अब यूं ही हो जाएगा 'बांझपन' और 'मधुमेह' का इलाज
वैज्ञानिकों ने हाल ही में मनुष्य के शरीर में पाए जाने वाले ‘किसपेप्टिन’ नामक एक ऐसे हार्मोन की खोज की है जो ‘बांझपन’ और ‘मधुमेह’ के इलाज में कारगर साबित होगा।
यह हार्मोन महिलाओं में आईवीएफ को भी पहले से अधिक सुरक्षित बना देगा। जानवरों पर हुआ शोध बताता है कि ‘किसपेप्टिन’ इंसुलिन के बनने की प्रक्रिया को भी नियंत्रित करता है। भारत में नागपुर में भी इसका अध्ययन हुआ है।
गर्भावस्था में बढ़ जाता है ये हार्मोन?
वैज्ञानिकों का मानना है कि ‘किसपेप्टिन’ हार्मोन इंसानों के भीतर प्रजनन क्षमता में खास भूमिका अदा करेगा। यह हार्मोन मस्तिष्क के ‘हाइपोथेल्मस’ क्षेत्र में होता है, जिस पर दुनिया में कई परीक्षण चल रहे हैं।
शुरुआती अध्ययन में यह बताया गया है कि यह महिलाओं में गर्भपात को रोकने में मदद करेगा और उनके सुरक्षित आईवीएफ में भी उपयोगी होगा। इस विषय पर अमेरिका के मेसाचुसेट्स जनरल अस्पताल में परीक्षण चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था में महिलाओं के भीतर इस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इस हार्मोन को लेकर भारत में भी वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे हैं। नागपुर स्थित गंगा केयर हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं का मानना है कि जिनमें ‘किसपेप्टिन’ का स्तर कम होता है उनमें इंसुलिन का स्तर भी कम होता है।