Maha kumbh 2025: ‘अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव’ का हुआ समापन, ज्योतिष विद्या समेत इन विषयों पर हुई चर्चा
{"_id":"6793efbc10d779a8e4072e9a","slug":"jyotish-mahakumbh-mahotsav-2025-date-address-kumbh-mela-triveni-sangam-prayagraj-live-updates-news-in-hindi-2025-01-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Maha kumbh 2025: ‘अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव’ का हुआ समापन, ज्योतिष विद्या समेत इन विषयों पर हुई चर्चा","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
Sat, 25 Jan 2025 06:07 PM IST
श्वेता सिंह
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sat, 25 Jan 2025 06:07 PM IST
खास बातें
Jyotish Mahakumbh Mahotsav 2025 Prayagraj: प्रयागराज में जहां एक ओर पर 144 साल बाद महाकुंभ का आयोजन हुआ है वहीं दूसरी ओर अमर उजाला ने भी त्रिवेणी संगम पर ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया। 25 जनवरी को प्रयागराज की धरती पर अमर उजाला और इसके सहयोगी उपक्रम जीवांजलि तथा माय ज्योतिष द्वारा 'अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव' का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव में कई ज्योतिषाचार्य और इस क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
'अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव'
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
05:41 PM, 25-Jan-2025
आचार्य शुभेष शर्मन ने बताया दान का महत्व
आचार्य अनिल वत्स ने कहा कि ग्रहों का अपना औरा और विद्युत चक्र है। जलाशय में जैसे पत्थर फेंकते हैं तो भंवर उठकर अंतिम छोर तक जाता है। इसी तरह ग्रहों के लिए उपाय करने से समाधान मिलता है। चंद्रमा मां, सूर्य पिता, शुक्र पति या पत्नी का रूप होते हैं। शनि घर के कर्मचारी जैसे होते हैं। इसी पर शुभेष शर्मन ने कहा कि या तो हम ग्रहों की वस्तुओं को अपनाते हैं या दूर करते हैं। वस्तुएं यानी रत्न, धातुएं या सजीव संबंधी। वस्तुओं को अपने से दूर करना यानी दान करना। जैसे- गोशाला में जाकर चारा दान करना या चने की दाल के साथ गुड़ खिलाना या बछड़े की सेवा करना। वैदिक ज्योतिष कहता है कि दान करें, लेकिन सही जगह करें और सही पात्र को दान करें।
आचार्य अनिल वत्स ने कहा कि ग्रहों का अपना औरा और विद्युत चक्र है। जलाशय में जैसे पत्थर फेंकते हैं तो भंवर उठकर अंतिम छोर तक जाता है। इसी तरह ग्रहों के लिए उपाय करने से समाधान मिलता है। चंद्रमा मां, सूर्य पिता, शुक्र पति या पत्नी का रूप होते हैं। शनि घर के कर्मचारी जैसे होते हैं। इसी पर शुभेष शर्मन ने कहा कि या तो हम ग्रहों की वस्तुओं को अपनाते हैं या दूर करते हैं। वस्तुएं यानी रत्न, धातुएं या सजीव संबंधी। वस्तुओं को अपने से दूर करना यानी दान करना। जैसे- गोशाला में जाकर चारा दान करना या चने की दाल के साथ गुड़ खिलाना या बछड़े की सेवा करना। वैदिक ज्योतिष कहता है कि दान करें, लेकिन सही जगह करें और सही पात्र को दान करें।
05:29 PM, 25-Jan-2025
पत्नी सुख के लिए करें ये उपाय
आचार्य अनिल वत्स कहते हैं कि एक कटोरी में जल लेकर उसमें दो इलायची डाल दें। अब एक मंत्र का जाप करें। मंत्र का जप करने के बाद उसमें फूंक मार दें और फिर उस जल को पी लें। ऐसा करने पर उस जल में मंत्र का प्रभाव उतर जाता है और जातक को अच्छे परिणाम मिलते हैं।
विज्ञापन
05:12 PM, 25-Jan-2025
सूर्य और चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय
आचार्य अनिल वत्स ने कुंडली में ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए उपाय बताए। उन्होंने कहा यदि किसी जातक को कुंडली में चंद्रमा मजबूत करना है, तो वह अपनी माता के चरण स्पर्श करें। वहीं सूर्य को मजबूत करना है तो पिता के पैर छुएं, यह एक आसान तरीका है।
आचार्य अनिल वत्स ने कुंडली में ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए उपाय बताए। उन्होंने कहा यदि किसी जातक को कुंडली में चंद्रमा मजबूत करना है, तो वह अपनी माता के चरण स्पर्श करें। वहीं सूर्य को मजबूत करना है तो पिता के पैर छुएं, यह एक आसान तरीका है।
04:56 PM, 25-Jan-2025
क्या है पंच महापुरुष योग ?
