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मलेरिया से अब भी जूझ रहा है इंडिया, क्या चलाएगा श्रीलंका की तरह अभियान?

Thu, 22 Nov 2018 11:18 AM IST
लाइफ स्टाइल डेस्क,अमर उजाला
लाइफ स्टाइल डेस्क,अमर उजाला Updated Thu, 22 Nov 2018 11:18 AM IST
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WHO Report on India: By malaria 80 percent people infected with in india
भारत में 2017 तक 80% लोग मलेरिया के शिकार रहे। - फोटो : File Photo

साल 2016 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की मलेरिया को लेकर आई एक रिपोर्ट ने हर भारतीय के कान खड़े कर दिए थे। 5-सितम्बर 2016 को जारी इस रिपोर्ट में श्रीलंका को पूरी तरह से मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया गया। यकीनन एशिया में श्रीलंका की ये उपलब्धि भारत के लिए शर्मनाक थी। बहरहाल, वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने मलेरिया को लेकर एक और रिपोर्ट जारी की है, जो भारत की चिंता को थोड़ा कम करती है, लेकिन शर्म को नहीं।

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दरअसल, WHO की मलेरिया पर जारी इस रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया की तुलना में साल 2017 में मलेरिया के कुल मामलों में से 80 प्रतिशत भारत में थे, जबकि 15 फीसदी उप-सहारा अफ्रीकी देशों के थे। यानी बीते साल तक भारत में दुनिया की आबादी का वह बड़ा हिस्सा रह रहा था, जो मलेरिया से जूझ रहा था। खास बात यह है कि 2018 की इस रिपोर्ट के मुताबिक मलेरिया से लड़ने वाले देशों में भारत ने दुनिया में तेजी से प्रगति की है। साल 2016 की तुलना में 2017 में भारत में मलेरिया के मामले तेजी से कम हुए हैं। 

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WHO Report on India: By malaria 80 percent people infected with in india
क्या कहती है रिपोर्ट और क्यों होता है मलेरिया  - फोटो : File Photo

क्या कहती है रिपोर्ट, और क्यों होता है मलेरिया 
यह रिपोर्ट सीधे शब्दों में बताती है कि भारत एकमात्र देश है जिसने मलेरिया के मामलों में गिरावट दर्ज की है। इस रिपोर्ट में दुनिया में मलेरिया से सर्वाधिक पीड़ित 11 देश शामिल हैं। भारत की तुलना में अफ्रीकी देशों में लोग मलेरिया के ज्यादा शिकार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अफ्रीका के नाईजीरिया में 25% लोग, कांगो में 11 प्रतिशत, मोजाम्बिक यू में 5 प्रतिशत और युगान्डा में 4 प्रतिशत मलेरिया से ग्रसित थे। इसके अलावा अफ्रीका में 15 और ऐसी जगह हैं जहां के लोग मलेरिया से एक लंबे समय से ग्रस्त हैं। 

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह रिपोर्ट इस बात की ओर भी इशारा है कि अफ्रीका में मलेरिया से मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि अफ्रीका के शहरी इलाके में मलेरिया का प्रकोप कम नजर आता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में ज्यादा नजर आता है। वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेशन  के वॉलेंटियर जब इन अफ्रीकी देशों के ग्रामीण इलाकों में मलेरिया के रोगियों का जायजा लेने पहुंचे तो पता चला कि इस बीमारी की सबसे बड़ी वजह गंदगी है।  

WHO Report on India: By malaria 80 percent people infected with in india
गंदगी और स्वच्छता का अभाव मलेरिया की सबसे बड़ी वजह है। - फोटो : File Photo

दरअसल, अफ्रीकी गांव के लोगों का रहन-सहन और जीवनस्तर में गिरावट है। गरीबी इनके लिए एक अभिश्राप है और गंदगी की वजह से ये लोग कर्इ बीमारियों से जूझ रहे हैं। यहां नालों की सफाई नहीं है और गांव के अंदर जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है जबकि अस्पतालों की हालत खराब है और सामान्य सुविधाओं के अभाव में लोगों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है। 

