हमारे शरीर को बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में आहार से पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। कॉपर भी ऐसा ही एक पोषक तत्व है जो शरीर के कई कार्यों के लिए आवश्यक है। कॉपर एक प्रकार का ट्रेस मिनरल है, जिसकी शरीर को थोड़े मात्रा में ही आवश्यकता होती है। हालांकि अगर इसकी कमी हो जाए तो इसके कई प्रकार के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
क्या हो अगर: शरीर में अगर कॉपर की कमी हो जाए तो क्या हो सकते हैं इसके दुष्प्रभाव? जानिए विस्तार से
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पहले जानिए कॉपर का शरीर में क्या कार्य है?
शरीर में कॉपर की अधिकांश मात्रा लिवर, मस्तिष्क, हृदय, किडनी और कंकाल की मांसपेशी में पाई जाती है। कॉपर की बहुत अधिक और बहुत कम मात्रा, दोनों मस्तिष्क के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। वैसे तो शरीर में कॉपर की कमी होना काफी दुलर्भ है, हालांकि अगर आपमें यह दिक्कत है तो इसके कारण हृदय रोग, खून की कमी जैसी समस्याओं का जोखिम भी हो सकता है।
कुछ शोध बताते हैं कि शरीर में कॉपर के असंतुलन के कारण अल्जाइमर रोग का जोखिम भी बढ़ जाता है।
हृदय और प्रतिरक्षा प्रणाली की हो सकती है दिक्कतें
शरीर में कॉपर की कमी के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम हो सकता है। अध्ययन के आधार पर शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों को हार्ट फेलियर की समस्या होती है, ऐसे कुछ रोगियों को कॉपर सप्लीमेंट्स से लक्षणों को ठीक करने में फायदा हो सकता है।
हृदय की ही तरह इम्यून सिस्टम को ठीक रखने में भी इसकी विशेष भूमिका है। इसकी कमी न्यूट्रोपेनिया का कारण बन सकती है। यह सफेद रक्त कोशिकाओं या न्यूट्रोफिल की कमी है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। न्यूट्रोफिल की समस्या वाले व्यक्ति को संक्रामक रोग होने की आशंका अधिक होती है।
आपकी हड्डियों के लिए भी कॉपर जरूरी
हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने में कॉपर की भूमिका हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों में कॉपर की कमी होती है उनमें हड्डियों का घनत्व कम होने और ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम अधिक हो सकता है। अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि कॉपर, गठिया को रोकने या इसकी जटिलताओं को कम करने में भी मदद कर सकता है। इस उद्देश्य से कई लोग तांबे के कंगन पहनते हैं।
कैसे प्राप्त करें कॉपर?
कॉपर विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। साबुत अनाज ,बीन्स, आलू, गहरे हरे रंग का पत्तेदार साग, कोकोआ, काली मिर्च और मेवे जैसे काजू और बादाम में इसकी मात्रा होती है। आहार के माध्यम से इस पोषक तत्व को प्राप्त किया जाना चाहिए। जिन लोगों में कॉपर की कमी का निदान होता है उन्हें डॉक्टर सप्लीमेंट्स दे सकते हैं। पर बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स का सेवन करना हानिकारक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।