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Parakram Diwas 2025: कब और क्यों मनाया जाता है पराक्रम दिवस? जानिए इतिहास और महत्व
Thu, 23 Jan 2025 08:36 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Thu, 23 Jan 2025 08:36 AM IST
सार
पराक्रम दिवस देश के एक वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पराक्रम को समर्पित दिन है। यह दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा है। आइए जानते हैं पराक्रम दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है।
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पराक्रम दिवस 2025
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
Parakram Diwas 2025: भारत में जनवरी माह इतिहास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जनवरी में भारत ने अपने संविधान को अपनाया और लोकतांत्रिक राष्ट्र का निर्माण हुआ तो वहीं स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े दो दिग्गज जननायकों का भी इस माह से संबंध है। गणतंत्र दिवस से पहले भारत पराक्रम दिवस मनाता है। पराक्रम दिवस देश के एक वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पराक्रम को समर्पित दिन है। यह दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा है। आइए जानते हैं पराक्रम दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है।
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पराक्रम दिवस हर साल 23 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित है। इसका उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सम्मानित करना और देशभक्ति की भावना को जागृत करना है।
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पराक्रम दिवस का इतिहास
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ आज़ादी के लिए संघर्ष किया। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर पराक्रम दिवस मनाने की शुरुआत हुई।
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सुभाष चंद्र बोस का योगदान
नेताजी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में काम किया, लेकिन उनके क्रांतिकारी विचारों के कारण उन्होंने खुद की अलग राह चुनी।
सुभाष चंद्र ने "आजाद हिंद फौज" (Indian National Army) की स्थापना की और "जय हिंद" व "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" जैसे प्रेरणादायक नारे दिए। उनकी योजनाओं और वीरता ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
पराक्रम दिवस का महत्व
पराक्रम दिवस मनाने का उद्देश्य नेताजी के विचारों और उनके बलिदान को याद करना है। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने देश की सेवा के लिए हर संभव प्रयास करें।
यह युवाओं को नेताजी के साहस, आत्मनिर्भरता और देशभक्ति से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है। सरकार और विभिन्न संस्थान इस दिन पर सेमिनार, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रैलियों का आयोजन करते हैं।
पराक्रम दिवस की शुरुआत
2021 में भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस मनाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य नेताजी के जीवन और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। यह दिन हर भारतीय को अपने कर्तव्यों और देश के प्रति समर्पण की याद दिलाता है।