फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना से भी खतरनाक और जानलेवा है ये बीमारी, हर साल मारे जाते हैं 15 लाख लोग

Wed, 05 Aug 2020 11:09 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Wed, 05 Aug 2020 11:09 PM IST
विज्ञापन
Tuberculosis is more dangerous than coronavirus TB kills 15 lakh people each year in the world
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दुनियाभर में फैल चुके कोरोना वायरस ने अब तक एक करोड़ 83 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर दिया है जबकि इसके संक्रमण की वजह से छह लाख 96 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। यह निश्चित तौर पर महज कुछ महीनों में किसी बीमारी से मरने का बहुत बड़ा आंकड़ा है, लेकिन क्या आपको पता है कि कोरोना वायरस इकलौती ऐसी बीमारी नहीं है, जिसकी वजह से लाखों लोग मारे गए हैं। दुनिया में पहले से ही कई तरह की बीमारियां फैली हुई हैं और उनकी वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। एक ऐसी ही खतरनाक और जानलेवा बीमारी है, जो पूरी दुनिया में बहुत ही तेजी से फैल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस इकलौती बीमारी की वजह से हर साल पूरी दुनिया में एक दो नहीं बल्कि करीब 15 लाख लोग मारे जाते हैं। आइए जानते हैं इस घातक बीमारी के बारे में और साथ ही यह भी जानते हैं कि इस बीमारी के लक्षण क्या-क्या हैं। 

Tuberculosis is more dangerous than coronavirus TB kills 15 lakh people each year in the world
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • इस बीमारी का नाम ट्यूबर-क्यूलोसिस (Tuberculosis) यानी टीबी है। यह भी कोरोना की तरह ही एक संक्रामक बीमारी है। माना जाता है कि यह बीमारी पूरी दुनिया में फैली हुई है। शायद ही ऐसा कोई देश होगा, जो इससे अछूता होगा। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में हर साल सबसे ज्यादा मौतें टीबी की वजह से ही होती हैं। 
Tuberculosis is more dangerous than coronavirus TB kills 15 lakh people each year in the world
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

क्या हैं टीबी के लक्षण? 

  • खून-वाली थूक के साथ-साथ पुरानी खांसी, बुखार, रात को पसीना आना और वजन घटना टीबी के आदर्श लक्षणों में शामिल हैं। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी भी इसका प्रमुख लक्षण है। दरअसल, अधिक खांसी आने की वजह से मरीज की सांस फूलने लगती है। कहते हैं कि दो हफ्तों या उससे ज्यादा दिनों से अगर आपको खांसी हो तो आपको टीबी की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Tuberculosis is more dangerous than coronavirus TB kills 15 lakh people each year in the world
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

एक से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलती है यह बीमारी? 

  • टीबी के फैलने का माध्यम काफी हद तक कोरोना वायरस से मिलता-जुलता है। यह हवा के माध्यम से तब फैलता है, जब टीबी संक्रमित मरीज खांसी, छींक या किसी अन्य प्रकार से हवा के माध्यम से अपना लार संचारित कर देते हैं। इसलिए टीबी के मरीज को भी अक्सर आइसोलेशन में ही रखा जाता है। 
विज्ञापन
Tuberculosis is more dangerous than coronavirus TB kills 15 lakh people each year in the world
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में दुनिया के 27 फीसदी टीबी मरीज हैं। कोरोना के फैलने के पहले तो इस बीमारी से पीड़ित मरीज का इलाज काफी हद तक संभव हो जाता था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से टीबी के मरीजों की डायग्नोसिस में 75 फीसदी की कमी आई है। ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन और चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं मिल पाने के कारण अगले 10 महीनों में टीबी के करीब 63 लाख मामले सामने आएंगे और इनमें से 14 लाख लोगों के मरने की आशंका जताई गई है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed