National Postal Worker Day 2020: भारत में डाक सेवा की शुरुआत कब हुई? जानिए इस दिन का इतिहास और महत्व
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- राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस का महत्व
राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस का बहुत अधिक महत्व होता है। ये दिन हमें याद दिलाता है कि भारतीय डाक से जुड़े लोगों का हमारे जीवन में कितना बड़ा योगदान होता है। ये लोग हमारे पास हमारी जरूरी लेटर, पार्सल को पहुंचाने का काम करते हैं।
मौसम कैसा भी हो ये समय पर हमारे पास पार्सल या जरूरी लेटर पहुंचा देते हैं। भारतीय डाक से जुड़े लोग हमारी सहायता के लिए हर परिस्थिति में तैयार रहते हैं। कोरोना के इस कठीन समय में भी ये लोग हम तक हमारी जरूरी चीजें पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
- भारत में 1977 में भारतीय डाक सेवा से जुड़े लोगों को सम्मान देने के लिए इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई थी। तब से हर वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय डाक से जुड़े लोगों को सम्मानित किया जाता है।
भारत में डाक सेवा की शुरुआत
- भारत में 1 अक्तूबर 1854 में डाक सेवा की शुरुआत हुई थी। भारत में कोलकाता में 1774 में पहले पोस्ट ऑफिस की स्थापना की गई थी। भारत मे डाक सेवाएं बहुत अहम रोल अदा करती हैं।
- भारत में 20 अगस्त 1991 को सबसे बड़ा डाक टिकट भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर जारी किया गया था।