 

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श्रीलंका की तुलना में क्या है भारत की स्थिति - फोटो : File Photo

भारत में क्या है मलेरिया की स्थिति 

भारत मलेरिया की बात करें तो हमारा देश भी उन 15 मलेरिया प्रभावित देशों में तीसरे स्थान पर आता है।  भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार साल 2016 में इंडिया में 4 लाख से भी ज्यादा मलेरिया के मामले सामने थे जिसमें से 100 लोगों की मौत मलेरिया से हुई थी, जिसे देखते हुए भारत सरकार ने कहा था कि भारत 2030 तक पूरी तरह मलेरिया मुक्त हो जाएगा।

श्रीलंका से सबक लेगा भारत 

यह बड़ी चौंकाने वाली बात है कि एशिया में श्रीलंका ने भारत से पहले मलेरिया की जंग को जीत लिया। 5 सितंबर 2016 को आर्इ डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में श्रीलंका को मलेरिया मुक्त कर दिया, जबकि इंडिया के लिए यह रिपोर्ट सदमे वाली रही। दरअसल, मलेरिया ने 1990 के दशक में ही मलेरिया से लड़ने के लिए जागरूकता दिखार्इ थी। मलेरिया के खिलाफ नीति में श्रीलंका में ना केवल मच्छरों के पनपने की रोकथाम बल्कि इस बीमारी के मुख्य कारण अमीबिक पैरासाईट को पूरी तरह से समाप्त करने की प्लानिंग की। मलेरिया से प्रभावित इलाकों में कैंप लगाए गए और मोबाइल क्लीनिक की व्यवस्थाएं की गर्इं। आपको जानकर हैरानी होगी कि 2005 में श्रीलंका में केवल 1000 मलेरिया के मामले सामने आए जबकि चौंकाने वाली बात रही कि साल 2012 में श्रीलंका में एक भी मामला मलेरिया का सामने नहीं आया।

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मलेरिया के लक्षणों को समझना जरूरी है। - फोटो : File Photo

मलेरिया से आप भी रहें अलर्ट, जानें क्या हैं लक्षण

ज्यादा तेज सिरदर्द
ठंडा लगना और मिचलाहट होना
नाक से खून निकलना
हाथ-पैर में कंपकंपी
ज्यादा प्यास लगना
कमजोरी होना
बुखार आना और उतरना

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मलेरिया से रोकथाम के लिए जरूरी हैं उपाय। - फोटो : social media

मलेरिया से रोकथाम

ऐसे कपड़े पहने जो पूरे शरीर को ढ़के
घर के आस-पास साफ-सफाई आवश्यक रूप
रोज काला हिट स्प्रे करें
घर में गंदा पानी न रखें

WHO Report on India: By malaria 80 percent people infected with in india
बिना डॉक्टर के सलाह के डाइट नहीं लेनी चाहिए। - फोटो : File Photo

विशेषज्ञों का कहना हैं मलेरिया जैसे गंभीर बीमारी होने पर हमें अपने डाइट का खास ध्यान रखना चाहिए। बिना डॉक्टर के सलाह के डाइट नहीं लेनी चाहिए।मलेरिया में खाने की कुछ चीजों को परहेज भी करना बहुत जरूरी होता है। 

मलेरिया में क्या खांए-
चाय,दूध,कॉफी,तुलसी पत्तें,अदरक,
मलेरिया में सेब फायदेमंद होता है।
दाल,चावल की खिचड़ी,दलिया खाया जा सकता है। 
अमरूद खाने से बहुत फायदा होता है। 

मलेरिया में क्या न खांए
ठंडा पानी से दूर रहे
आम,संतरासअनार का बिल्कुल सेवन न करें
ऐसी में न सोए

देखें वीडियो 


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