शोध: जानवरों से फैल रहा है इंसानों में टीबी
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पशुओं में पनप रही आंतों की टीबी तेजी से इंसानों में भी फैल रही है। टीबी से ग्रसित पशुओं के दूध के सेवन से इंसान इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि दूध के जरिए इंसान में फैली टीबी देश की करीब 25 से 30 फीसदी आबादी को अपनी चपेट में ले चुकी है। भारत सरकार ने 21 मेडिकल रिसर्च सेंटरों को इस पर शोध कर नियंत्रण करने के लिए कहा है। इनमें पांच वेटरिनरी तथा 16 ह्यूमन मेडिकल रिसर्च सेंटर भी शामिल हैं।
चेन्नई, चंडीगढ़ और कोलकता, एम्स सहित 16 मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अलावा वेटरिनरी साइंस के पांच रिसर्च सेंटरों को भी इस कार्य में शामिल किया गया है।
सभी वैज्ञानिक एकत्र हो रहें है कॉमन प्रोग्राम के लिए
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान को मुख्य केंद्र बनाया गया है। जालिमा आगरा, एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर, आरबीआई कोलकता सेंटर और तमिलनाडु वेटरिनरी यूनिवर्सिटी भी इस पर काम करेंगे।
इस कॉमन प्रोग्राम की शुरुआत के लिए केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान फरह में वेटरिनरी साइंस के चयनित सभी पांच इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक मंगलवार को एकत्र हो रहे हैं।
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मकदूम, फरह के विभागाध्यक्ष डॉ. सूरवीर सिंह का कहना है कि ‘गाय-भैसों में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इसका असर मनुष्यों पर देखने को मिल रहा है। करीब 25-30 फीसदी आबादी इससे प्रभावित हो रही है। इस पर नियंत्रण के लिए आईसीएमआर ने ह्यूमन और वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट का कॉमन प्रोग्राम तैयार किया है।’