फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   how dangerous covid-19 is for children

अमर उजाला फाउंडेशन की पहल: डॉक्टरों ने बताया, बच्चों के लिए कितना गंभीर है कोरोना वायरस?

Tue, 20 Apr 2021 07:16 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 20 Apr 2021 07:16 PM IST
विज्ञापन
how dangerous covid-19 is for children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना की दूसरी लहर को विशेषज्ञ पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा शक्तिशाली और प्रभावी मान रहे हैं। इस बार ऐसा भी देखने को मिल रहा है कि युवा लोग कोरोना के ज्यादा शिकार हो रहे हैं। भले ही देश में अब भी कोरोना से रिकवरी रेट अच्छी है लेकिन लोगों में इस बार डर पहले से कहीं ज्यादा है। इस विपरीत समय में लोगों के मन में एक डर यह भी है कि अगर बच्चों को कोरोना का संक्रमण हो जाता है तो उनपर इसका प्रभाव कितना गंभीर हो सकता है?
विज्ञापन

अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर मंगलवार को हुई चर्चा में हमने डॉक्टरों से इसी बारे में जानने की कोशिश की। कार्यक्रम में वरिष्ठ श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जैन और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन जैन  ने बच्चों पर कोरोना के असर को लेकर सवालों के जवाब दिए। 
विज्ञापन


क्या बच्चों को कोरोना का खतरा ज्यादा है?
इस सवाल के जवाब में डॉ विपिन कहते हैं कि फिलहाल इस बात को लेकर हमें खुशी है कि वायरस बच्चों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर रहा है। जिन बच्चों को पहले से ही कोई गंभीर बीमारी है खतरा सिर्फ उन्हें ही ज्यादा होता है। सामान्य बच्चों को अगर संक्रमण हो भी जाए तो वह आसानी से ठीक हो जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों को कोरोना हुआ तो क्या करें
डॉ विपिन कहते हैं कि अगर बच्चों को कोरोना हो जाए तो घबराएं नहीं, अब तक देखने को मिला है कि बच्चों पर इसका ज्यादा असर नहीं हो रहा है। दवाइयों के बजाय इस समय होम केयर की ज्यादा जरूरत होती है। इसके अलावा बुखार और खांसी जैसे लक्षणों को सामान्य दवाओं के साथ ठीक किया जा सकता है। तेज बुखार के दौरान भी एसी, कूलर आदि चालू रखें, जिससे शरीर की ठंडक बनी रही। बार -बार पट्टी करते रहें। 

कैसे रखें ख्याल
कोरोना के समय में बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए समय-समय पर पानी और जूस देते रहें। यहां एक बात का ध्यान जरूर दें कि बच्चों को काढ़ा या घरेलू उपचार आदि खुद से न दें। इसके लिए डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। कई घरेलू उपचारो का असर बच्चों के लिए कोरोना से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। बच्चों के फेफड़ों पर कोरोना वायरस का ज्यादा असर नहीं होता है, जिन बच्चों को जन्मजात हृदय रोग, किडनी या मानसिक रोगों की दिक्कत है सिर्फ उन्हें खतरा ज्यादा हो सकता है।


----------------------
नोट: यह लेख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन जैन से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed