Paracetamol: 'सेफ डोज' में भी पैरासिटामोल का अधिक सेवन खतरनाक, डॉक्टर बोले 'मैं खुद नहीं करता ज्यादा इस्तेमाल'
- भारत में पैरासिटामोल दवा का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। जिसे आपने भी शायद पिछले कुछ हफ्तों में कभी न कभी खुद भी लिया होगा।
- एक औसत ब्रिटिश नागरिक हर साल लगभग पैरासिटामोल की 70 गोलियां खाता है, जोकि छह खुराक प्रति माह के बराबर है। इंग्लैंड में एनएचएस ने 2024-25 में इस दर्द निवारक के लिए 1.5 करोड़ से ज्यादा प्रिस्क्रिप्शन लिखे, जिनकी लागत £80.6 मिलियन (965.45 करोड़) थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Paracetamol Side Effects: ये सच है कि सामान्य दर्द-सिरदर्द, बुखार या शरीर में हल्के असहजपन के समय दवा के नाम पर सबसे पहले हमारे जे़हन में पैरासिटामोल ही आता है। भारत में इस दवा का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह दवा लंबे समय से घरों की दवा पेटी का हिस्सा रही है और आसान उपलब्धता के कारण लोग बिना डॉक्टर की सलाह के भी इसका इस्तेमाल करते रहते हैं।
पैरासिटामोल शरीर में दर्द और बुखार को कम करने में मदद करता है। असल में ये दिमाग में उन रसायनों की गतिविधि को नियंत्रित करता है जो दर्द और तापमान बढ़ाते हैं, जिससे आपको लक्षणों में आराम का एहसास होने लगता है। यह सही मात्रा में उपयोग करने पर प्रभावी और सुरक्षित है, लेकिन इसकी अधिकता का शरीर पर कई प्रकार से असर हो सकता है।
विशेषज्ञ कहते हैं, ये व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली दवा है, जिसे आपने भी शायद पिछले कुछ हफ्तों में कभी न कभी खुद भी लिया होगा। लेकिन क्या पैरासिटामोल का बार-बार इस्तेमाल उतना ही सुरक्षित है जितना आपको लगता है? इसको लेकर ब्रिटिश डॉक्टर्स की टीम ने आगाह किया है।
डॉक्टर कहते हैं, मैं खुद एक डॉक्टर हूं लेकिन मैं इसके अक्सर इस्तेमाल से बचता हूं और लोगों को भी यही सलाह देता हूं।
सीमित मात्रा से अधिक हो रहा है पैरासिटामोल का इस्तेमाल
नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) की एक रिपोर्ट बताती है कि एक औसत ब्रिटिश नागरिक हर साल लगभग पैरासिटामोल की 70 गोलियां खाता है, जोकि छह खुराक प्रति माह के बराबर है। नवीनतम आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि इंग्लैंड में एनएचएस ने 2024-25 में इस दर्द निवारक के लिए 1.5 करोड़ से ज्यादा प्रिस्क्रिप्शन लिखे, जिनकी लागत £80.6 मिलियन (965.45 करोड़) थी।
इस बीच हाल के कई अध्ययनों ने इस दवा के नियमित इस्तेमाल को लिवर फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर, गैस्ट्रोइंटस्टाइनल ब्लीडिंग और हृदय रोगों से जोड़ा है। कुछ अध्ययनों में यहां तक कहा गया है कि पैरासिटामोल का अधिक इस्तेमाल टिनिटस, ऑटिज्म और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) जैसी विकासात्मक समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
पैरासिटामोल की 'सेफ डोज' भी लंबे समय में हानिकारक
कुछ डॉक्टरों का कहना है कि, सिरदर्द या किसी भी प्रकार के दर्द से निपटने के लिए पैरासिटामोल की कुछ गोलियां लेना ठीक है, लेकिन एक बार में हफ्ते भर से अधिक समय तक इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यहां तक कि इसकी 'सुरक्षित' खुराक भी लंबे समय में नुकसानदायक हो सकती है।
ब्रिटेन की कोक्रेन कोलैबोरेशन में प्रोफेसर एंड्रयू मूरे ने अंतरराष्ट्रीय शोध से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए कहा, ये समझा जाना कि पैरासिटामोल सुरक्षित है और दर्द के लिए एक 'सर्वोत्तम' उपचार है, शायद गलत है। अध्ययनों से पता चलता है कि पैरासिटामोल के उपयोग से मृत्यु दर, दिल का दौरा, पेट के रक्तस्राव और किडनी फेलियर के मामलों में वृद्धि हो रही है।
पैरासिटामोल के ओवरडोज से लिवर फेल होने की आशंका तो होती ही है, लेकिन दर्द से राहत के लिए सीमित खुराक लेने वाले कुछ लोगों में भी यह लिवर की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसका खतरा वैसे तो दस लाख में से केवल एक-दो में ही देखा जा रहा है, लेकिन यह एक जोखिम है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
कितनी मात्रा सुरक्षित है?
