गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन बढ़ा सकता है यह खतरा!
गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन महिलाओं के लिए नुकसान का सबब भी हो सकता है! हाल में हुए शोध की मानें तो लंबे समय तक गर्भनिरोधक दवाओं के सेवन से दिमाग के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
डेलीमेल वेबसाइट पर प्रकाशित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ हैंपटन के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है कि गर्भनिरोधक दवाओं के लंबे समय तक सेवन से दिमाग के कैंसर का रिस्क दोगुना हो सकता है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि प्रोजेस्टाजेन युक्त कंट्रासेप्टिव्स के साथ दिमाग के कैंसर का खतरा सबसे अधिक संबंधित है।
इन महिलाओं को अधिक है खतरा
शोध के दौरान डेनमार्क के 15 से 49 आयुवर्ग की महिलाओं का परीक्षण किया गया और इस आधार पर यह आशंका जताई गई है।
शोधकर्ताओं ने गर्भनिरोधक गोलियों का संबंध ग्लाइओमा नामक दिमाग के कैंसर से पाया है और यह भी माना है कि 5 साल से अधिक समय तक लगातार गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को इस कैंसर का खतरा 90 प्रतिशत तक होने की आशंका है।
शोधकर्ता डेनिश गेस्ट की मानें तो इस अध्ययन की मदद से दिमाग के कैंसर और महिलाओं के हार्मोनल बदलाव के संबंध की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
यह शोध ब्रिटिश जर्नल ऑफ क्लीनिकल फार्माकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।