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वंदे मातरम विवाद पर प्रियांक खरगे: बोले- गांधी-नेहरू की राह पर चलेंगे, देशभक्ति का पाठ भाजपा से क्यों सीखें?
Fri, 11 Sep 2026 04:33 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 11 Sep 2026 04:33 PM IST
सार
कर्नाटक सरकार के सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पद गाने के फैसले का प्रियांक खरगे ने बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला गांधी टैगोर, पटेल और नेहरू जैसे नेताओं की परंपरा के अनुरूप है। खरगे ने भाजपा-आरएसएस पर देशभक्ति का पाठ पढ़ाने को लेकर निशाना साधा।
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प्रियांक खरगे, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रियांक खरगे ने सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' को दो छंदों तक सीमित करने के कर्नाटक सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह फैसला गांधीजी, सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों के फैसले के अनुरूप है।
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प्रियांक खरगे ने क्या कहा?
उन्होंने इस मामले पर भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा। कहा कि उनकी पार्टी और सरकार को उनसे कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है। इसमें क्या गलत है? हमने वही किया है जो हमारे बुजुर्गों ने कहा है। हमने रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, गांधीजी और नेहरू जैसे 8-10 वरिष्ठ नेताओं के फैसलों और उनके बताए रास्ते का पालन किया है। क्या ये लोग (भाजपा) उनसे बड़े हैं?' वंदे मातरम पर राज्य सरकार के फैसले की भाजपा की आलोचना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में खरगे ने यह बात कही।
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भाजपा से क्या सवाल पूछा?
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘क्या हमें उन लोगों से देशभक्ति का पाठ सीखने की जरूरत है जिन्होंने अंग्रेजों से 60 रुपये की पेंशन ली थी? देश की आजादी में उनका क्या योगदान है? हमारा फैसला उन लोगों के फैसले के मुताबिक है जिन्होंने इस देश के लिए लड़ाई लड़ी और अपनी जान दी। हमें भाजपा या आरएसएस से कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है।'
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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने आदेश दिया है कि उसके कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे, सिवाय उन कार्यक्रमों के जिनमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल शामिल हों।
क्या है पूरा मामला?
जनवरी में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि जब 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान 'जन गण मन' एक साथ बजाए जाएं, तो 'वंदे मातरम' के सभी छह पद गाए जाएं। यह निर्देश केंद्र सरकार द्वारा 'वंदे मातरम' के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में जारी किया गया था। हालांकि, कांग्रेस कार्य समिति ने 19 अगस्त को 'वंदे मातरम' पर अपने 1937 के प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया, जिसके तहत पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो पद ही गाए जाएंगे।
पीडब्ल्यूडी मंत्री के खिलाफ छापे पर क्या कहा?
पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली के खिलाफ हाल ही में ईडी द्वारा की गई छापेमारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए, खरगे ने पूछा कि इस तरह की छापेमारी केवल कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ ही क्यों हो रही है। उन्होंने दावा किया, 'पिछले कुछ वर्षों में 196 छापे मारे गए हैं, जिनमें से केवल दो में ही दोषसिद्धि हुई है।'
विपक्ष के नेता आर अशोक के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) से संबंधित अनियमितताओं के सिलसिले में उनके समेत दो और मंत्री जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं, खरगे ने भाजपा नेताओं को हवा में गोलियां चलाने के बजाय सबूत या दस्तावेज पेश करने और उनके इस्तीफे की मांग करने की चुनौती दी।