आचार्य जीडी वशिष्ठ ने कहा कि राहु हमारी सोच है और केतु कर्म है। वहीं उन्होंने पंच महापुरुष के विषय में बताया कि मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र व शनि के कारण पांच विशिष्ट योग बनते हैं, जिन्हें 'पंच महापुरुष' योग कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे भाग्यशाली माना गया है।
आचार्य जीडी वशिष्ठ ने कहा कि राहु हमारी सोच है और केतु कर्म है। वहीं उन्होंने पंच महापुरुष के विषय में बताया कि मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र व शनि के कारण पांच विशिष्ट योग बनते हैं, जिन्हें 'पंच महापुरुष' योग कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे भाग्यशाली माना गया है।
04:48 PM, 25-Jan-2025
रेखाएं हमेशा सच बोलती हैं- आचार्य युवराज राजौरिया
आचार्य युवराज राजौरिया ने बताया कि व्यक्ति के जीवन में तिलों का खास महत्व होता है। लेकिन तिल हाथ में किस जगह पर है, यह जानना भी जरूरी है। वहीं उन्होंने कहा कि हस्तरेखाएं व्यक्ति के जन्म से आती हैं, इनमें कोई गुंजाइश नहीं होती हैं, यह हमेशा सच बोलती हैं।
आचार्य युवराज राजौरिया ने बताया कि व्यक्ति के जीवन में तिलों का खास महत्व होता है। लेकिन तिल हाथ में किस जगह पर है, यह जानना भी जरूरी है। वहीं उन्होंने कहा कि हस्तरेखाएं व्यक्ति के जन्म से आती हैं, इनमें कोई गुंजाइश नहीं होती हैं, यह हमेशा सच बोलती हैं।
04:39 PM, 25-Jan-2025
जो सोचा जाए वह भाग्य है
आचार्य संतोष 'संतोषी' ने व्यक्ति के भाग्य को लेकर कहा कि जो सोचा जाए वह भाग्य है, और जो न सोचा जाए वही दुर्भाग्य है।
आचार्य संतोष 'संतोषी' ने व्यक्ति के भाग्य को लेकर कहा कि जो सोचा जाए वह भाग्य है, और जो न सोचा जाए वही दुर्भाग्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
04:34 PM, 25-Jan-2025
राह-केतु से डरने की नहीं है जरूरत
आचार्य युवराज राजौरिया ने कहा राहु-केतु छाया ग्रह है, इनके प्रभाव से डरने की जरूर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई बार दूसरे ग्रह भी अच्छे परिणाम नहीं देते हैं, लेकिन राहु-केतु से वह फल प्राप्त होता है। इसलिए राहु-केतु ग्रह से भयमित होने की आवश्यकता नहीं है।
आचार्य युवराज राजौरिया ने कहा राहु-केतु छाया ग्रह है, इनके प्रभाव से डरने की जरूर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई बार दूसरे ग्रह भी अच्छे परिणाम नहीं देते हैं, लेकिन राहु-केतु से वह फल प्राप्त होता है। इसलिए राहु-केतु ग्रह से भयमित होने की आवश्यकता नहीं है।
04:23 PM, 25-Jan-2025
सप्तशती का करें पाठ
आचार्य संतोष 'संतोषी' ने कहा यदि कोई व्यक्ति अच्छा नहीं कमा पा रहा है, तो उसे एक बार अपनी कुंडली दिखा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी क्षमता और कीमत खुद तय करनी चाहिए। साथ ही पूजा के समय हमेशा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। यह देवी को प्रसन्न करने का पाठ है।
आचार्य संतोष 'संतोषी' ने कहा यदि कोई व्यक्ति अच्छा नहीं कमा पा रहा है, तो उसे एक बार अपनी कुंडली दिखा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी क्षमता और कीमत खुद तय करनी चाहिए। साथ ही पूजा के समय हमेशा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। यह देवी को प्रसन्न करने का पाठ है।
03:56 PM, 25-Jan-2025
टेक्नोलॉजी से तालमेल रखें ज्योतिषाचार्य
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव' में आए वक्ता ने कहा कि ज्योतिषियों की जिम्मेदारी है कि वह टेक्नोलॉजी से तालमेल बनाकर रखें।
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव' में आए वक्ता ने कहा कि ज्योतिषियों की जिम्मेदारी है कि वह टेक्नोलॉजी से तालमेल बनाकर रखें।
03:34 PM, 25-Jan-2025
योग से लगता है महाकुंभ
आचार्य नीलम शर्मा ने कहा जब ज्योतिष के साथ नई पीढ़ी जुड़ती हैं, तो हमारा दायित्व बढ़ जाता है। उन्होंने कहा जब भी गुरु वृषभ में और सूर्य मकर राशि में होते हैं, तब ही महाकुंभ लगता है, क्योंकि योग बनता है, इसलिए योग का बड़ा योगदान होता है।
आचार्य नीलम शर्मा ने कहा जब ज्योतिष के साथ नई पीढ़ी जुड़ती हैं, तो हमारा दायित्व बढ़ जाता है। उन्होंने कहा जब भी गुरु वृषभ में और सूर्य मकर राशि में होते हैं, तब ही महाकुंभ लगता है, क्योंकि योग बनता है, इसलिए योग का बड़ा योगदान होता है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन