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Uttarakhand Samwad 2026 Live: आरजे प्रवीन बोले- कंटेंट ऐसा लेकर आओ जो रिलेटेबल हो, यही सबसे जरूरी है

Wed, 24 Jun 2026 08:01 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: Akash Dubey Updated Wed, 24 Jun 2026 08:01 PM IST
खास बातें

देवभूमि के विकास पर अमर उजाला संवाद के मंच पर मंथन चल रहा है। देहरादून में आयोजित हो रहे अमर उजाला संवाद के इस मंच पर विचारों और अनुभवों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 'सतत विकास' की थीम पर किए गए इस खास आयोजन में खेल, राजनीति, अध्यात्म और मनोरंजन से जुड़ी दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं।

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Amar Ujala Uttarakhand Samwad 2026 Live Guest List Pushkar Dhami jp nadda Mohammad Kaif actor Rakesh Bedi
Amar Ujala Uttarakhand Samwad - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

06:57 PM, 24-Jun-2026

सवाल- आरजे राघव, आपका कभी दिल टूटा

आरजे राघव (जवाब)- नहीं टूटा दिल। मैं जब जहां हूं, उसे एन्जॉय करता हूं। स्टारडम वाले लोग जब सोशल मीडिया पर आ रहे तो आम लोग क्यों न आएं। 
06:37 PM, 24-Jun-2026

रियल और ऑथेंटिक कंटेंट कैसा होना चाहिए? जो अच्छी जानकारी भी दे जाए।

अंकुर: जाे कुछ भी आपने कॉपी नहीं किया बस वहीं रियल कंटेंट है। आप अगर कुछ ऑब्जर्व करके उसे कंटेंट बना रहे हो और वो दूसरे से अलग हैं तो ही काम का है। थोड़ा बहुत मिर्च-मसाला लगाना भी ठीक है कंटेंट के लिए।
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06:31 PM, 24-Jun-2026

ट्रेंड फाॅलो करना सही है या खुद पर भरोसा करना?

राघव: आप अगर खुद पर भरोसा ही नहीं कर सकते तो ट्रेंड फाॅलो करने का भी कोई फायदा नहीं। तो खुद पर भरोसा रखना सबसे पहले जरूरी है। बाकी आप ट्रेंड फॉलो करिए और उसमें कुछ नया जोड़ते रहिए।
06:30 PM, 24-Jun-2026

सवाल- कंटेंट क्रिएटिंग में लोग बच्चों को घसीट रहे हैं, यह कितना सही है?

जवाब- शायद यह किसी को सही नहीं लगता है। लेकिन इंटरनेट की दुनिया में एक होड़ सी मची हुई है, नंबर्स की होड़ मची हुई है। दूसरों के बच्चे फेमस हो रहे हैं, हमारे बच्चे क्यों नहीं। इस सब से बच्चों को दूर रखना ही चाहिए।
06:23 PM, 24-Jun-2026

आपकी यात्रा को देखते हुए नए क्रिएटर्स को क्या कहना चाहेंगे?

प्रवीन: सबसे जरूरी है कि आप कंटेंट ऐसा लेकर आओ जो रिलेटेबल हो। यही सबसे जरूरी है। दूसरा आज कल वाइब बहुत जरूरी हो गई है। अगर वाइब नहीं मिल रही तो लोग नहीं रुकते। नए कंटेंट क्रिएटर्स से इतना कहूंगा कि आप ओरिजिनल रहिए और सिर्फ पैसे कमाने के लिए यह काम मत करिए। लोगों से फीडबैक भी लेते रहें। ऐसा ना हो कि आपका कंटेंट सिर्फ आपके लिए ही फनी है।
06:21 PM, 24-Jun-2026

आप लोगों का मूड बदल देते हैं। जब अपना मूड खराब होता है तो कैसे बेहतर बनाते हैं? 

 

जवाब प्रवीन: जब आप क्रिएटिव लोगाें से घिरे होते हैं तो आपका मूड कभी ऑफ ही नहीं होता। इस फील्ड में खुशमिजाज लोग ही मिलते हैं। हमारे अंदर एंटरटेनमेंट के लिए कीड़ा हमेशा से था। सोशल मीडिया हमारे लिए काफी कुछ नया लेकर आया। अब हम वीडियो बनाकर लोगों को एंटरटेन करते हैं।

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06:15 PM, 24-Jun-2026

'सोशल मीडिया से स्टारडम' विषय पर चर्चा

आरजे राघव, आरजे प्रवीन, अंकुर अग्रवाल संवाद के मंच पर पहुंच गए हैं। सोशल मीडिया से स्टारडम विषय पर चर्चा होगी। 
06:11 PM, 24-Jun-2026

उत्तराखंड में चार नए मेडिकल कॉलेज: नड्डा

जेपी नड्डा ने कहा, उत्तराखंड की बात करूं तो एम्स ऋषिकेश ने हेल्थ सेक्टर में लीड है। बहुत जल्द ऊधमसिंह नगर में सेटेलाइट सेंटर आ जाएगा, जो लगभग 500 करोड़ की लागत से बन रहा है। क्रिटिकल केयर ब्लॉक में 124 करोड़ रुपये खर्च करके एम्स ऋषिकेश में स्थापित किया है। उसी तरह से अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, हरिद्वार में चार नए मेडिकल कॉलेज एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करके आगे इसे आगे बढ़ाया है।
05:58 PM, 24-Jun-2026

बहुत समय तक मेंटल हेल्थ इग्नोर हुई: नड्डा

हमने एक इनिशिएटिव लिया है, वह दो कारणों से है। एक तो बहुत समय तक मेंटल हेल्थ इग्नोर हुआ, अब कारण उसके कुछ भी हों हम किसी पर उसकी जवाबदेही डाले यह नहीं है। लेकिन हमें यह मालूम है कि मेंटल इलनेस को कोई व्यक्ति जाहिर नहीं करना चाहता और हमें यह भी मालूम है कि मेंटल इलनेस है इसको मरीज मानने से भी इनकार करता है। इसलिए कैसे इसे दायरे में ले सकें इसके लिए हमने टेलीमानस शुरू की। जहां फ्री टोल नंबर पर हम मेंटल इलनेस से प्रभावित लोगों के प्रश्नों का हम कंसल्टेशन दे रहे हैं।
05:53 PM, 24-Jun-2026

भारत नेतृत्व की क्षमता के साथ तीव्र गति से आगे बढ़ रहा: नड्डा

जेपी नड्डा ने कहा, इससे पहले राजनीति कैसी होती थी। इससे पहले हम जीतते थे सबके प्रयास से, लेकिन सरकार सीमित हो जाती थी एक जाति के साथ एक क्षेत्र के साथ। लोग कहते थे फलाने मुख्यमंत्री बन गए हैं तो अब सिर्फ उस क्षेत्र का विकास का होगा। सरकार सबकी होती थी लेकिन सीमित हो जाती थी एक परिवार के साथ। लेकिन अब राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। अब सरकार सबका साथ-सबका विकास के साथ काम कर रही है। अब भारत नेतृत्व की क्षमता के साथ तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। 
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