नवजात की जान बचाने के लिए आया दिमागी बुखार का तोड़
नवजात बच्चों को दिमागी बुखार से बचाने के लिए एक नया वैक्सीन आ गया है। जानिए, इस वैक्सीन की क्या खास बात है।
ब्रितानी सरकार ने ऐलान किया है कि इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में सितंबर से सभी नवजात बच्चों को मेनिनजाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) बी से बचाने के लिए वैक्सीन दिया जाएगा।
यह वैक्सीन दो महीने, चार महीने और 12 महीने के बच्चों को दिया जाएगा। लागत को लेकर विवाद के चलते इस योजना को लागू करने में देर हुई है।
इस घातक बीमारी के ख़िलाफ़ यह दुनिया का पहला टीकाकरण कार्यक्रम है जिसे सरकारी और सार्वजनिक खाते से पैसा दिया जा रहा है।
मेनिनजाइटिस चैरिटीज़ ने इसे सीधे 'जान बचाने वाला' क़दम करार दिया है।
अगस्त से एक अन्य मेनिनजाइटिस वैक्सीन- मेन एसीडब्ल्यूवाई- विश्वविद्यालय की पढ़ाई शुरू करने वाले 17 और 18 साल के बच्चों को दिया जाएगा।
'छिपी हुई बीमारी'
स्कॉटिश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह वैक्सीन नवजातों को दिए जाने वाले अन्य वैक्सीन के साथ ही दिया जाएगा।
परीक्षणों के अनुसार मेनिनजाइटिस बी का नया वैक्सीन, बेक्सेरो, ब्रिटेन में मौजूद मेनिन्गोकॉक्कल ग्रुप-बी बैक्टीरिया से 90% तक बचाता है।
मेनिनजाइटिस बी बैक्टीरिया संक्रमण ख़ासतौर पर एक साल से कम उम्र के बच्चों को शिकार बनाता है और पांच साल से कम उम्र के बच्चों में आम है।
मेनिनजाइटिस डॉट ओआरजी वेबसाइट के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मेनिनजाइटिस को 'छिपी हुई बीमारी' कहा है। अक्सर इसकी पहचान नहीं हो जाती या फिर इससे मलेरिया जैसी बीमारियों का भ्रम हो जाता है।
अनुमान है कि दुनिया भर में शिशु मृत्यु के 5% मामलों में वजह बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस ही होता है।