World Heart Day 2025: चेहरा बताता है 'दिल का हाल', ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
- World Heart Day 2025: हृदय रोगों की बढ़ती गंभीरता के पीछे सबसे बड़ा कारण बीमारियों का समय पर सही निदान न हो पाना है। अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज कर देते हैं और जब तक बीमारी सामने आती है, तब तक हालत गंभीर हो चुकी होती है।
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Heart Disease: दिल की बीमारियां आज के समय में इतनी कॉमन हो गई हैं कि आपके आसपास के लोगों में से कई या तो इसका शिकार होंगे या भविष्य में उनमें इसका खतरा हो सकता है। एक समय इसे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी के तौर पर जाना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं।
गड़बड़ जीवनशैली, असंतुलित खानपान और तनाव भरी दिनचर्या ने युवा और कम उम्र के लोगों में भी इसके खतरे को काफी बढ़ा दिया है। आलम ये है कि आए दिन सोशल मीडिया पर 30 से भी कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक की खबरें देखने-सुनने को मिल जाती हैं। क्या आप अपने हार्ट हेल्थ को लेकर सतर्क हैं?
हृदय संबंधी रोगों (सीवीडी) के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और बेहतर खानपान-व्यायाम जैसे उपाय करके हृदय को स्वस्थ रखने के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे (विश्व हृदय दिवस) मनाया जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, हृदय रोगों की बढ़ती गंभीरता के पीछे सबसे बड़ा कारण बीमारियों का समय पर सही निदान न हो पाना है। अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और जब तक बीमारी सामने आती है, तब तक हालत गंभीर हो चुकी होती है।
कैसे जानें हृदय स्वस्थ है या नहीं?
हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं, हमारा शरीर स्वयं बताता है कि हार्ट हेल्थ ठीक है या नहीं?
दिल की बीमारियों में आमतौर पर सांस फूलने, छाती में दबाव या भारीपन, अत्यधिक थकान, हाथ-पैरों में सूजन, चक्कर आने और धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें देखी जाती हैं। इसके अलावा आपका चेहरा भी दिल की सेहत का आईना होता है। विशेषतौर पर आंखों और जबड़े में होने वाली दिक्कतें बताती हैं कि हृदय की सेहत ठीक नहीं है।
आइए जानते हैं कि आंखों और चेहरे में अन्य बदलावों से दिल की सेहत का कैसे अंदाजा लगाया जा सकता है?
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आई स्कैन से पता चलता है हृदय रोगों का खतरा
जामा कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि आई स्कैन के दौरान दिखने वाले कुछ बदलावों की मदद से जाना जा सकता है कि आपका दिल स्वस्थ है या नहीं?
आंखों की जांच से रेटिना की रक्त वाहिकाओं में रक्तस्राव, संकुचन या सूजन जैसे परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं, जो उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल से जुड़े होते हैं। डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी स्थितियों से आंखों को होने वाली क्षति भी गंभीर संकेत देती है, जो हृदय रोग का एक ज्ञात जोखिम कारक है।
इसके अलावा, आंखों की जांच में रेटिना पर दिखने वाले सूक्ष्म निशान भी हृदय संबंधी समस्याओं के उच्च जोखिम का संकेत दे सकते हैं।
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आंखों से संबंधित समस्याओं का खतरा
हृदय संबंधी स्थितियां रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करती हैं, इस वजह से कई प्रकार के आंखों में भी इसके लक्षण स्पष्ट हो सकते हैं। अचानक दृष्टि परिवर्तन जैसे धुंधलापन, काले धब्बे दिखना या अस्थायी रूप से दिखना बंद हो जाना भी हृदय समस्याओं की तरफ इशारा हो सकता है। इन संकेतों में आपको पलकों पर या उसके आसपास कोलेस्ट्रॉल जमा होने (जैंथेलास्मा) या कॉर्निया के चारों ओर एक घेरा जैसा दिखना इसका संकेत हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर के कारण आंखों की रक्त वाहिकाएं भी प्रभावित होती हैं, जिसके कारण आपको कम या धुंधला दिखने की समस्या होने लगती है। हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोग, हार्ट अटैक की दिक्कतों को बढ़ाने वाला भी माना जाता है।
जबड़ों में होने वाली समस्या
आंखों के अलावा आपके जबड़ों में होने वाली दिक्कतें भी हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं का संकेत देती हैं। जबड़े का दर्द दिल के दौरे का संकेत हो सकता है, खासकर अगर ये दर्द छाती से फैलता है। इसके साथ सीने में बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, मतली और पसीना आने जैसे अन्य लक्षण हार्ट अटैक की तरफ इशारा करते हैं।
हालांकि, जबड़े के दर्द के कई अन्य सामान्य कारण भी होते हैं, जिनमें दांतों की समस्याएं और मांसपेशियों में खिंचाव शामिल हैं। अगर आपको जबड़े में दर्द होता है और दिल के दौरे के अन्य संभावित लक्षण भी दिख रहे हैं तो तुरंत किसी डॉक्टर की सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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