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Teachers Day: अगर न होते ऐसे 'जौहरी' तो हमें न मिलते ये 'हीरे'
amarujala.com- Presented by: हर्षिता
Updated Mon, 04 Sep 2017 03:52 PM IST
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अमिताभ बच्चन
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देश की इन गुरु-शिष्य की जोड़ी का रिश्ता इस बात को बखूबी परिभाषित करता है कि हीरे की परख एक जौहरी ही कर सकता है। टीचर्स डे के मौके पर एक नजर सेलिब्रिटीज और उनके गुरु पर...
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महात्मा गांधी
महात्मा गांधी
महात्मा गांधी
पूरी दुनिया को शांति और अंहिसा का पाठ पढ़ाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी को शांतिपूर्ण विरोध की कला गोपालकृष्ण गोखले ने सिखाई थी। उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'माय एक्सपेरिमेंट्स विथ ट्रूथ' में गोखले को अपना गुरु बताते हुए जिक्र किया कि आम भारतियों के मुद्दों से सबसे पहले गोखले ने ही उन्हें रूबरू करवाया था। वहीं, जैन कवि श्रीमद राजचंद्र को बापू का आध्यात्मिक गुरु माना जाता है।
पढ़ें: भारत के पांच राजनीतिक गुरु, जिनके शिष्यों ने बदली राजनीति की तस्वीर
पूरी दुनिया को शांति और अंहिसा का पाठ पढ़ाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी को शांतिपूर्ण विरोध की कला गोपालकृष्ण गोखले ने सिखाई थी। उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'माय एक्सपेरिमेंट्स विथ ट्रूथ' में गोखले को अपना गुरु बताते हुए जिक्र किया कि आम भारतियों के मुद्दों से सबसे पहले गोखले ने ही उन्हें रूबरू करवाया था। वहीं, जैन कवि श्रीमद राजचंद्र को बापू का आध्यात्मिक गुरु माना जाता है।
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करण जौहर
करण जौहर
करण जौहर
मशहूर फिल्म मेकर और फैशन डिजाइनर करण जौहर फिल्म निर्माण कंपनी यशराज के कर्ता-धर्ता आदित्य रॉय कपूर को अपना गुरु मानते हैं। कई मौकों पर उन्होंने कबूल किया है कि आदित्य को फिल्म में असिस्ट करते हुए ही उन्होंने इस विधा की बारीकियां सीखीं। आदित्य की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से ही करण जौहर ने एक्टिंग करियर शुरू किया था।
पढ़ें: 'गुड मॉर्निंग टीचर' तो बहुत बोला, अब है बारी शिक्षकों को इस तरह विश करने की...
मशहूर फिल्म मेकर और फैशन डिजाइनर करण जौहर फिल्म निर्माण कंपनी यशराज के कर्ता-धर्ता आदित्य रॉय कपूर को अपना गुरु मानते हैं। कई मौकों पर उन्होंने कबूल किया है कि आदित्य को फिल्म में असिस्ट करते हुए ही उन्होंने इस विधा की बारीकियां सीखीं। आदित्य की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से ही करण जौहर ने एक्टिंग करियर शुरू किया था।
पढ़ें: 'गुड मॉर्निंग टीचर' तो बहुत बोला, अब है बारी शिक्षकों को इस तरह विश करने की...
अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने पिता और मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन को अपना गुरु मानते हैं। हाल ही में गुरु पुर्णिमा के मौके पर भी उन्होंने ट्विटर पर साझा किया था कि पिता के अनुभवों से ही उन्होंने जमीन से जुड़े रहना सीखा है। वे अक्सर कार्यक्रमों में 'बाबूजी' का जिक्र करते हुए उनकी कविताएं पढ़ी हैं और लोगों से शेयर किया है कि वे पंक्तियां कैसे आज भी उनका मार्गदर्शन करती हैं।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने पिता और मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन को अपना गुरु मानते हैं। हाल ही में गुरु पुर्णिमा के मौके पर भी उन्होंने ट्विटर पर साझा किया था कि पिता के अनुभवों से ही उन्होंने जमीन से जुड़े रहना सीखा है। वे अक्सर कार्यक्रमों में 'बाबूजी' का जिक्र करते हुए उनकी कविताएं पढ़ी हैं और लोगों से शेयर किया है कि वे पंक्तियां कैसे आज भी उनका मार्गदर्शन करती हैं।
पीवी सिंधु
पीवी सिंधु
पीवी सिंधु
देश की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने ओलंपिक में न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने कोच पी गोपीचंद का भी सिर गर्व से ऊंचा किया। इस टीचर-स्टूडेंट जोड़ी की केमिस्ट्री की बानगी पूरी दुनिया ने उसी दिन ही देख ली थी जब रियो ओलंपिक में फाइनल मैच के दौरान सिंधु कमजोर पड़ती दिखीं तो शिकन गोपीचंद के माथे पर भी साफ नजर आई। कहते हैं गोपीचंद ने ही सिंधु को सिर्फ खेलना ही नहीं चिल्लाना भी सिखाया था!
देश की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने ओलंपिक में न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने कोच पी गोपीचंद का भी सिर गर्व से ऊंचा किया। इस टीचर-स्टूडेंट जोड़ी की केमिस्ट्री की बानगी पूरी दुनिया ने उसी दिन ही देख ली थी जब रियो ओलंपिक में फाइनल मैच के दौरान सिंधु कमजोर पड़ती दिखीं तो शिकन गोपीचंद के माथे पर भी साफ नजर आई। कहते हैं गोपीचंद ने ही सिंधु को सिर्फ खेलना ही नहीं चिल्लाना भी सिखाया था!
सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर
सचिन तेंदुलकर
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की बात अचरेकर सर के जिक्र के बिना हमेशा अधूरा रहेगा। वो आज भी कहते हैं कि क्रिकेट कोच रमाकांत विट्ठल अचरेकर से ईमान में मिले वे 13 सिक्के उनके लिए आज भी बेशकीमती हैं। वैसे तो इस अर्जुन-द्रोणाचार्य की सुपरहिट जोड़ी के कई किस्से मशहूर हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प है कि एक बार सचिन को तेज भूख लगी थी, तब अचरेकर सर ने उन्हें पैसे दिये थे जिससे उन्होंवे वड़ा पाव खाई थी।
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की बात अचरेकर सर के जिक्र के बिना हमेशा अधूरा रहेगा। वो आज भी कहते हैं कि क्रिकेट कोच रमाकांत विट्ठल अचरेकर से ईमान में मिले वे 13 सिक्के उनके लिए आज भी बेशकीमती हैं। वैसे तो इस अर्जुन-द्रोणाचार्य की सुपरहिट जोड़ी के कई किस्से मशहूर हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प है कि एक बार सचिन को तेज भूख लगी थी, तब अचरेकर सर ने उन्हें पैसे दिये थे जिससे उन्होंवे वड़ा पाव खाई थी।