फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus vaccine: कोरोना वैक्सीन को लेकर गुमराह करने वाले दावे और उनका सच

Sun, 26 Jul 2020 10:51 PM IST
सोनू शर्मा बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 26 Jul 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
Misleading claims about Coronavirus vaccine and their truth
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

इस हफ्ते ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल को लेकर भले ही बड़ी कामयाबी मिली हो, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके बारे में कई गलत दावे किए जा रहे हैं। वैक्सीन के सुरक्षित होने को लेकर गुमराह करने वाली कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर की जा रही हैं। हाल के सालों में टीकाकरण के विरोध में चलाए जा रहे ऑनलाइन अभियान ने जोर पकड़ लिया है और अब इसका निशाना कोरोना वायरस के वैक्सीन के दावों पर केंद्रित हो चुका है। 

Misleading claims about Coronavirus vaccine and their truth
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

डीएनए पर पड़ने वाले असर से जुड़ा दावा 

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब चल रहा है जो कथित तौर पर ऑस्टिओपैथ कैरी मडेज का बताया जा रहा है। इसमें कोरोना वायरस के वैक्सीन से जुड़े गलत दावे किए गए हैं। इस वीडियो में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस का वैक्सीन डीएनए में बदलाव ला देगा। वीडियो में कहा गया है, 'कोविड-19 का वैक्सीन इस तरह से बनाया जा रहा है जो हमें आनुवांशिक तौर पर बदल देगा।' 

वीडियो में वो बिना किसी प्रमाण के यह भी दावा करती हैं कि 'वैक्सीन हमें किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंटरफेस से भी जोड़ देगा।' यह दावा पूरी तरह से गलत है। 

Misleading claims about Coronavirus vaccine and their truth
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, अभी दुनियाभर में कोरोना के 25 अलग-अलग वैक्सीनों का ट्रायल चल रहा है, लेकिन इसमें से कोई भी इंसानों के डीएनए को प्रभावित नहीं करने वाला है और ना ही किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंटरफेस से जोड़ने की तकनीक उसमें मौजूद है। 

वैक्सीन इस तरह से बनाए जाते हैं कि वो हमारे इम्युन सिस्टम को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। कैरी मडेज कई और भी गलत दावें करती हैं। इसमें से एक दावा उनका यह भी है कि, 'वैक्सीन के ट्रायल के दौरान इसके सुरक्षित होने को लेकर किसी भी वैज्ञानिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है।' 

विज्ञापन
विज्ञापन
Misleading claims about Coronavirus vaccine and their truth
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

बीबीसी ऑनलाइन हेल्थ एडिटर मिशेल रॉबर्ट्स कहती हैं, 'इस्तेमाल के लिए अपनाए जाने से पहले नए वैक्सीन के सुरक्षित होने को लेकर पूरी सावधानियां बरती जाती हैं और सभी मापदंडों का पालन किया जाता है।' बीबीसी ने कैरी से उनके दावों को लेकर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से इस लेख के प्रकाशित होने तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है।  

सबसे पहले इसे जून में यूट्यूब पर डाला गया था। वहां इसे तीन लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। अब इसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी खूब देखा जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका की एक वैज्ञानिक सारा डाउंस बताती हैं कि उनकी मां ने सबसे पहले यह वीडियो उन्हें दिखाया था। उनकी मां जिस प्रेयर ग्रुप से जुड़ी हैं, वहां ये वीडियो शेयर किया गया था। उन्होंने इसके बाद इस ग्रुप में इस वीडियो में किए गए दावों की पोल खोलती अपनी जानकारियां शेयर कीं। वो कहती हैं, 'अब ग्रुप में सही-सही जानकारी उन लोगों को मिली है, जिसे लेकर मैं बहुत खुश हूं।' 

विज्ञापन
Misleading claims about Coronavirus vaccine and their truth
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

वैक्सीन के ट्रायल को लेकर अन्य दावे 

जब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से किए जा रहे वैक्सीन ट्रायल के शुरुआती नतीजों की खबर सोमवार को प्रकाशित हुई तो कई फेसबुक ग्रुप में कोरोना वायरस के वैक्सीन को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ फेसबुक यूजर्स ने लिखा कि उन्हें वैक्सीन नहीं चाहिए क्योंकि उन्हें लगता है कि वो 'गिनी पिग' की तरह इस्तेमाल किए जाएंगे और 'बेपरवाह रफ्तार के साथ इसका उत्पादन' किया जाएगा। 

वैक्सीन को विकसित करने की जल्दबाजी की वजह से इसके सुरक्षित होने को लेकर आशंकाएं हो सकती हैं। लेकिन ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ग्रुप के प्रमुख प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड ने बताया कि वैक्सीन के ट्रायल से संबंधित सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं को अपनाया जा रहा है। जिन देशों में वैक्सीन के ट्रायल हो रहे हैं, वहां नियामकों के सुरक्षा रिपोर्ट्स का भी ख्याल रखा जा रहा है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed