Ramadan 2025: कहां है भारत की सबसे पुरानी मस्जिद? सफर से पहले जान लें इसका इतिहास
अगर आप इतिहास, वास्तुकला, या धार्मिक पर्यटन में रुचि रखते हैं तो यह मस्जिद जरूर देखने लायक है। माह ए रमजान में भारत की सबसे पुरानी मस्जिद के इतिहास और इसके सफर के बारे में जानिए।
विस्तार
Cheraman Juma Masjid: भारत की सबसे पुरानी मस्जिद चेरामन जुमा मस्जिद है, जो केरल के त्रिशूर जिले के मथला गांव में स्थित है। यह मस्जिद न केवल भारत बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सबसे प्राचीन मस्जिदों में से एक मानी जाती है। इसके साथ ही इसे दुनिया की दूसरी सबसे पुरानी मस्जिद माना जाता है। इसकी स्थापना 629 ईस्वी में हुई थी, जिसे इस्लाम के आगमन के शुरुआती वर्षों का प्रमाण माना जाता है।
चेरामन जुमा मस्जिद भारत में इस्लाम के आगमन की ऐतिहासिक गवाही देती है। यह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि सांस्कृतिक समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। अगर आप इतिहास, वास्तुकला, या धार्मिक पर्यटन में रुचि रखते हैं तो यह मस्जिद जरूर देखने लायक है। माह ए रमजान में भारत की सबसे पुरानी मस्जिद के इतिहास और इसके सफर के बारे में जानिए।
चेरामन जुमा मस्जिद का इतिहास
इस मस्जिद का निर्माण एक रोचक ऐतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि चेरामन पेरुमल, जो केरल के एक हिंदू राजा थे, ने मक्का की यात्रा की और वहां इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। इस दौरान उनकी मुलाकात पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के साथ हुई। बाद में जब वे भारत वापस लौटने लगे, तो उन्होंने मलिक बिन दीनार और उनके साथियों को अपने क्षेत्र में इस्लाम का प्रचार करने के लिए भेजा। मलिक बिन दीनार ने 629 ईस्वी में इस मस्जिद की स्थापना की।
मस्जिद की वास्तुकला और विशेषताएं
- इस मस्जिद की संरचना केरल के पारंपरिक मंदिरों की शैली से प्रभावित है। यहां भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का अनूठा मेल देखने को मिलता है।
- प्रारंभिक निर्माण में स्थानीय सामग्री का उपयोग किया गया था। लकड़ी और नारियल के ताड़ के पत्तों से छत बनी थी।
- मस्जिद में पुराने शिलालेख आज भी देखे जा सकते हैं जो कि अरबी और मलयालम में लिखे हैं।
- इस मस्जिद में प्रवेश करने से पहले हिंदू परंपरा के अनुसार दीप जलाने की परंपरा आज भी निभाई जाती है।
कैसे पहुंचे चेरामन जुमा मस्जिद?
मस्जिद से निकटतम रेलवे स्टेशन कोडुंगलुर रेलवे स्टेशन है जो कि लगभग 3 किमी दूर है। वहीं कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दूरी 30 किमी है। त्रिशूर और कोच्चि से बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।