Health Alert: शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए आप भी पीते हैं कोल्ड ड्रिंक्स? कहीं जानलेवा न हो जाए ये आदत
शरीर को ठंडक पहुंचाने और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचे रहने के लिए देसी पेय और अन्य हेल्दी विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि कोल्ड ड्रिंक्स पीने के क्या साइड इफेक्ट्स हैं और ये सेहत पर कैसे असर डालते हैं?
विस्तार
देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है। गर्मी का ये मौसम आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन और शरीर का तापमान बढ़ने का खतरा रहता है जिसके कारण सेहत पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस मौसम में खूब पानी पीते रहने, गर्मी से बचने और सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह देते हैं।
बहुत से लोग गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं। इस तरह के पेय से शरीर को फौरी तौर पर तो कुछ समय के लिए ठंडक और राहत का एहसास होता है, पर क्या आप जानते हैं कि ये आपकी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने वाले हो सकते हैं। कोल्ड ड्रिंक्स जैसे कि सोडा, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, मीठे पेय पदार्थों को अध्ययनों में नुकसानदायक बताया गया है।
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को ठंडक पहुंचाने और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचे रहने के लिए देसी पेय और अन्य हेल्दी विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि कोल्ड ड्रिंक्स पीने के क्या साइड इफेक्ट्स हैं और ये सेहत पर कैसे असर डालते हैं?
कोल्ड ड्रिंक्स हो सकते हैं नुकसानदायक
आहार विशेषज्ञ बताते हैं, कोल्ड ड्रिंक्स के अधिक सेवन को बच्चों में मोटापा बढ़ाने, डायबिटीज और पाचन तंत्र सहित कई प्रकार की समस्याओं का कारक माना जाता है।
- आमतौर पर लोग इसे प्यास बुझाने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पीते हैं, पर अधिकतर लोग इस बात से अनजान होते हैं कि कुछ प्रकार के सॉफ्ट ड्रिंक्स डिहाइड्रेशन कम करने की जगह इसे बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
- जो लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स या मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन करते हैं, उनमें पाचन से संबंधित दिक्कतों का भी खतरा अधिक होता है।
बढ़ जाता है मोटापे का खतरा
कोल्ड ड्रिंक्स और मीठे पेय पदार्थों का सबसे ज्यादा नुकसान वजन बढ़ने में देखा गया है। जो लोग अक्सर इस तरह के पेय पदार्थों का सेवन करते रहते हैं उनमें मोटापे की दिक्कत हो सकती है। इसमें ऐडेड शुगर होता है, इसके अलावा ये हाई कैलोरी वाले पेय तेजी से वजन बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशियन में प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि नियमित कोल्ड ड्रिंक पीने वालों में पेट की चर्बी और मोटापा बढ़ने का जोखिम अधिक रहता है। मोटापे की स्थिति डायबिटीज, हृदय रोगों का खतरा बढ़ा देती है जिसके जानलेवा दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
डायबिटीज का खतरा
कोल्ड ड्रिंक्स में अत्यधिक मात्रा में चीनी होती है। एक कैन में 8-10 चम्मच तक चीनी की मात्रा हो सकती है। ऐसे में अगर आप इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो वजन और ब्लड शुगर लेवल दोनों के बढ़ने का खतरा हो सकता है। हार्वर्ड की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया कि अक्सर शगर वाले ड्रिंक्स पीने से टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा 26% तक बढ़ जाता है।
- कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड के कारण गैस एसिडिटी, गैस, अपच और पेट फूलने की समस्या का भी खतरा रहता है।
- इसके अलावा कैफीन युक्त ड्रिंक्स पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिसके कारण आपको दीर्घकालिक तौर पर कई प्रकार की पेट की दिक्कतें हो सकती हैं।
हेल्दी पेय विकल्पों का करें चुनाव
आहार विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मी के दिनों में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कोल्ड ड्रिंक्स की जगह हेल्दी विकल्पों का सेवन करना चाहिए।
नींबू पानी (कम चीनी या शहद के साथ), छाछ या मट्ठा, नारियल पानी, बेल का शरबत, सत्तू ड्रिंक, गन्ने का जूस पीना आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। शरीर को स्वस्थ रखने और गर्मी के कारण होने वाली दिक्कतों से बचे रहने के लिए आप इन चीजों का सेवन कर सकते हैं।
------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।