केवल आगरा में नहीं इन जगहों पर भी है ताजमहल की परछाई , खूबसूरती को करती हैं बयां
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ताजमहल पूरे दुनिया में प्यार की निशानी के लिए मशहूर है। शाहजहां ने बेगम मुमताज की याद में ताजमहल को बनवाया था। ताज का दीदार करने देश ही नहीं विदेश से भी पर्यटक आते है। सफेद संगमरमर के चमकीले पत्थर से बनी ताजमहल का नाम दुनिया के सात अजूबों में भी शुमार है। बता दें ताजमहल जब बनकर तैयार हुआ शाहजहां ने ताजमहल बनाने वाले सभी कारीगरों का हाथ कटवा दिया था, कि भविष्य में दूसरा ताजमहल ना बनाया जा सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ उनकी सोच को लोगों ने बदल दिया। आज ताजमहल जैसी कई इमारत दुनिया में बनी है जो हू बहू ताजमहल जैसी नजर आती है। ताज जैसी जुड़वा इमारतें भारत में ही नहीं विदेशों में भी मौजूद हैं।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक मकबरा बना हुआ है जिसे वहां के लोग बीवी का मकबरा कहते है। इस मकबरे को शाहजहां के परपोते ने अपनी मां की याद में बनवाया था। जिनका नाम था, दिलसार बानो बेगम इसके गुम्बद पर सिर्फ पत्थर लगाया गया है। बाकी सभी दीवारों को मिट्टी से बनाया गया है। इसे छोटा ताजमहल कहा जाता है।
शाहजहां के अलावा एक व्यक्ति और भी है जो अपनी पत्नी से बेपनहा मोहब्बत कराता था। बुलंदशहर के फैजल अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता थे। थ्रोट कैंसर से 2011 में पत्नी की मौत हो गई जिसके बाद उसने अपनी पूरी कमाई उस मकबरा को बनाने में लगा दी जो ताजमहल जैसा दिखता है। हालांकि अभी तक संगमरमर नहीं लगवा पाया है।
भारत से सटे बंग्लादेश में भी ताजमहल बना हुआ है। जिसे फिल्म डायरेक्टर असनुल्ला द्वारा बनवाया गया है। दरअसल असनुल्ला भारत घूमने आएं थे और ताजमहल की कहानी से बहुत प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने अपने देश में ताजमहल बनवा दिए। हालांकि इस ताजमहल को प्यार की निशानी के लिए नहीं बनाया गया।