खून के थक्के बढ़ा सकती हैं नई गर्भ निरोधक दवाएं
एक रिसर्च के मुताबिक, महिलाओं के लिए आईं नई गर्भ निरोधक दवाओं का उन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। जानिए क्या है माजरा।
रिसर्च में पाया गया है कि गर्भ निरोधक गोलियों के ब्रांड याज, यास्मिन और डेसोजेन के पुराने संस्करण की अपेक्षा नए वर्जन में खून के थक्के बढ़ाने की आशंका बढ़ी हुई पाई गई है।
हालांकि शोधकर्ताओं ने पाया कि दवाई का उपयोग करने वाली माहिलाओं में थक्कों का यह अंतर बहुत कम है, इसलिए ये दवाएं सुरक्षित भी बताई गईं।
कैसे हुई रिसर्च
इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम की शोध नेतृत्वकर्ता याना विनोग्रादोवा ने ब्रिटेन में रोगियों को दो बड़े डाटाबेस का विश्लेषण करते हुए गर्भ निरोधक दवा लेने वाली 49 वर्ष तक की महिलाओं के बीच खून के थक्कों की जांच की।
जांच में पाया कि नई दवाओं में पुरानी दवाओं की अपेक्षा खून के थक्कों की आशंका 1.5 से 1.8 गुना ज्यादा होती है। पूर्व में गर्भ निरोधक दवा नहीं लेने वाली महिलाओं की तुलना में नई दवा लेने वालों में यह जोखिम 4 गुना तक बढ़ा पाया गया।
हालांकि थक्कों की यह रफ्तार गर्भवती महिलाओं में बनने वाले थक्कों की तुलना में बहुत कम हैं, इसलिए शोध में इन दवाओं को सुरक्षित भी बताया गया।