Asad Purnima 2024: आषाढ़ी में बनाएं चना दाल की कचौड़ी, ये विधि है सबसे आसान
अगर आप भी आषाढ़ी पर दाल की कचोरी बनाना चाहते हैं लेकिन आपको कचोरी बनाना कठिन लगता है तो यहां आसान विधि बताई जा रही है।
विस्तार
Asad Purnima Bhog: 21 जुलाई 2024 को आषाढ़ पूर्णिमा मनाई जा रही है। इस तिथि को अषाढ़ी भी कहते हैं। भारत में तीज त्योहारों पर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर भी कचौरी बनाई जाती है, जिसमें दाल भरी जाती है। कुछ जगहों पर उरद दाल, कुछ जगहों पर मूंग दाल और कुछ स्थानों पर चना दाल भरकर कचौड़ी बनती है। मध्य उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के देहात-कस्बों में घरों पर बेड़वी रोटी (दाल की भरवां रोटी) बनाने का भी चलन है।
अगर आप भी आषाढ़ी पर दाल की कचोरी बनाना चाहते हैं लेकिन आपको कचोरी बनाना कठिन लगता है तो यहां आसान विधि बताई जा रही है।
चना दाल कचौड़ी के लिए सामग्री
- आधा कप चना दाल भिगी हुई
- नमक
- दो कप आटा
- एक चम्मच सूची
- एक चम्मच घी
- अजवाइन
- हल्दी पाउडर
- मिर्च पाउडर
- धनिया पाउडर
- हरा धनिया
- हरी मिर्च
- तेल
चना दाल कचौड़ी का मिश्रण
स्टेप 1- भीगी हुई चने की दाल को हल्का नमक डालकर 40 मिनट के लिए खुले बर्तन में मीडियम फ्लेम पर पका लें।
स्टेप 2- दाल का पानी जब सूख जाए तो कढ़ाई में एक चम्मच घी डालकर दाल को भून लें।
स्टेप 3- दाल में थोड़ी अजवाइन, हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डाल लें।
स्टेप 4- इसके अलावा बारीक कटा हरा धनिया, हरी मिर्च मिला सकते हैं।
स्टेप 5- सारी सामग्री मिलाकर दाल को भूनते हुए अच्छे से मैश कर लें।
कचौड़ी बनाने की विधि
स्टेप 1- आटे में एक चम्मच सूजी, एक चम्मच घी, हल्का नमक मिलाकर गूथ लें।
स्टेप 2- आटे को 10 मिनट के लिए सेट होने के लिए ढककर रख दें।
स्टेप 3- जब दाल का मिश्रण ठंडा हो जाए तो आटे की लोई थोड़ी बड़ी लेकर उसमें स्टफिंग भर लें।
स्टेप 4- पूरी जैसी शेप देकर छोटी छोटी कचौरी बेल लें।
स्टेप 5- कड़ाही में तेल गर्म करके इसमें पूरी फ्राई कर लें, जब तक पूरी फूल कर क्रिस्पी न हो जाए
तैयार है चना दाल की कचौड़ी, आमरस के साथ खाएंगे।