मोटापा बढ़ने के साथ-साथ बढ़ता है यह खतरा
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एक शोध में कहा गया है कि वज़न बढ़ने के कारण दस तरह के कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है। यह शोध मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित हुआ है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्रिटेन में कैंसर के हर साल 12,000 से अधिक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनका कारण मोटापा हो सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर देश में मोटापे का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हर साल कैंसर के 3,700 और मामले सामने आ सकते हैं।
50 लाख लोगों पर किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा अध्ययन है जिसमें मोटापे और कैंसर के बीच संबंध की पुष्टि होती है।
लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने पाया कि एक औसत आदमी का हर बार 13 से 16 किलोग्राम वज़न बढ़ने पर छह तरह के कैंसर का ख़तरा बढ़ता जाता है।
औरतों के लिए बड़ा है खतरा
ख़तरा कितना बड़ा है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि ट्यूमर किस तरह का है।
मोटापे के कारण गर्भाशय का कैंसर बढ़ने का ख़तरा सबसे ज़्यादा है। इसके बाद क्रमशः पित्ताशय, गुर्दा, गर्भाशय, थाइरॉयड और ब्लड कैंसर की बारी आती है।
जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स ज़्यादा होता है, उनमें लीवर, मलाशय, अंडाशय और स्तन कैंसर होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है।
पौरुष ग्रंथि का कैंसर
हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ मामलों में मोटापे का कैंसर से कोई संबंध नहीं पाया गया है। लेकिन कुछ ऐसे प्रमाण भी हैं जिनसे पता चलता है कि बॉडी मास इंडेक्स ज़्यादा होने से पौरुष ग्रंथि के कैंसर की संभावना कम हो जाती है।