चेचक मुक्त हुआ श्रीलंका, भारत में इस बीमारी के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा
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श्रीलंका पूरी तरह से चेचक मुक्त हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी घोषणा की है। बच्चों की जानलेवा बीमारी चेचक के खात्मे के साथ ही श्रीलंका, दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र का पांचवां देश बन गया है। चेचक के खात्मे का मतलब है कि श्रीलंका में पिछले तीन साल से चेचक का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र की स्थानीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने श्रीलंका के चेचक मुक्त देश बनने की घोषणा की है। यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब वैश्विक स्तर पर चेचक के बढ़ते मामले भी देखे गए हैं।
हालांकि दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में श्रीलंका ऐसा अकेला देश नहीं है जो चेचक मुक्त हुआ है। भूटान और मालदीव भी चेचक मुक्त देशों की सूची में शामिल है। एक साल पहले ही श्रीलंका ने लाल चकते पड़ने वाली बीमारी रूबेला पर नियंत्रण पाया है और अब चेचक पर पूरी तरह से कंट्रोल कर लिया है।
भारत की क्या है स्थति?
जहां श्रीलंका ने खसरे की बीमारी पर पूरी तरह से काबू पा लिया है वहीं भारत में इस बीमारी का खतरा अभी भी बना हुआ है। हाल ही में जारी वैश्विक चेचक और रूबेला रिपोर्ट बताती है कि भारत में साल 2018 में 56,399 चेचक के मामले और 1,066 रूबेला के मामले दर्ज हुए हैं। जहां श्रीलंका ने इन दोनों ही बीमारियों के वायरस को पूरी तरह से खत्म कर दिया है, वहीं भारत में बच्चों में दोनों ही बीमारियों का खतरा बरकरार है।
दरअसल, ये दोनों ही बीमारियां फैलने वाली बीमारियां हैं। इन्हें संक्रामक रोग कहा जाता है। अगर किसी एक बच्चे को ये बीमारियां होती है तो दूसरे में भी संक्रमण से फैल जाती हैं।
क्या है रूबेला और कैसे है फैलता?
रूबेला, वायरस से फैलने वाला रोग है। यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है। अगर कोई किसी भी तरह से संक्रमित मरीज के संपर्क में आता है तो यह बीमारी फैल जाती है। शारीरिक संपर्क, छींकने और मरीज का झूठा खाने से यह बीमारी फैलती है। इस बीमारी में तेज बुखार आता है और बुखार लंबे वक्त तक बना रहता है। रूबेला में शरीर में लाल चकते पड़ जाते हैं। पूरे शरीर में लाल दाने निकल जाते हैं। यह बीमारी बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती है।
रूबेला की बीमारी में शरीर में दर्द होने के साथ ही तेज बुखार और थकान महसूस होती है। कई बार मरीज चक्कर आने की वजह से बेहोश भी हो जाता है। इस बीमारी के ज्यादातर मामले गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों में ही देखे गए हैं।
क्या है चेचक की बीमारी और इसके लक्षण?
चेचक और खसरे की बीमारी में बच्चों के पूरे शरीर में लाल धब्बे पड़ जाते हैं। पूरे शरीर में छाले निकलने लगते हैं। यह बीमारी भी गर्भवती महिलाओं और बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है। रूबेला की तरह की चेचक भी संक्रामक बीमारी है। यह अगर घर में किसी एक बच्चे को हो गई तो दूसरे बच्चे के इस बीमारी से पीड़ित होने की पूरी संभावना रहती है। इस बीमारी को चिकनपॉक्स भी कहते हैं।
खांसी, छींकने, पेय और खाद्य पदार्थों के जरिए यह बीमारी दूसरे को फैलती है। इन बीमारियों को टिकाकरण के जरिए ही खत्म किया जा सकता है।
चेचक से बुरी तरह से पीड़ित अमेरिका!
लासेंट की हाल ही की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका चेचक की बीमारी से बुरी तरह से प्रभावित है। इस रिपोर्ट का कहना है कि भारत उन सात देशों में शामिल है जहां इस बीमारी के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, जापान और चीन समेत कई देशों में ट्रैवल करने से यह बीमारी अमेरिका में फैल रही है। यह रिपोर्ट बताती है कि पिछले 25 सालों के मुकाबले साल 2019 अमेरिका में चेचक के मामले में सबसे बुरी स्थिति में है।