मानसून में होने वाली बीमारियों से बचाएगा ये खास तरह का योग
मानसून अपने साथ वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी कई बीमारियां साथ लता है। यह वर्ष का वह समय है जब लोग डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, हैजा, टाइफाइड, पेट में संक्रमण और कई अन्य बीमारियों के शिकार होने के अधिक जोखिम में होते हैं। जबकि बारिश तापमान को ठंडा करती है, लोगों के लिए बहुत जरूरी राहत लाती है, हालांकि ये मौसम कई लोगों के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है, खासकर ये मौसम कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए। फिर भी, हर दिन योग का अभ्यास करने में बिताए गए कुछ मिनट आपकी प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं, जिससे आप स्वस्थ मानसून का आनंद ले सकते हैं।
बारिश का नकारात्मक पक्ष यह है कि यह आपको घर के अंदर रखता है, जो उन लोगों के लिए नुकसानदेह है जो पार्क और बाहर व्यायाम करने का आनंद लेते हैं। घर पर या अपनी बालकनी में अपना योगा मैट बिछाकर अपने व्यायाम की दिनचर्या को रोकने से बचें। आप अपने आसन, प्राणायाम या ध्यान का अभ्यास सुरक्षित रूप से घर के अंदर भी कर सकते हैं।
मानसून में होने वाली बीमारियों से बचाएगा ये खास तरह का योगखास बात ये है कि कुछ विशिष्ट आसन और योगिक तकनीके हैं जो मानसून के लिए बनाई गई हैं जो आपको मजबूत प्रतिरक्षा देने में मदद करते हैं। ऐसा ही हिमालयी प्रवाह का जल नमस्कार है। यह एक शक्तिशाली तकनीक है जिसमें आसन होते हैं जो पानी के तत्त्व के अनुरूप होते हैं। जल नमस्कार 28 काउंट के साथ बनाया गया विन्यास है जो आपके शरीर के अंदर जल तत्व को पहचानने और अनुभव करने में आपकी मदद करेगा।इस आसन विनयसा को 'फ्लो' भी कहा जाता है, जिनकी गुणवत्ता पानी से संबंधित है, पद्मासन, अर्ध मत्स्येन्द्र आसन, हलासना, सुपता वज्रासन और मत्स्य आसन।