फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra CM Politics Shivsena Eknath Shinde following alliance dharma Kalyan MP and Son Shrikant Shinde

...तो शिंदे को अब नहीं मिलेगा CM पद?: बेटे श्रीकांत बोले- पिता ने गठबंधन धर्म के लिए निजी महत्वाकांक्षा छोड़ी

Thu, 28 Nov 2024 12:28 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 28 Nov 2024 12:28 PM IST
सार

श्रीकांत शिंदे ने कहा कि उनके पिता ने एक आम आदमी की तरह काम किया और मुख्यमंत्री आवास 'वर्षा बंगले' के दरवाजे लोगों के लिए खोल दिए। 

विज्ञापन
Maharashtra CM Politics Shivsena Eknath Shinde following alliance dharma Kalyan MP and Son Shrikant Shinde
एकनाथ शिंदे के साथ श्रीकांत शिंदे। - फोटो : ANI

विस्तार

शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा है कि वह अपने पिता एकनाथ शिंदे पर गर्व करते हैं, क्योंकि उन्होंने गठबंधन धर्म के लिए अपनी निजी महत्वाकांक्षा को किनारे कर दिया। एक्स पर एक पोस्ट पर श्रीकांत ने कहा कि उनके पिता का महाराष्ट्र के लोगों के साथ अटूट बंधन है। उन्होंने दिन-रात समाज के हर वर्ग के लिए मेहनत की। 
विज्ञापन


श्रीकांत का यह बयान ऐसे समय में आया है कि जब बुधवार को ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना शिंदे गुट के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सीएम पद को लेकर चल रही चर्चाओं को विराम दे दिया। उन्होंने कहा कि मेरे मन में सीएम बनने की लालसा नहीं है। पीएम मोदी और अमित शाह जो भी निर्णय लेंगे मुझे मंजूर होगा। सरकार बनाते समय मेरी तरफ से कोई अड़चन नहीं आएगी। मैं चट्टान की तरह साथ खड़ा हूं। भाजपा की बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, हमें मान्य होगा। भाजपा का सीएम मुझे मंजूर है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन


इसी को लेकर श्रीकांत शिंदे ने कहा, "मैं अपने पिता और शिवसेना के मुखिया पर गर्व करता हूं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भरोसा रखा है और गठबंधन धर्म का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने इसके लिए अपनी निजी महत्वाकांक्षा को किनारे कर दिया।"
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उनके पिता ने एक आम आदमी की तरह काम किया और मुख्यमंत्री आवास 'वर्षा बंगले' के दरवाजे लोगों के लिए खोल दिए। श्रीकांत ने आगे कहा, "यह कहा जाता है कि सत्ता का लालच सभी को खींचता है, लेकिन एकनाथ शिंदे अपवाद हैं। उनके लिए देश की सेवा और यहां के लोग सबसे पहली प्राथमिकता हैं और उनकी विरासत भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।"

श्रीकांत के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद दोबारा न मिलना लगभग तय हो गया है। दरअसल, महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना और राकांपा के महायुति गठबंधन ने विधानसभा चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया और जीत हासिल की। हालांकि, इन सभी दलों में भाजपा का प्रदर्शन जबरदस्त रहा और वह अकेले ही बहुमत के करीब का आंकड़ा जुटाकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके बाद से ही भाजपा के कई नेताओं की तरफ से मुख्यमंत्री पद पार्टी के पास रखने की मांग उठने लगी। 




महाराष्ट्र में क्या है महायुति की सीटों का आंकड़ा?
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन से उबरते हुए भाजपा ने 132 सीट पर जीत दर्ज की जो महायुति की सभी साथी पार्टियों में सबसे ज्यादा है। शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट जीतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed