Omicron Live: केंद्र ने लिखा सभी राज्यों को पत्र, कहा- डेल्टा से तीन गुना संक्रामक है ओमिक्रॉन, सख्त उपाय लागू करें
LIVE India Omicron Cases (ओमिक्रॉन वैरिएंट) COVID-19 Corona New Variant: ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया भर में तेजी से बढ़ता जा रहा है। अमेरिका में मंगलवार को इस संक्रमण से पहली मौत की पुष्टि हुई तो भारत में संक्रमितों की संख्या 202 पहुंच गई। यहां सबसे ज्यादा मामले दिल्ली में सामने आए। राष्ट्रीय राजधानी में अब 54 ओमिक्रॉन संक्रमित हो गए।
लाइव अपडेट
जम्मू-कश्मीर में तीन मामले
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंगलवार को कहा कि तीन लोगों ने कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित पाया गया है। जम्मू और कश्मीर में ऐसा पहला मामला सामने आया है। अधिकारियों ने कहा कि तीनों का कोई विदेश जाने का इतिहास नहीं है और उनकी हालत स्थिर है। विभाग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, "जम्मू में एक क्लस्टर से एनसीडीसी, दिल्ली द्वारा तीन ओमिक्रॉन मामलों की पुष्टि की गई। 30 नवंबर को नमूना लिया गया। पूरे इलाके के आरटीपीसीआर परीक्षण का आदेश दिया गया।"
इंदौर 13 लोग संक्रमित पाए गए
विदेशों से यात्रा कर मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे 13 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 11 का अब भी उपचार किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ बी एस सैत्या ने आज इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने में सामने आए इन 13 विदेश से लौटे नागरिकों के उपचार और स्वास्थ्य प्रगति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए इनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे गए हैं।
टीकाकरण का आंकड़ा 138.89 करोड़ के पार
सरकार ने लिखा सभी राज्यों को पत्र
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को ओमिक्रॉन वायरस के प्रति आगाह किया है। भूषण ने इन्हें पत्र लिखा कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कम से कम तीन गुना अधिक संक्रामक है। इसलिए, स्थानीय और जिला स्तर पर और भी अधिक दूरदर्शिता, डेटा विश्लेषण, तेज निर्णय लेने और सख्त व त्वरित रोकथाम कार्रवाई की आवश्यकता है।इसमें डेटा एनालिसिस पर जोर देते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अपनी सीमा में आने से पहले ही संक्रमण रोकने के उपाय करने के लिए कहा गया है। लेटर में कुछ उपाय भी सुझाए गए हैं। इनमें जरूरत होने पर नाइट कर्फ्यू, भीड़ जुटने पर रोक, ऑफिस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी पाबंदियों का जिक्र है। अस्पताल में बेड, एंबुलेंस, ऑक्सीजन उपकरण और दवाओं के लिए इमरजेंसी फंड इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया गया है।