Alert: सिगरेट की तरह अब समोसा-जलेबी भी 'रेड लिस्ट' में, सरकार ने जारी की एडवाइजरी; क्यों लिया गया ये फैसला?
- जल्द ही सिगरेट की ही तरह से आपके पसंदीदा समोसा, जलेबी और बिस्किट के साथ भी चेतावनी संदेश देखने को मिलने वाला है।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स नागपुर सहित देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे 'ऑयल और शुगर बोर्ड' लगाएं, जिन पर आपके नाश्ते में छिपे हुए फैट और शुगर की मात्रा साफ-साफ लिखी हो।
विस्तार
खान-पान में गड़बड़ी सेहत पर भारी पड़ सकती है, ये बात हम सभी ने सुनी है, पर क्या हम इसे गंभीरता से लेते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम रोजाना जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसका सेहत पर सीधा असर होता है, यही कारण है कि कम उम्र से ही आहार को लेकर विचार करना और पौष्टिक चीजों की ही भोजन में शामिल करना आवश्यक हो जाता है।
जिन चीजों को स्वास्थ्य के लिए अध्ययनों में सबसे हानिकारक माना जाता रहा है, धूम्रपान यानी सिगरेट-बीड़ी उनमें से एक है। पर अब ये लिस्ट थोड़ी लंबी होने वाली है।
जल्द ही सिगरेट की ही तरह आपके पसंदीदा समोसा, जलेबी और डीप फ्राई चीजों के साथ भी कैंटीनों में चेतावनी संदेश का बोर्ड देखने को मिलने वाला है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स नागपुर सहित देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे 'ऑयल और शुगर बोर्ड' लगाएं, जिन पर आपके नाश्ते में छिपे हुए फैट और शुगर की मात्रा साफ-साफ लिखी हो।
जंक और फास्ट फूड्स से होने वाले सेहत को नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करने और इनसे दूरी बनाने की दिशा में ये बड़ा कदम माना जा रहा है।
जंक फूड्स और इससे सेहत को होने वाले नुकसान
गौरतलब है कि गड़बड़ आहार और इसके सेहत पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर किए गए तमाम अध्ययन लगातार इस बात को लेकर चिंता जताते रहे हैं कि दुनियाभर में जंक फूड्स का सेवन पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है।
ये मोटापा तो बढ़ाता ही है साथ ही इसके कारण लोग तेजी से हाई शुगर, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का भी शिकार होते जा रहे हैं। जंक फूड्स के कारण बच्चों में बढ़ते मोटापे के खतरे को लेकर समय-समय पर अलर्ट जारी किया जाता रहा है।
अब इस बारे में लोगों को जागरूक करने और इस तरह के अस्वास्थ्यकर खान-पान को कम करने को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड पर आ गया है।
अस्वास्थ्यकर खान-पान को लेकर सरकार अलर्ट
इस नई शुरुआत के तहत जंक फूड्स और अस्वास्थ्यकर भारतीय स्नैक्स, पकौड़े-लड्डू से लेकर वड़ा पाव और गुलाब जामुन तक में छिपी वसा और चीनी की मात्रा के बारे में लोगों को बताया जाएगा। सरकार के इस कदम की स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सराहना करते हुए कहा कि यह एक शांत लेकिन क्रांतिकारी बदलाव है।
जंक फूड हमारी सेहक लिए तंबाकू-सिगरेट जितने ही खतरनाक हैं। इसपर धीमी आवाज में चर्चा तो होती रहती है पर कोई व्यापक दृष्टिकोण अब तक नहीं देखा गया। जन स्वास्थ्य के लिए जंक फूड्स के सेवन को कम करने की दिशा में ये पहला औपचारिक कदम है।
चीनी और ट्रांस फैट सिगरेट जितना ही नुकसानदायक
कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया नागपुर के अध्यक्ष डॉ. अमर अमले कहते हैं, चीनी और ट्रांस फैट हमारी सेहत के लिए सिगरेट जितने ही हानिकारक प्रभावों वाले हैं। लोगों को यह जानने का हक है कि वे क्या खा रहे हैं, और जो खा रहे हैं उसका सेहत पर क्या असर हो रहा है? फूड लेबलिंग हर बार आपको याद दिलाएगी कि ये जंक फूड्स और मिठाइयां सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हैं।
जल्द ही कैफेटेरिया में वॉर्निंग बोर्ड देखने को मिलेंगे, जो रोजाना लोगों को उनके पसंदीदा स्नैक्स में छिपे नुकसानों की याद दिलाएंगे।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विभाग के डॉ अमरजीत सिंह कहते हैं, ये बड़ा और जरूरी कदम है। देश में मोटापे का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा, जंक फूड्स का बढ़ता सेवन इसका एक बड़ा कारण रहा है। ये निर्णय खाने पर प्रतिबंध लगाने के बारे में नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को इस बारे में जागरूक करने को लेकर है कि जो चीजें आप खा रहे हैं उसका सेहत पर किस तरह से असर होता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मंचों से मोटापे की बढ़ती समस्या को लेकर चिंता जताते रहे हैं, उन्होंने खाने के तेल में कटौती की सलाह दी है। इसी क्रम में ये कदम भी काफी सराहनीय है। जंक फूड्स मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियों को बढ़ाने वाला कारक है, इससे अगर हम दूरी बनाते हैं, या कम सेवन करते हैं तो कई तरह की समस्याओं से बचाव हो सकता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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