फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Healthy Food ›   color effects on mood and behavior

डाइटिंग से लेकर प्यार तक, रंगों का है गहरा असर

Wed, 22 May 2013 01:34 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 22 May 2013 01:34 PM IST
विज्ञापन
color effects on mood and behavior

अगर आप डाइटिंग पर हैं तो सबसे पहला काम यह करें कि अपनी प्लेट का कलर बदल दें। आपको यह थोड़ा अटपटा लग रहा होगा मगर अब यह बाकायदा प्रमाणित हो चुका है कि रंग आपके व्यवहार, मूड और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का हल हो सकते हैं।

विज्ञापन


कलर थेरेपी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारे के लिए एक प्रभावी विकल्प के तौर पर उभर रहा है। मिस्र और ग्रीक सभ्यताओं में रंगों से उपचार का जितना महत्व रहा है, उतना ही चीन और आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी रंगों से शारीरिक समस्याओं को दूर करने की कोशिश होती रही है।
विज्ञापन


आइए जानते हैं कि रंगों का मूड से क्या संबंध है और किस तरह ये आपकी समस्याओं का समाधान हो सकते हैं।

1. डाइटिंग में मददगार प्लेट का रंग
कोर्नल यूनिवर्सिटी ने अपने एक शोध के आधार पर दावा किया कि डाइटिंग और ओवरईटिंग संबंध बर्तनों के रंगों से भी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, आप जिस रंग की प्लेट में खाते हैं उससे आपकी भूख पर भी प्रभाव पड़ता।
विज्ञापन
विज्ञापन


शोध के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को जिस प्लेट में खिलाया उसका रंग प्लेट में रखे भोजन से मिलता-जुलता था। इसके बाद दोबारा उन्हें ऐसी प्लेट्स में भोजन कराया जिनका रंग खाने से कंट्रास्ट था। शोध में पाया कि कंट्रास्ट रंग की प्लेट में खाते वक्त प्रतिभागियों ने 22 प्रतिशत तक कम खाया।

2. ध्यान विचलित हो तो पीला रंग मददगार
1994 में यूएलसीए की शोधकर्ता पैट्रिशिया वैल्डेज़ और उनके शोध दल ने अपने अध्ययन के आधार पर दावा किया था कि ध्यान केंद्रित करने में बेसिक और ब्राइट रंगों का बहुत महत्व है। एक ऑस्ट्रेलियाई सर्वेक्षण के अनुसार, ब्राइड रंग खासतौर पर पीला रंग, फोकस बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, पीले रंग की चीजें या फूल अगर घर में रखे जाएं तो थकान और घबराहट दूर करने में आसानी होती है।

3. प्यार का खुमार दर्शाता है लाल
रॉचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने शोध के आधार पर माना कि लाल रंग विपरीत सेक्स के प्रति अधिक आकर्षित करता है। यही वजह है कि लाल रंग को प्यार के रंग के रूप में देखते हैं।

4. स्क्रीन सेवर का रंग बदल सकता है मूड
मिसौरी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना की स्क्रीन सेवर के रंग भी हमारे मूड पर प्रभाव डालते हैं। नीला, हरा, बैंगनी जैसे रंग मूड ठंडा रखते हैं जबकि लाल, ऑरेंज और पीले जैसे रंग ऊर्जा प्रदान करते हैं।

 
5. अच्छी नींद के लिए जरूरी हैं सही रंग
कई शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि सोने के कमरे के लिए सही रंग का चयन करने से नींद अच्छी आती है। हल्के रंगों का चयन सोने के कमरे के लिए सबसे सटीक माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed