हेल्थ की बात: साधारण नमक की टेंशन छोड़िए, आ गया 'हार्ट फ्रेंडली' नमक; दिल और किडनी दोनों रहेंगी हेल्दी
Potassium Enriched Salt: नई रिसर्च के मुताबिक, साधारण नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक का इस्तेमाल करने से दुनियाभर में हर साल करीब 30 लाख मौतें और एक करोड़ से ज्यादा दिल व किडनी की बीमारियों के मामले रोके जा सकते हैं। हालांकि, गंभीर किडनी रोगियों और कुछ दवाएं लेने वालों के लिए यह नमक नुकसानदायक हो सकता है।
विस्तार
दुनियाभर में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोगों को हार्ट हेल्थ को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह दे रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल और शुगर को कंट्रोल रखना जरूरी है। इसके साथ भोजन में नमक की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। ज्यादा नमक यानी सोडियम से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है जिससे हार्ट अटैक की समस्या हो सकती है। ज्यादा नमक सिर्फ हार्ट ही नहीं किडनी की सेहत के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
अगर आप भी डाइट में नमक को लेकर चिंतित रहते हैं तो आपके लिए थोड़ी राहत की खबर है। विशेषज्ञों ने एक हार्ट फ्रेंडली नमक के बारे में जानकारी दी है, जिसे डाइट में शामिल करके हार्ट और किडनी दोनों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ इस एक बदलाव की मदद से दुनियाभर में हर साल करीब 30 लाख लोगों की जान बचाई जा सकती है। ये दिल और किडनी की बीमारियों के एक करोड़ से ज्यादा नए मामलों को भी रोक सकता है।
आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
पोटैशियम युक्त नमक सेहत के लिए फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाले साधारण नमक की जगह अगर पोटैशियम युक्त नमक का इस्तेमाल किया जाए, तो इससे दिल की बीमारियों के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। अगर दुनियाभर के देश इस बदलाव को अपनाते हैं, तो हर साल करीब 30 लाख लोगों की जान बचाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन ज्यादा नमक खाने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए नई रणनीतियां तैयार करने की दिशा में एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।
- इस हार्ट फ्रेंडली नमक को पोटैशियम युक्त नमक कहा जाता है। इसमें साधारण नमक की तुलना में सोडियम की मात्रा कम होती है और उसकी जगह पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है।
- शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ने से शरीर पानी रोककर रखने लगता है। इससे खून की नसों पर दबाव बढ़ता है और ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है।
- वहीं, पोटैशियम शरीर में सोडियम के असर को संतुलित करने और ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करता है।
- खास बात यह है कि पोटैशियम मिला नमक स्वाद में सामान्य नमक जैसा ही होता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
नेचर हेल्थ मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हाई ब्लड प्रेशर का असर सिर्फ दिल पर ही नहीं पड़ता, बल्कि इससे किडनी को भी नुकसान हो सकता है। दरअसल, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी की बेहद बारीक खून की नसों और उन छोटी-छोटी इकाइयों पर दबाव डालता है, जो खून को छानकर शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने का काम करती हैं। इससे धीरे-धीरे किडनी की काम करने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के वरिष्ठ प्रोफेसर ब्रूस नील कहते हैं साधारण नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक अपनाने से सेहत को बड़े फायदे मिल सकते हैं। दुनियाभर में साधारण नमक की जगह पोटैशियम वाले नमक का इस्तेमाल शुरू करना फिलहाल एक बड़ा लक्ष्य जरूर है, लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत हो सकती है। खास बात यह है कि इस तरीके से कम खर्च में ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाया जा सकता है।
- अगर लोग सिर्फ घर में खाना बनाने और खाने के दौरान इस्तेमाल होने वाले साधारण नमक की जगह पोटैशियम युक्त नमक अपनाते हैं, तब भी बड़ा फायदा हो सकता है।
- दुनियाभर में सिर्फ घरों में इस्तेमाल होने वाले नमक को बदलने से हर साल करीब 18.5 लाख मौतों के अलावा दिल और किडनी की बीमारियों के 60 लाख से ज्यादा नए मामलों को रोका जा सकता है।
क्या हर किसी के लिए ये सुरक्षित है?
विशेषज्ञों ने इस नमक को लेकर एक जरूरी चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि पोटैशियम युक्त नमक हर व्यक्ति के लिए सही विकल्प नहीं है। खासतौर पर जो लोग पहले से ही गंभीर रूप से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें इसके इस्तेमाल को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए।
- दरअसल, जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो वह खून में मौजूद अतिरिक्त पोटैशियम को बाहर नहीं निकाल पाती।
- ऐसे में शरीर में पोटैशियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती है। इस स्थिति को हाइपरकलेमिया कहते हैं। इससे दिल की धड़कन अनियमित होने और गंभीर स्थिति पैदा होने का खतरा रहता है।
द जॉर्ज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ प्रोफेसर और किडनी रोग विशेषज्ञ विवेक झा कहते हैं, गंभीर किडनी बीमारी से पीड़ित लोगों को इस तरह के बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। पोटैशियम वाला नमक अपनाने से पहले अपनी सेहत और किडनी की स्थिति को जानना भी जरूरी है। अगर आप स्वस्थ हैं तो इस एक बदलाव से आप बड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं।
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स्रोत:
Global health outcomes from replacing dietary sodium chloride with potassium-enriched salt
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