दिया था, जिसमें उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया था।
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अब तक 20 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श हो चुके
टेलीमेडिसिन परामर्श से संबंधित पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंडाविया ने कहा कि टेलीमेडिसिन गरीब लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा को और अधिक किफायती बनाने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा, अब तक 20 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श हो चुके हैं। इसका मतलब है कि लोगों को 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। मंत्री ने कहा कि लगभग तीन लाख से चार लाख लोग हर दिन टेलीमेडिसिन परामर्श का लाभ उठाते हैं। एक व्यक्ति की बचत 900 रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
मौजूदा कानूनों में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा से निपटने के प्रावधान हैं : मांडविया
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए मौजूदा कानूनों में प्रावधान हैं। स्वास्थ्य मंत्री लोकसभा में कांग्रेस नेता शशि थरूर के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। थरूर ने कार्यस्थल पर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को हिंसा से बचाने के लिए एक कानून बनाने की मांग की थी। मंडाविया ने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मौजूदा कानूनों में प्रावधान हैं, डॉक्टरों को भगवान माना जाता है और उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने डॉक्टरों के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की ओर से जारी हालिया दिशानिर्देशों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को बंधुआ मजदूरों की तरह काम करने के लिए नहीं कहा जा सकता है और उनके काम की तुलना अन्य पेशेवरों से नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मैं सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि वह एनएमसी के सख्त नोटिस को वापस ले जिसमें देशभर में सेवारत डॉक्टरों को बंधुआ मजदूरों की तरह काम करने को कहा गया है।
केंद्र को तमिलों, तमिल गौरव की बिल्कुल भी परवाह नहीं : टी बालू
डीएमके सांसद टीआर बालू ने केंद्र सरकार पर तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। सरकार को तमिलों, तमिल गौरव की बिल्कुल परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शासित राज्यों में राज्यपाल चुनी हुई सरकारों को नीचा दिखाने और उनके कामों में बाधा डालने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। वे खुद को संविधान समेत हर चीज से ऊपर समझते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के लिए अधिक बजटीय आवंटन और पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत शामिल करने की मांग की।
55,000 गांवों में 4जी कनेक्टिविटी के लिए 41,160 मोबाइल टावरों को मंजूरी दी गई है। यह जानकारी सरकार ने राज्यसभा में शुक्रवार को दी। केंद्रीय संचार राज्य मंत्री देवसिंह चौहान ने कहा, भारत में 5जी सेवाएं 1 अक्तूबर 2022 को लॉन्च की गई थीं। 14 महीने के भीतर 4.15 लाख से अधिक 5जी साइटें देश के 742 जिलों में कनेक्टिविटी प्रदान कर रही हैं। चौहान ने कहा, यह दुनिया में कहीं भी 5जी का सबसे तेज रोल-आउट है। उन्होंने कहा,1.88 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सभी बसे हुए गांवों को जोड़ने के लिए भारतनेट कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया गया है। भारतनेट के तहत जुड़ी ग्राम पंचायतों की संख्या 58 से बढ़कर 2.10 लाख हो गई हैं।
रेलवे ने 2022-23 में अब तक का सबसे अधिक 2,40,177 करोड़ का कुल राजस्व हासिल किया है। राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कोविड-19 के बाद यह सबसे ज्यादा राज्सव है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने 100 रुपये कमाने के लिए 98.10 रुपये खर्च किए। वैष्णव अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने सवाल का जवाब दे रहे थे। सरकार ने वैष्णव से पिछले पांच वर्षों में रेलवे का वर्ष-वार परिचालन अनुपात प्रदान करने के लिए कहा। इस पर उन्होंने पिछल पांच साल के परिचालन अनुपात साझा किए। पांच साल में रेलवे ने 100 रुपये कमाने के लिए 2018-19 में 97.30 रुपये, 2019-2020 में 98.36 रुपये और 2020-2021 में 97.45 रुपये, 2021-22 में 107 रुपये खर्च किए।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रेलवे ने टकराव रोधी उपकरण 'कवच' के कार्यान्वयन पर चालू वित्त वर्ष में आवंटित फंड का 40 प्रतिशत से अधिक का उपयोग कर चुकी है। उन्होंने बताया कि 2023-24 में कुल 798.98 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन में से 321.85 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है।
राज्यसभा में सपा सांसद जावेद अली खान की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि 'कवच' एक स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है, जो अत्यधिक गहन तकनीक पर आधारित है। इसके लिए उच्चतम सुरक्षा प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है। वैष्णव ने कहा कि 'कवच' को जुलाई 2020 में राष्ट्रीय एटीपी प्रणाली के रूप में अपनाया गया था। अब तक इसे दक्षिण मध्य रेलवे पर 1,465 किमी और 139 लोकोमोटिव पर तैनात किया जा चुका है।