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एस्पिरिन इस मामले में त्वचा के लिए है फायदेमंद
Updated Sat, 20 Dec 2014 11:27 AM IST
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क्या एस्पिरिन और आईब्रूफेन जैसी दर्द निवारक गोलियां लगातार लेने पर त्वचा कैंसर से सुरक्षा मिल सकती है?
अगर नए शोध की मानें तो हां।
ऑस्ट्रेलिया में हुए एक शोध के अनुसार कुछ खास किस्म की दर्द निवारक गोलियां लगातार लेने वालों को त्वचा कैंसर होने का खतरा कम हो सकता है। इसमें केवल ग़ैर स्टीरॉयड दवाएँ शामिल हैं।
इससे पहले इन गोलियों का संबंध अलग तरह के कैंसरों से भी जोड़ा गया था कि इन्हें खाने से कैंसर की बीमारी के आसार कम हो जाते हैं।
हालांकि एस्पिरिन आदि दवाइयों के कारण कैंसर के खतरे कम होने की बात होती रही है लेकिन अब इसके सबूत भी धीरे धीरे सामने आ रहे हैं।
अब शोधकर्ताओं ने नौ शोधों का विश्लेषण किया है और इन दवाइयों के कैंसर पर असर के बारे में अध्ययन किया गया है, ख़ासकर खासतौर कार्सिनोमा कोशिकाओं में।
ये विश्लेषण जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव डर्माटोलॉजी में छपा है जिसके अनुसार इन दवाईयों क लगातर सेवन से कैंसर होने का खतरा 18 प्रतिशत कम हो जाता है।
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अगर नए शोध की मानें तो हां।
ऑस्ट्रेलिया में हुए एक शोध के अनुसार कुछ खास किस्म की दर्द निवारक गोलियां लगातार लेने वालों को त्वचा कैंसर होने का खतरा कम हो सकता है। इसमें केवल ग़ैर स्टीरॉयड दवाएँ शामिल हैं।
इससे पहले इन गोलियों का संबंध अलग तरह के कैंसरों से भी जोड़ा गया था कि इन्हें खाने से कैंसर की बीमारी के आसार कम हो जाते हैं।
हालांकि एस्पिरिन आदि दवाइयों के कारण कैंसर के खतरे कम होने की बात होती रही है लेकिन अब इसके सबूत भी धीरे धीरे सामने आ रहे हैं।
अब शोधकर्ताओं ने नौ शोधों का विश्लेषण किया है और इन दवाइयों के कैंसर पर असर के बारे में अध्ययन किया गया है, ख़ासकर खासतौर कार्सिनोमा कोशिकाओं में।
ये विश्लेषण जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव डर्माटोलॉजी में छपा है जिसके अनुसार इन दवाईयों क लगातर सेवन से कैंसर होने का खतरा 18 प्रतिशत कम हो जाता है।