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टमाटर के गुणों से भरपूर होगी अब टमाटर से बनी दवा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 12 Jun 2014 11:11 AM IST
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टमाटर के फायदे इसे दिल के रोगों से लेकर कैंसर जैसे जानलेवा रोग में फायदेमंद बनाते हैं। इसके फायदों को ध्यान में रखकर हाल में भारतीय मूल के ब्रिटिश वैज्ञानिक ने टमाटर के तत्वों से बनी ऐसी दवा तैयार करने का दावा किया है जिसकी एक गोली में दो टमाटर के बराबर फायदेमंद है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज की कंपनी कैंब्रिज थेरोनॉटिक्स लिमिटेड (सीटीएल) ने इस दवा को 'टोमाटो पिल' का नाम दिया है और इसे दिल की बीमारियों के उपचार में फायदेमंद होने का दावा किया है।
शोधकर्ताओं ने माना कि नियमित रूप से इस दवा का सेवन करने से उन्हें दिल के दौरे और स्ट्रोक आदि का खतरा अधिक होता है।
शोधकर्ताओं ने 36 प्रतिभागियों को इस दवा का नियमित तौर पर सेवन कराया और उनके सेहत पर प्रभाव का अध्ययन किया है।
टोमैटो पिल
कैमन्यूट्रा नाम की कंपनी ने अपनी "टोमैटो पिल" बनाई है।
कैमन्यूट्रा से अलग कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की एक टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि टोमैटो पिल का असर होता है या नहीं।
इसके लिए उन्होंने 36 दिल के मरीजों और 36 स्वस्थ लोगों को चुना। सभी को दो महीने तक एक गोली की खुराक दी गई। यह गोली या तो टोमैटो पिल थी या प्लेसिबो (डमी ड्रग)।
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परीक्षण संतोषजनक हों, इसके लिए न तो शोधकर्ताओं और न ही वॉलंटियरों को ये बताया गया कि उनको खाने के लिए दी गई गोली टोमैटो पिल है, या प्लेसिबो है। यह परीक्षण दो महीने चला। अंत में नतीजे सामने थे।
तुलना के लिए शोधकर्ताओं ने बाज़ु के अगले वाले हिस्सों में रक्त के प्रवाह को मापा। इससे भविष्य में हृदय रोग होने से का संकेत मिलता है, क्योंकि पतली रक्त धमनियों की वजह से हृदय रोग और दिल का दौरा पड़ सकता है।
हृदय रोगियों में टोमैटो पिल से बाज़ु के अगले हिस्से में रक्त का प्रवाह सुधरा जबकि प्लेसिबो का कोई असर नहीं हुआ।
इस शोध के नतीजे 'पीएलओएस वन' पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
शोधकर्ताओं की इस टीम का नेतृत्व करने वाले शोधकर्ता डॉ। जोसेफ चेरियन ने बताया कि शोध के नतीजे आशा तो जगाते हैं लेकिन "रोज टोमैटो पिल का सेवन उपचार के दूसरे तरीकों का विकल्प नहीं बन सकता, लेकिन दूसरी दवाओं के साथ यदि इसे लिया जाए तो मरीज को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।"
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यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज की कंपनी कैंब्रिज थेरोनॉटिक्स लिमिटेड (सीटीएल) ने इस दवा को 'टोमाटो पिल' का नाम दिया है और इसे दिल की बीमारियों के उपचार में फायदेमंद होने का दावा किया है।
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शोधकर्ताओं ने माना कि नियमित रूप से इस दवा का सेवन करने से उन्हें दिल के दौरे और स्ट्रोक आदि का खतरा अधिक होता है।
शोधकर्ताओं ने 36 प्रतिभागियों को इस दवा का नियमित तौर पर सेवन कराया और उनके सेहत पर प्रभाव का अध्ययन किया है।
टोमैटो पिल
कैमन्यूट्रा नाम की कंपनी ने अपनी "टोमैटो पिल" बनाई है।
कैमन्यूट्रा से अलग कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की एक टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि टोमैटो पिल का असर होता है या नहीं।
इसके लिए उन्होंने 36 दिल के मरीजों और 36 स्वस्थ लोगों को चुना। सभी को दो महीने तक एक गोली की खुराक दी गई। यह गोली या तो टोमैटो पिल थी या प्लेसिबो (डमी ड्रग)।
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परीक्षण संतोषजनक हों, इसके लिए न तो शोधकर्ताओं और न ही वॉलंटियरों को ये बताया गया कि उनको खाने के लिए दी गई गोली टोमैटो पिल है, या प्लेसिबो है। यह परीक्षण दो महीने चला। अंत में नतीजे सामने थे।
तुलना के लिए शोधकर्ताओं ने बाज़ु के अगले वाले हिस्सों में रक्त के प्रवाह को मापा। इससे भविष्य में हृदय रोग होने से का संकेत मिलता है, क्योंकि पतली रक्त धमनियों की वजह से हृदय रोग और दिल का दौरा पड़ सकता है।
हृदय रोगियों में टोमैटो पिल से बाज़ु के अगले हिस्से में रक्त का प्रवाह सुधरा जबकि प्लेसिबो का कोई असर नहीं हुआ।
इस शोध के नतीजे 'पीएलओएस वन' पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
शोधकर्ताओं की इस टीम का नेतृत्व करने वाले शोधकर्ता डॉ। जोसेफ चेरियन ने बताया कि शोध के नतीजे आशा तो जगाते हैं लेकिन "रोज टोमैटो पिल का सेवन उपचार के दूसरे तरीकों का विकल्प नहीं बन सकता, लेकिन दूसरी दवाओं के साथ यदि इसे लिया जाए तो मरीज को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।"