Hair Care: सर्दियों में कैसे करें बच्चों के नाजुक बालों की देखभाल? इन बातों का ध्यान रखना है जरूरी
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) के अनुसार, आमतौर पर जरूरत के हिसाब से शिशु के बाल हफ्ते में एक या दो बार धोने की सलाह दी जाती है।
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जब बात बच्चों की सेहत से जुड़ी हो तो सर्दी के मौसम में सावधानी रखना ज्यादा जरूरी हो जाता है। शुष्क और ठंडी हवा से बच्चों की त्वचा को सुरक्षित रखना तो जरूरी है ही, साथ ही उनके बालों और स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए भी प्रयास करते रहना चाहिए। सर्दियों के दौरान शुष्क हवा स्कैल्प की नमी को कम कर सकती है। इसके कारण न सिर्फ खुजली की दिक्कत बढ़ जाती है, बल्कि बालों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
यदि आप देख रहे हैं कि बच्चा बार-बार अपना सिर खुजला रहा है, चिड़चिड़ा महसूस कर रहा है या फिर बच्चा बार-बार अपने सर को छू रहा है तो सावधान हो जाइए। इस स्थिति में जॉनसन्स बेबी शैम्पू का इस्तेमाल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। इसे खास तौर पर बच्चों के स्कैल्प और बालों को ध्यान में रखते हुए ही तैयार किया गया है।
सर्दियों में बढ़ सकती है बालों की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि कम तापमान और हवा शुष्क होने के साथ इनडोर हीटिंग के कारण बच्चे की त्वचा और स्कैल्प में नमी कम हो जाती है। इसके कई तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। बच्चे के स्कैल्प वयस्क की तुलना में बहुत अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे में इसके शुष्क होने, परतदार होने और खुजली होने की दिक्कत बढ़ने लग जाती है।
बच्चों के बालों की सफाई के लिए हार्श क्लींजर या हार्ड शैम्पू के कारण त्वचा की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है, जिससे रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए बच्चों की नाज़ुक बालों और स्कैल्प नमी का संतुलन बनाये रखने के लिए कोई सौम्य शैम्पू जैसे जॉनसन्स बेबी शैम्पू इस्तेमाल करें।
क्या हैं जॉनसन्स बेबी शैम्पू के फायदे
जॉनसन्स बेबी शैम्पू में 'नो मोर टियर्स' फॉर्मूला है, जो इसे शुद्ध पानी जितना सौम्य बनाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि नहाते समय बच्चों की नाज़ुक आंखों में जलन नहीं होती और नहाने का समय एक आनंदायक अनुभव होता है ।
नारियल के गुणों से युक्त क्लींजर न सिर्फ स्कैल्प को साफ करता है, बल्कि शिशु के पतले बालों में नमी बनाए रखने में भी मदद करता है। यह बालों को कंडीशन भी करता है, जिससे शिशु के बाल हर बार धोने के बाद मुलायम और चमकदार बने रहते हैं।
जॉनसन्स बेबी शैम्पू में ग्लिसरीन होता है, जो स्कैल्प को मॉइस्चराइज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सर्दियों के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ग्लिसरीन का उपयोग रूखापन रोकने में मदद करता है।
सर्दियों में शिशु के बाल कितनी बार धोने चाहिए?
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) के अनुसार, आमतौर पर जरूरत के हिसाब से शिशु के बाल हफ्ते में एक या दो बार धोने की सलाह दी जाती है।
बच्चों को नहलाने के लिए रूम टेंपरेचर या हल्के गुनगने पानी का इस्तेमाल करें। हालांकि, जॉनसन बेबी शैम्पू से नियमित रूप से बाल धोने से गंदगी, तेल और पपड़ी जमने की दिक्कत कम होती है।
इसके अलावा बाल धोने से पहले या बाद में शिशु के लिए सुरक्षित तेल से सिर की हल्की मालिश करें। इससे सिर की त्वचा को पोषण मिलता है और रक्त प्रवाह ठीक रहता है।