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इस वीकेंड जरूर जाएं दिल्ली के पास बसी इस पहाड़ी जगह, दिखेगा भारत का सबसे पुराना इतिहास
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Mon, 12 Aug 2019 10:59 AM IST
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साल में एक बार किसी बेहतरीन जगह घूमने तो जाना ही चाहिए। ऐसे में देश के इतिहास से जुड़ी दिलचस्प जगह देखने को मिले तो विश्वास मानिए सफर खूबसूरत होने के साथ-साथ ज्ञानवर्धक बन जाता है और आपको पता भी नहीं चलता। अगर हिल स्टेशन जाने का प्लान है तो दिल्ली के करीब बसे इस हिल स्टेशन जरूर जाएं और इतिहास को करीब से देखें।
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हिमाचल प्रदेश की मशहूर जगह धर्मशाला से करीब 20 किमी दूर स्थित कांगड़ा जिले में भारत के सबसे पुराने किलों में से एक कांगड़ा फोर्ट स्थित है। यह भारत के सबसे बड़े किलों में से एक है और यह शिवालिक हिलसाइड के पास 463 एकड़ में फैला हुआ है।
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कांगड़ा फोर्ट को लेकर कई कहानियां हैं जो कि लूट, विश्वासघात और विनाश से जुड़ी हैं। ऐसा कहा जाता है कि किले का निर्माण कटोच वंश के महाराजा सुशर्मा चंद्र ने कराया था। कटोच वंश का पता प्राचीन त्रिजटा राज्य से चलता है जिसका जिक्र महाभारत में अहम जनपद के रूप में किया गया है।
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त्रिजटा के राजा सुशर्मा चंद्र ने युद्ध में अहम किरदार निभाया था जब उन्होंने अर्जुन का ध्यान भटका दिया और इस बीच द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह बनाया जिससे अर्जुन के बेटे अभिमन्यु को मारा गया। कौरवों की हार के बाद राजा सुशर्मा चंद्र के वंशजों ने अपनी राजधानी कांगड़ा को बना लिया। एक समय था जब कांगड़ा किला अपार धन के लिए मशहूर था। यही वजह थी कि इस पर महमूद गजनी, मोहम्मद बिन तुगलक, फिरोज शाह तुगलक, अकबर ने हमले किए।
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1789 में आखिरकार कटोच वंश के राजा संसार चंद द्वितीय ने मुगलों से अपने प्राचीन किले को जीता लेकिन 1809 में महाराजा रणजीत सिंह ने किले पर कब्जा कर लिया। उसके बाद यह अंग्रेजों के अधीन हो गया। धर्मशाला और मैकलॉडगंज से यहां कुछ दूरी का रास्ता है। किले के पीछे महाराजा संसार चंद कटोच म्यूजियम है जिसे कटोच परिवार के द्वारा चलाया जाता है।
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