स्ट्रोक, जानलेवा समस्या हो सकती है जिसका खतरा युवा आबादी में तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। शोधकर्ताओं ने अलर्ट करते हुए बताया है कि खराब लाइफस्टाइल और शारीरिक निष्क्रियता इसका प्रमुख जोखिम कारक हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को कम उम्र से ही सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के डॉक्टर्स ने एक सर्वेक्षण में पाया कि हम में से ज्यादातर लोग स्ट्रोक के जोखिमों और इसके लक्षणों से अनजान हैं, जिसके कारण इसका जोखिम काफी बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।
Stroke: युवाओं में 40% तक बढ़ गया है खतरा, जानिए 'BE FAST' फार्मूला जिसकी मदद से कर सकते हैं स्ट्रोक की पहचान
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स्ट्रोक का खतरा
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित शोध के मुताबिक इंट्रासेरेब्रल हेमोरेज (आईसीएच) स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। वैसे स्ट्रोक, दो प्रकार के होते हैं
- इस्केमिक स्ट्रोक- मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में रुकावट या रक्त के थक्के बनने की समस्या।
- हेमोरेजिक स्ट्रोक - मस्तिष्क की धमनी का रिसाव या इसके फटने की स्थिति।
इंट्रासेरेब्रल हेमोरेज (आईसीएच), हेमोरेजिक स्ट्रोक का एक सबटाइप है। युवाओं में इसके मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टर्स ने इसकी पहचान के लिए एक कारगर फार्मूला बताया है।
BE FAST फार्मूला के बारे में जानिए
जर्नल ऑफ ब्राउन हॉस्पिटल मेडिसिन में शोधकर्ताओं ने BE FAST फार्मूला के बारे में बताया है जिसके माध्यम से स्ट्रोक की पहचान की जा सकती है। अगर आपको ये दिक्कतें हो रही हैं तो इसे स्ट्रोक का खतरा माना जा सकता है।
- B- बैलेंस- शरीर के बैलेंस में होने वाली समस्या।
- E- आइज- देखने में अचानक से होने वाली परेशानी।
- F-फेस- चेहरे के एक तरफ के हिस्से के काम न करने की समस्या, लकवा।
- A-आर्म्स- हाथों-पैरों में कमजोरी या सुन्न पड़ जाना।
- S- स्पीच- बोलने में कठिनाई होना।
- T- टाइम- अगर ऐसी दिक्कतें हो रही हैं तो ये टाइम है तुरंत डॉक्टर के पास जाने का।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
लुइसियाना इमरजेंसी रिस्पांस नेटवर्क में स्ट्रोक मेडिकल डायरेक्टर शेरिल मार्टिन-शिल्ड कहती हैं, हम युवाओं में स्ट्रोक की एक बढ़ती घटनाओं को देख रहे हैं। लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के साथ उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान ये चार प्रमुख जोखिम कारक हैं जिससे यह खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है। इन स्थितियों की वजह से कम उम्र के लोग ही इसके शिकार हो रहे हैं। स्ट्रोक जानलेवा स्थिति है इसके बारे में सभी लोगों को जानना और निरंतर बचाव के प्रयास करते रहने बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।