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सीबीआई: चंडीगढ़ का आईडीएफसी धोखाधड़ी केस, 75 करोड़ के गबन में अफसर की पत्नी भी शामिल; तीन के खिलाफ चार्जशीट
Fri, 11 Sep 2026 05:03 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 11 Sep 2026 05:03 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : ANI
सीबीआई ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के सीआरईएसटी (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी) के फंड के गबन के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट नवनीत श्रीवास्तव (इंडियन फॉरेस्ट सर्विस अधिकारी- आईएफओएस और सीआरईएसटी के तत्कालीन सीईओ), विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड व उसके डायरेक्टर के खिलाफ दाखिल की गई है। 75 करोड़ रुपये के गबन के केस में इन पर आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने और रिश्वतखोरी, आपराधिक कदाचार व अपराध में मदद करने जैसे आरोप लगे हैं। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से इस फंड का गबन किया गया था।
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जांच में पता चला कि सीआरईएसटी के सीईओ के तौर पर काम करते हुए नवनीत श्रीवास्तव ने दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। सीआरईएसटी के फंड का गबन किया और एक सरकारी कर्मचारी के तौर पर आपराधिक कदाचार करते हुए गैर-कानूनी तरीके से पैसे लिए। उनकी पत्नी, जो विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर हैं, उन्हें और कंपनी को भी अपराध में मदद करने व आपराधिक साजिश का हिस्सा बनने के लिए आरोपी बनाया गया है। इस कंपनी को धोखाधड़ी से हासिल रकम में से 95 लाख रुपये मिले थे। उसने इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया।
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सीआरईएसटी मामले में कुल धोखाधड़ी की रकम 75.4 करोड़ रुपये है। सीबीआई ने इस मामले में पहले ही नवनीत श्रीवास्तव को गिरफ़्तार कर लिया था। वह अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने यह मामला चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से अपने हाथ में ले लिया है। इस आरोप पत्र से पहले, इस मामले में 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
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ये मामले चंडीगढ़ में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 ब्रांच में हुए बड़े बैंकिंग फ्रॉड से जुड़े हैं। इस फ्रॉड में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संगठनों के लगभग 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड को नकली और फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट व धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए निकाल लिया गया था। राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने हरियाणा विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो से हरियाणा वाला मामला अपने हाथ में लिया था।
हरियाणा मामले में सीबीआई ने अब तक 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसके अलावा, सीबीआई ने चंडीगढ़ यूटी के स्मार्ट सिटी / चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से जुड़े तीसरे मामले को भी अपने हाथ में ले लिया है। म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के साथ 78 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में 07 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। फंड के रास्ते (ट्रेल) का पता लगाने और अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए तीनों मामलों की आगे जांच चल रही है। सीबीआई सभी जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि गलत तरीके से निकाले गए पब्लिक फंड के पूरे रास्ते का पता लगाया जाए। अपराध से हासिल हुई रकम को प्रभावी ढंग से जब्त किया जाए।