अब सवाल ये है कि एक दिन में पैरासिटामोल की कितनी डोज सुरक्षित है?
प्रोफेसर मूरे कहते हैं, इस दवा की 'सुरक्षित' मानी जाने वाली खुराक प्रतिदिन 4 ग्राम है, यानी 24 घंटे की अवधि में चार बार 500 मिलीग्राम की गोलियां लेने के बराबर। पर अब ये भी हर व्यक्ति के लिए ठीक है, कहना सही नहीं होगा।
संस्थान के एक और विशेषज्ञ डॉ. डीन एगिट ने चेतावनी दी है कि 10 दिन या उससे ज्यादा समय तक इतनी भी डोज लेने से लिवर और किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। साक्ष्यों की समीक्षा से यह भी पता चलता है कि दर्द से राहत के लिए पैरासिटामोल उतना भी प्रभावी नहीं है जितना लोग सोचते हैं।
पैरासिटामोल के अधिक इस्तेमाल से कई प्रकार के नुकसान
प्रोफेसर मूर लिखते हैं, 'ऑपरेशन के बाद के दर्द में, शायद चार में से एक व्यक्ति को फायदा होता है। सिरदर्द में शायद दस में से एक को। अगर पैरासिटामोल आपके लिए काम करता है, तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए, यह काम नहीं करेगा।'
सामान्य तौर पर, अध्ययनों से पता चलता है कि 24 घंटों में अगर आप सुझाई गई डोज से लगभग दोगुनी (लगभग 7.5 ग्राम) लेना कुछ लोगों के लिवर में विषाक्तता पैदा हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पैरासिटामोल के शरीर में घुलने पर, यह NAPQI नामक विषैला उत्पाद उत्पन्न करता है। कम खुराक पर या यदि सिरदर्द के इलाज के लिए बस कुछ गोलियों की आवश्यकता हो, तो इससे कोई समस्या नहीं होती क्योंकि इसे ग्लूटाथियोन नामक एक सुरक्षात्मक पदार्थ द्वारा निष्प्रभावी किया जा सकता है। लेकिन अधिक खुराक पर या यदि पैरासिटामोल लंबे समय तक लिया जाता है, तो लिवर पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है।
अध्ययनकर्ताओं ने बताया, अधिक मात्रा में निर्धारित डोज का भी अगर आप ज्यादा समय तक सेवन करते रहते हैं तो इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने, कानों में घंटी जैसा बजते रहने (टिनिटस) और बच्चों में ऑटिज्म का खतरा हो सकता है।
तो अगली बार पैरासिटामोल का इस्तेमाल करने से पहले ये बातें याद कर लीजिएगा।
----------------------------
स्रोत
Liver injury induced by paracetamol and challenges associated with intentional and unintentional use
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।