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Shubhanshu Shukla: शुभांशु शुक्ला कौन हैं, जो Axiom-4 मिशन में भारत का झंडा लेकर जा रहे हैं अंतरिक्ष
Wed, 25 Jun 2025 11:53 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Wed, 25 Jun 2025 11:53 AM IST
सार
Who Is Shubhanshu Shukla: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारत के पहले अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चयनित किए गए चार अंतरिक्षयात्रियों में से एक हैं। शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी पायलट और टेस्ट फ्लाइंग विशेषज्ञ हैं।
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शुभांशु शुक्ला।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Who Is Shubhanshu Shukla : बहुप्रतीक्षित मिशन एक्सिओम-4 मिशन 25 जून को दोपहर 2:31 बजे फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे, जिसमें से एक भारत के शुभांशु शुक्ला हैं। एक्सिओम मिशन अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारत की इसरो की एक संयुक्त पहल है। इस मिशन के साथ ही भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इतिहास रचेंगे।
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शुभांशु शुक्ला कौन हैं?
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारत के पहले अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चयनित किए गए चार अंतरिक्षयात्रियों में से एक हैं। शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी पायलट और टेस्ट फ्लाइंग विशेषज्ञ हैं, जिन्हें हाल ही में Axiom Mission 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरने के लिए नामित किया गया है। यह मिशन भारत के लिए ऐतिहासिक साबित होने वाला है क्योंकि इसमें पहली बार कोई भारतीय वैज्ञानिक और वायुसेना अधिकारी विदेशी सहयोग से अंतरिक्ष स्टेशन तक जाएंगे।
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अंतरिक्ष यात्रा में भूमिका
शुभांशु शुक्ला इस मिशन में पायलट की भूमिका निभाएंगे और तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्रियों के साथ दो हफ्ते तक आईएसएस पर रुकेंगे। अंतरिक्षयात्री राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बनेंगे। शुभांशु शुक्ला की ये यात्रा 1984 में राकेश शर्मा की यात्रा के चार दशक बाद हो रही है। 1984 में राकेश शर्मा ने रूस के सोयुज अंतरिक्षयान पर अंतरिक्ष की यात्रा की थी।
शुभांशु शुक्ला का जीवन परिचय
शुभांशु शुक्ला उत्तर प्रदेश के लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने फ्लाइट साइंस और एविएशन की पढ़ाई की। शुभांशु ने भारतीय वायुसेना में अपने करियर की शुरुआत एक युवा पायलट के रूप में की थी और अब तक उन्होंने कई अहम मिशनों में भाग लिया है।
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शुभांशु शुक्ला का करियर
शुभांशु फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक टेस्ट पायलट हैं, जिनके पास लगभग दो हजार घंटे की उड़ान का अनुभव है। जून 2006 में शुभांशु ने वायुसेना की फाइटर विंग में कमीशन प्राप्त किया। वह फाइटर जेट उड़ाने वाले बेड़े का हिस्सा बने। बाद में मार्च 2024 में शुभांशु को ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली। उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे कई विमान उड़ाए हैं। उनका फ्लाइंग अनुभव और वैज्ञानिक समझ ही उन्हें इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनने में मददगार साबित हुआ।
गंगनयान मिशन की ट्रेनिंग की पूरी
शुभांशु वर्ष 2019 में भारत के पहले मानव अंतरिक्ष अभियान गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुने गए थे। उन्होंने भारत और रूस के बीच गगनयान मिशन की ट्रेनिंग के लिए हुए समझौते के तहत 2021 में मॉस्को में गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद इसरो के बंगलूरू स्थित ट्रेनिंग सेंटर में जारी परीक्षणों में भी शामिल रहे। 27 फरवरी, 2024 को गगनयान मिशन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु शुक्ला के नाम की घोषणा की। वहीं बीते साल अगस्त में एक्सिओम मिशन-4 के लिए चयन हुआ और 31 जनवरी, 2025 को आखिरकार मिशन के अंतिम क्रू मेंबर में शामिल हुए।
शुभांशु की जीवनशैली
ग्रुप कैप्टन शुभांशु की जीवनशैली बेहद अनुशासित, स्वस्थ, और सादा है। एक वायुसेना अधिकारी के रूप में उन्होंने हमेशा फिटनेस और मानसिक संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वे योग और ध्यान को रोजमर्रा के जीवन में अपनाते हैं ताकि उच्च मानसिक दबावों में भी स्थिरता बनाए रख सकें। उनकी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, पोषणयुक्त आहार और सात्विक जीवनशैली शामिल है। पढ़ाई, अनुसंधान और तकनीकी अपडेट में उनकी गहरी रुचि है।