फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Kartik Purnima 2025 Health Benefits Natural Detox Rituals Full Moon Meditation

Kartik Purnima 2025: कार्तिक पूर्णिमा पर करें ये पांच काम, तन-मन दोनों होंगे पवित्र

Tue, 04 Nov 2025 10:21 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 04 Nov 2025 10:21 AM IST
सार

Kartik Purnima 2025: जानें कैसे कार्तिक पूर्णिमा का दिन ध्यान, स्नान और दान के जरिए शरीर और मन दोनों को शुद्ध करता है। इस दिन प्राकृतिक रूप से आप मन और शरीर दोनों को डिटाॅक्स कर सकते हैं।

विज्ञापन
Kartik Purnima 2025 Health Benefits Natural Detox Rituals Full Moon Meditation
पूर्णिमा पर ध्यान - फोटो : Adobe

विस्तार

Kartik Purnima 2025:  कार्तिक पूर्णिमा की रात को आकाश में चंद्रमा पूर्ण तेज से चमकता है और धरती भक्ति की रोशनी में नहाती है। यह केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्राकृतिक, मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि का अवसर है। पुराणों में कहा गया है कि इस दिन स्नान, ध्यान और दान से शरीर और आत्मा दोनों पवित्र होते हैं। आज के तनावपूर्ण और तेज़ रफ्तार जीवन में कार्तिक पूर्णिमा हमें सिखाती है कि भक्ति ही सबसे सस्ता और सच्चा डिटॉक्स है जो तन से ज़्यादा मन को शुद्ध करता है। आइए जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर कैसे तन और मन दोनों को प्राकृतिक तौर पर डिटाॅक्स कर सकते हैं। 

विज्ञापन


सूर्योदय पर स्नान से करें प्राकृतिक डिटाॅक्स की शुरुआत

कार्तिक पूर्णिमा पर प्रातःकाल स्नान का विशेष महत्व है। गंगा, सरयू या किसी पवित्र नदी में स्नान को प्राकृतिक ऊर्जा संतुलन माना गया है। यह शरीर की थकान और नकारात्मकता को मिटाकर, मन को नई शांति देता है। विज्ञान भी कहता है कि सूर्योदय के समय ठंडे जल से स्नान करने से ब्लड सर्कुलेशन और मानसिक अलर्टनेस बढ़ती है।
विज्ञापन


ध्यान और मौन से होगी मन की सफाई

कार्तिक पूर्णिमा पर ध्यान और मौन धारण करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। पूर्ण चांद के समय मानव मस्तिष्क की ऊर्जा सबसे सक्रिय होती है। इस समय ध्यान करने से भावनात्मक असंतुलन दूर होता है और व्यक्ति के भीतर शांति का भाव पैदा होता है।कई साधक इस दिन ‘मौन व्रत’ रखते हैं ताकि मन का शोर शांत हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपवास और आहार शरीर के लिए प्राकृतिक क्लिंजर

इस दिन उपवास रखने की परंपरा है। यह केवल धार्मिक नियम नहीं, बल्कि बायोलाॅजिकल क्लिंजिंग प्रोसेस है। एक दिन का हल्का भोजन या फलाहार शरीर से विषाक्त तत्वों को निकालने में मदद करता है। पारंपरिक रूप से कहा गया है, “कम खाओ, पर सच्चे मन से जियो।”

दीपदान ऊर्जा संचार का प्रतीक

दीपदान केवल पूजा का हिस्सा नहीं, बल्कि एक ऊर्जा अनुष्ठान है। जब आप दीप जलाते हैं, तो आपका मन भी उस प्रकाश के साथ हल्का होता है। यह मानसिक बोझ को छोड़ने और नई शुरुआत का प्रतीक है। दीप जलाना एक तरह से सेल्फ हीलिंग मेडिटेशन बन जाता है। 


दान और करुणा से आत्मा का डिटाॅक्स

दान देने का सबसे बड़ा असर हमारी आत्मा पर होता है। यह हमें भीतर से हल्का करता है, और मन में “संतोष” का भाव लाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर किया गया दान न केवल पुण्य देता है बल्कि व्यक्ति को कर्मिक बोझ से मुक्त करता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed