कुछ पल शांति से बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड की ये 2 जगहें हैं बेस्ट ऑप्शन
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कहते हैं, 'गागर' पर्वत क्षेत्र में कभी महर्षि गर्गाचार्य ने तपस्या की थी, उन्हीं के नाम पर इसका नाम गागर पड़ा है। रामगढ़ की पर्वत चोटी पर जो बंगला है, उसी में एक बार विश्वकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर आकर ठहरे थे।
देश-विदेश में अनेक जगहों में घूम चुका हूं। हाल ही में उत्तराखंड भ्रमण के दौरान गागर व रामगढ़ जाने का सबब बन गया। वैसे मैं पहली बार यहां गया था, लेकिन अब बार-बार यहां जाने का मन कर रहा है। इससे पहले मैंने विदेश में कई जगहों की यात्राएं कीं, मगर उत्तराखंड की इस यात्रा के दौरान गागर और रामगढ़ जैसी शांतचित्त जगहों पर जाकर मन को जो सुकून मिला, वह इससे पहले कहीं नहीं मिला था।
रामगढ़ अपने आप में प्रकृति का ऐसा नजारा समेटे हुए है, जो पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। हैरत यह देखकर हुई कि नैनीताल से करीब 24 किलोमीटर दूर इस शांत व खूबसूरत क्षेत्र में कई सेलिब्रिटीज ने अपने आशियाने बना रखे हैं। यहां दिवंगत प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल का आशियाना बना हुआ है, तो वहीं बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता-निर्देशक कबीर खान व मिनी माथुर ने भी यहां अपना शानदार रिजोर्ट बनाया हुआ है। ऐसे ही अनेक दिग्गजों के रिजोर्ट इस क्षेत्र में बने नजर आते हैं।
सेलिब्रिटी जब मुंबई की भागदौड़ में थककर चूर हो जाते हैं, तो अपने आराम के लिए यहां बनाए गए रिजोर्ट में आकर छुट्टियां बिताकर जाते हैं। यहां चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है, तो ऊपर खुला आसमां दिखाई देता है। हर घर में रंग-बिरंगे विभिन्न किस्मों के सैकड़ों फूल लगे नजर आते हैं। लकड़ी के कॉटेजनुमा घरों के आसपास लगे फूल देख मन पुलकित हो उठता है। बगीचों में गमलों व छोटे-छोटे पेड़ों पर ही बड़े-बड़े आम, सेब व अन्य फल लगे नजर आते हैं। मार्केट से खरीदकर फल तो रोज ही खाते थे, यहां बागों से तोड़-तोड़कर फल खाने का मजा भी अलग ही है।
गर्मियों में यहां घूमना और भी मजेदार अनुभव कराता है। किसी भी घर में यहां एसी, कूलर या पंखा लगा नजर नहीं आता है, क्योंकि यहां अक्सर मौसम ठंडा ही रहता है। छोटे-छोटे पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलकर एक से दूसरे पहाड़ तक जाना भी रोमांच पैदा करता है। यहां के पर्वतीय क्षेत्र बहुत ऊंचे हैं। इन क्षेत्रों में तो खुद ड्राइविंग का अनुभव भी अलग होता है। पहाड़ों पर खुद ड्राइविंग करके गया हूं। मगर इस बार पहाड़ों पर ड्राइविंग का रोमांच ही अलग रहा, क्योंकि इससे पहले ऐसे ऊंचे व खतरनाक पहाड़ी क्षेत्र में कभी ड्राइविंग करने का मौका नहीं मिला था।
रामगढ़ से हिमालय भी बिल्कुल पास नजर आता है। इस इलाके के लोग बहुत ही मिलनसार हैं, वे इतना मीठा बोलते हैं कि उनकी बातें सुनते रहो। रामगढ़ क्षेत्र से ही कुछ दूरी पर स्थित घोड़ाखाल मंदिर है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर में हजारों-लाखों घंटियां बंधी नजर आती हैं, जो श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रतीक हैं। इस मंदिर की इतनी प्रसिद्धि के चलते यहां कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। रामगढ़ के पास भीमताल व नैनीताल जैसे मुख्य हिल स्टेशन तो देखने लायक हैं ही, मगर जो लोग भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर कुछ दिन बिताना चाहते हैं, ऐसे लोगों के लिए गागर या रामगढ़ देखने लायक है।
(जगदीश जोशी से बातचीत पर आधारित)