Maharashtra CM News Live: दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस; विपक्ष के EVM राग पर अजित पवार का हमला
Maharashtra Govt Formation BJP Meeting Today News Live: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा जारी है। आज महायुति के शीर्ष नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक होनी है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर एलान हो सकता है। हालांकि, यह संशय बना हुआ है कि भाजपा मुख्यमंत्री पद अपने पास रखेगी या बड़ा दिल दिखाते हुए शिवसेना के एकनाथ शिंदे को एक बार फिर सीएम बना देगी। यहां पढ़ें सभी अपडेट...
लाइव अपडेट
दिल्ली के दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस
बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस दिल्ली पहुंचे। आज शाम उनका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का कार्यक्रम है।#WATCH बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस दिल्ली पहुंचे।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 28, 2024
आज शाम उनका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का कार्यक्रम है। pic.twitter.com/vajpe5OxlN
विपक्ष के ईवीएम राग पर बरसे अजित पवार
एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा, 'संसदीय चुनाव में ईवीएम ठीक थी क्योंकि परिणाम उनके (महा विकास अघाड़ी) पक्ष में था। विधानसभा चुनाव में परिणाम अलग है और इसलिए वे ईवीएम को दोष दे रहे हैं। अजित पवार ने आगे कहा, हमारी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी थी - इसके लिए हमें अब और काम करने की जरूरत है, हम लड़ेंगे और हमें सफलता मिलेगी।#WATCH | Delhi | NCP chief Ajit Pawar says, "In the parliamnet election, EVM was fine because the result was in their (Maha Vikas Aghadi) favour. In assembly elections, the result is different and hence they are blaming the EVM..."
— ANI (@ANI) November 28, 2024
Ajit Pawar says, "Our party was a national… pic.twitter.com/poR1io9XP5
दिल्ली रवाना हुए एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे स्थित अपने आवास से रवाना हुए। वे आज दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने कहा, वापस आने के बाद (दिल्ली दौरे पर) बात करता हूं।#WATCH महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे स्थित अपने आवास से रवाना हुए। वे आज दिल्ली आ रहे हैं।
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उन्होंने कहा, "वापस आने के बाद (दिल्ली दौरे पर) बात करता हूं।" pic.twitter.com/8gwWciT0Cw
शिंदे के करीबी ने बताया शिवसेना प्रमुख का भविष्य
एकनाथ शिंदे के करीबी नेता और विधायक संजय शिरसाट ने कहा है कि नई सरकार में शिवसेना के प्रमुख का उप मुख्यमंत्री पद लेना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शिंदे कैबिनेट का हिस्सा होंगे, लेकिन मुख्यमंत्री रह चुके एक व्यक्ति का डिप्टी सीएम बनना ठीक नहीं है। उन्होंने साफ किया कि शिवसेना डिप्टी सीएम के पद के लिए दूसरे नेता का नाम देगी।एकनाथ शिंदे ने दबाव में भाजपा के समर्थन वाला बयान दिया: शिवसेना यूबीटी
शिवसेना (यूबीटी) की उपनेता सुषमा अंधारे ने दावा किया कि शिंदे ने भाजपा के भारी दबाव में यह कदम उठाया है। अंधारे ने कहा, ‘‘अगर एकनाथ शिंदे बड़ा दिल दिखाना चाहते तो वह 23 नवंबर को ऐसा करते जब चुनाव परिणाम घोषित हुए और भाजपा के पास संख्याबल था। लेकिन उन्होंने भावनात्मक ब्लैकमेलिंग का सहारा लिया और आखिरी क्षण तक मुख्यमंत्री पद पाने की कोशिश करते रहे।’’
Maharashtra cm news: 'भाजपा किसी दबाव में निर्णय नहीं लेती', बोले शिवसेना-यूबीटी नेता
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता अंबादास दानवे ने बुधवार को कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो स्वतंत्र रूप से निर्णय लेती है और अपने सहयोगी एकनाथ शिंदे के दबाव में काम नहीं करती है। एकनाथ शिंदे फिलहाल महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं। दानवे ने कहा, ‘‘भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो स्वतंत्र रूप से अपने फैसले लेती है। वह शिंदे के दबाव में आकर निर्णय नहीं करती है।’’महाराष्ट्र में क्या है महायुति की सीटों का आंकड़ा?
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन से उबरते हुए भाजपा ने 132 सीट पर जीत दर्ज की जो महायुति की सभी साथी पार्टियों में सबसे ज्यादा है। शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट जीतीं।संजय राउत का महायुति पर तंज
शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता संजय राउत ने गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए महायुति गठबंधन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज उनके पास पूरा बहुमत है...लेकिन सात दिन बाद भी वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं दे पाए हैं। आखिर वजह क्या है?राउत ने कहा, "आखिर प्रधानमंत्री, अमित शाह और उनके नेता मुख्यमंत्री का फैसला क्यों नहीं कर पा रहे? वह (एकनाथ शिंदे) हमेशा बालासाहेब ठाकरे का नाम लेते हैं और शिवसेना के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन उनके फैसले दिल्ली में होते हैं। बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के फैसले कभी दिल्ली में नहीं होते थे। उसके फैसले यहीं मुंबई में होते थे। हम कभी दिल्ली नहीं गए। तब अटल जी और आडवाणी जी हुआ करते थे। हमने कभी उनके सामने दिल्ली जाकर भीख नहीं मांगी।"