{"_id":"6abb5786-e609-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"new-software-to-detect-dengue-and-malaria","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सॉफ्टवेयर जान लेगा डेंगू है या मलेरिया","category":{"title":"Healthy Food ","title_hn":"हेल्दी फूड","slug":"healthy-food"}}
अब सॉफ्टवेयर जान लेगा डेंगू है या मलेरिया
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 06 Jul 2013 12:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार से बचाव में अब सॉफ्टवेयर आपकी सहायता करेगा। रूस के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिससे घंटे भर में यह पता चल सकता है कि मरीज को किस तरह का बुखार है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार, यह सॉफ्टवेयर रोगी के रक्त में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल के परीक्षण के आधार पर यह पता लगाएगा कि उसे डेंगू, मलेरिया या वायरल संक्रमण में से किस तरह का बुखार है और इससे रोगी को तरह-तरह के टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शोधकर्ता और सर गंगा राम अस्पताल में कार्यरत डॉ. मनोरमा भार्गव के अनुसार यह सॉफ्टवेयर शरीर की व्हाइट ब्लड सेल के वॉल्यूम, कंडक्टिविटी आदि के परीक्षण के आधार पर बुखार की जानकारी देता है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं ने अप्रैल, 2010 से लेकर मार्च, 2011 तक 115 मलेरिया के रोगियों, 105 डेंगू के रोगियों और 105 वायरल बुखार के मरीजों के परीक्षण के आधार पर यह अध्ययन किया है। इस शोध को जर्नल ऑफ हेमाटोलॉजी में भी प्रकाशित किया गया है।
टीओआई को वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चांद एस. वट्टल ने बताया कि डेंगू और मलेरिया को वायरल बुखार से अलग करने के लिए ल्यूकोसाइट यानी डब्लूबीसी में मौजूद विभिन्नता का अध्ययन किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर की कीमत 2,000 से 5,000 रुपए तक हो सकती है।
विज्ञापन
टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार, यह सॉफ्टवेयर रोगी के रक्त में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल के परीक्षण के आधार पर यह पता लगाएगा कि उसे डेंगू, मलेरिया या वायरल संक्रमण में से किस तरह का बुखार है और इससे रोगी को तरह-तरह के टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
शोधकर्ता और सर गंगा राम अस्पताल में कार्यरत डॉ. मनोरमा भार्गव के अनुसार यह सॉफ्टवेयर शरीर की व्हाइट ब्लड सेल के वॉल्यूम, कंडक्टिविटी आदि के परीक्षण के आधार पर बुखार की जानकारी देता है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं ने अप्रैल, 2010 से लेकर मार्च, 2011 तक 115 मलेरिया के रोगियों, 105 डेंगू के रोगियों और 105 वायरल बुखार के मरीजों के परीक्षण के आधार पर यह अध्ययन किया है। इस शोध को जर्नल ऑफ हेमाटोलॉजी में भी प्रकाशित किया गया है।
टीओआई को वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चांद एस. वट्टल ने बताया कि डेंगू और मलेरिया को वायरल बुखार से अलग करने के लिए ल्यूकोसाइट यानी डब्लूबीसी में मौजूद विभिन्नता का अध्ययन किया जाता है। इस सॉफ्टवेयर की कीमत 2,000 से 5,000 रुपए तक हो सकती है।