Navratri Kanya Pujan: नवरात्रि में बच्चियां न मिलें तो कैसे करें कन्या पूजन? जानें आसान उपाय
Kanya Puja Vidhi : धर्मशास्त्रों और पुराणों में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर भक्त नवरात्रि पूजन को पूर्ण कर सकते हैं और मां दुर्गा की कृपा पा सकते हैं।
विस्तार
Kanya Puja Vidhi: नवरात्रि के अंतिम दिनों में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नवदुर्गा के स्वरूप में 2 से 10 वर्ष तक की बच्चियों का पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाता है। यही कन्या पूजन व्रत और पूजा को पूर्ण करता है। लेकिन कई बार व्यस्तता, शहरों में रहने या आस-पड़ोस में बच्चियों के न मिलने की वजह से लोग असमंजस में पड़ जाते हैं। ऐसे समय में धर्मशास्त्रों और पुराणों में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर भक्त नवरात्रि पूजन को पूर्ण कर सकते हैं और मां दुर्गा की कृपा पा सकते हैं।
कन्या पूजन नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह केवल रीति-रिवाज नहीं, बल्कि नारी शक्ति और सम्मान का प्रतीक है। बच्चियों के न मिलने की स्थिति में कुछ उपाय अपनाकर आप पूरे विधि-विधान के साथ व्रत संपूर्ण कर सकते हैं।
अविवाहित स्त्रियों का पूजन
शास्त्र कहते हैं कि बच्चियों की अनुपस्थिति में अविवाहित स्त्रियों को भोजन कराकर भी मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। किशोरियों व बालिकाओं को भी इस दिन भोजन कराएं, दान आदि करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
कन्या की जगह नारियों का पूजन करें
यदि छोटी बच्चियां उपलब्ध न हों तो अपने घर या परिवार की नारियों को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन करें। बहन, बुआ, ननद, माता समेत घर की स्त्रियों को भोजन कराएं और उन्हें साड़ी, चुनरी, श्रृंगार सामग्री या भोजन भेंट करें।
जरूरतमंदों की सेवा करें
यदि कोई उपाय संभव न हो तो कन्या पूजन में छोटी बच्चियों की जगह गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों को भोजन व दान दें। यह भी माता रानी को प्रसन्न करता है।
गौ पूजन
गाय को भी नारी स्वरूप और देवी का प्रतीक माना गया है। गाय को हरा चारा, गुड़ या भोजन खिलाकर नवरात्रि का पूजन संपूर्ण माना जाता है।
घट का पूजन
शास्त्रों में कलश यानी घट को भी देवी का ही रूप माना गया है। इसलिए बच्चियों की अनुपस्थिति में कलश पूजन करके नवरात्रि व्रत को पूर्ण किया जा सकता है।