Cholesterol: हाथ देखकर सिर्फ भविष्य ही नहीं, कोलेस्ट्रॉल का भी लगा सकते हैं पता; स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया
कोलेस्ट्रॉल का खतरा हमेशा अंदरूनी रूप से ही नहीं होता, बल्कि इसके शुरुआती संकेत शरीर के बाहर भी दिख सकते हैं। आंखों, त्वचा यहां तक कि हाथों में दिखने वाले कुछ बदलावों की मदद से आप जान सकते हैं कि कहीं आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई तो नहीं है?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आज के समय में कोलेस्ट्रॉल की बढ़ती समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही है, यह युवाओं को भी तेजी से अपना शिकार बनाती जा रही है। ब्लड टेस्ट में अगर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल अक्सर बढ़ा हुआ आ रहा है तो ये अच्छा संकेत नहीं है। ये स्थिति समय के साथ हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है। यही कारण है कि सभी लोगों को डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराते रहना चाहिए ताकि स्थिति का सही अंदाजा हो सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, असंतुलित आहार, फास्ट फूड्स, शारीरिक गतिविधियों में कमी और तनाव, कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का मुख्य कारण हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि जिनके परिवार में पहले से किसी को हार्ट की बीमारी रही है, जिनका वजन अधिक है या जो लंबे समय तक बैठे-बैठे काम करते हैं, उनमें इसका खतरा अधिक हो सकता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि कोलेस्ट्रॉल का खतरा हमेशा अंदरूनी रूप से ही नहीं होता, बल्कि इसके शुरुआती संकेत शरीर के बाहर भी दिख सकते हैं। आंखों, त्वचा यहां तक कि हाथों में दिखने वाले कुछ बदलावों की मदद से आप जान सकते हैं कि कहीं आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई तो नहीं है?
साइलेंट किलर है कोलेस्ट्रॉल?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हाई कोलेस्ट्रॉल को शुरुआती चरण में पहचानकर आहार, व्यायाम और सही इलाज से कंट्रोल कर लिया जाए तो इससे बड़े खतरे टल सकते हैं। ब्रिटेन स्थित मेडिकल टेस्ट किट प्रदाता न्यूफाउंडलैंड डायग्नोस्टिक्स के सह-संस्थापक डॉ. फ्रेडरिक मंडुका एक रिपोर्ट में कहते हैं, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल एक साइलेंट किलर है। उम्र बढ़ने के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर के प्रति सचेत रहना और लक्षणों पर ध्यान देना और भी जरूरी है।
डॉ. फ्रेडरिक कहते हैं, घर पर ही रहकर यह जानना बहुत मुश्किल है कि आपका कोलेस्ट्रॉल हाई है या नहीं? इसलिए जांच कराते रहना जरूरी है। हालांकि कुछ संकेत हैं जिसकी मदद से कुछ हद तक इसका अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है।
हाथों पर कोलेस्ट्रॉल का संकेत
डॉ. मंडुका के कहते हैं, एक महत्वपूर्ण संकेत जिस पर सभी लोगों को ध्यान देना चाहिए, वह है टेंडन जैंथोमाटा। ये कोलेस्ट्रॉल का छोटा सा जमाव है जो आपके हाथों के पोर, पैरों और घुटनों के आसपास सूजन पैदा करता है। टेंडन जैंथोमाटा पीले रंग के, कोलेस्ट्रॉल से भरे नोड्यूल या पपल्स होते हैं जो आपकी स्किन पर आसानी से नजर आ सकते हैं।
ये धीरे-धीरे बढ़ते हैं, सख्त होते हैं और पीले रंग के होते हैं। हिलने-डुलने या दबाव पड़ने पर इसके कारण आपको दर्द और संवेदनशील का भी अनुभव हो सकता है।
आंखों पर हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत
सरल भाषा में इसे समझना चाहें तो कहा जा सकता है कि हाथ देखकर आप केवल अपने भविष्य की ही नहीं, कोलेस्ट्रॉल और इससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का भी अंदाजा लगा सकते हैं। हाथों और पैरों के अलावा आंखों के आसपास भी अगर आपको पीले रंग के हल्के से उभार नजर आते हैं तो इसको लेकर आपको सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कॉर्नियल आर्कस पर ध्यान दें, जो आपकी आंख के आइरिस के चारों ओर दिखाई देता है। आंखों के आसपास अगर आपको पीले रंग का कोई उभार दिख रहा है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।
नियमित जांच और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने वाले उपाय जरूरी
डॉ. फ्रेडरिक मंडुका कहते हैं, अपने कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान देकर सेहत को ठीक रखा जा सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण 20 साल की उम्र में भी दिखाई दे सकते हैं, हालांकि 40 की उम्र के बाद इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि अपने जोखिम कारकों और फैमिली हिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से ब्लड टेस्ट और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं। अगर ये सामान्य से अधिक रहता है तो इसको कंट्रोल करने के लिए उपाय करते रहना चाहिए।
-----------------------------
स्रोत
I'm a doctor and these are the high cholesterol symptoms you should look for in the mirror'
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।