Heart Attack: जिम में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, डॉक्टर ने सुलझाई गत्थी; ये गलती पड़ रही है भारी
फिजिकल फिटनेस और हृदय स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है फिर जिम जाने वाले और फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोगों में हार्ट की समस्याएं क्यों हो रही हैं?
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विस्तार
हृदय रोगों के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़े हैं, विशेषरूप से कोरोना महामारी के बाद से इसमें तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। कम उम्र के लोग भी न सिर्फ इस जानलेवा रोग का शिकार हो रहे हैं, बल्कि इससे मौत के आंकड़े भी बढ़े हैं। आप भी अक्सर हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें सुनते-पढ़ते रहते होंगे, आपके मन भी ये सवाल जरूर आता होगा कि हार्ट अटैक महामारी का रूप क्यों लेता जा रहा है?
माना जाता रहा है कि फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने, नियमित व्यायाम-जिम करने वाले लोगों में हृदय रोगों का जोखिम कम होता है, पर कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें जिम के दौरान लोगों को हार्ट अटैक हुआ और इससे उनकी मौत हो गई।
अब सवाल ये है कि फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोगों को हार्ट अटैक क्यों हो रहा है? इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? आइए डॉक्टर से इसके कारणों को समझते हैं।
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वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक
वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक आना एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। ऐसी ही एक दुखद घटना में, अप्रैल के दूसरे हफ्ते में मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिम में एक्सरसाइज करते समय 52 वर्षीय व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने से मौत गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज ऑनलाइन सामने आया, जिसमें व्यायाम करते-करते अचानक गिरने से पहले वह फर्श पर डंबल रखते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हर्क्युलिस बनने की चाह सही पर शरीर की पुकार भी सुनिए 😪😪😪😪#MadhyaPradesh के #जबलपुर के गोरखपुर थाना इलाके के जिम में एक्सरसाइज के दौरान 52 वर्षीय यतीश सिंघई की हार्ट अटैक से मौत हो गई...#ShockingVideo #viralvideo #heartattack #Jabalpur #kuldeeppanwar pic.twitter.com/Xj0dkpgZyv
— Kuldeep Panwar (@Sports_Kuldeep) April 18, 2025
इसी तरह से मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध योग गुरु और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन सिंहल की हाल ही में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। डॉ. पवन सिंहल अपनी सादगी और स्वस्थ जीवन शैली के लिए मशहूर थे। डॉ. सिंहल ने वर्ष 2022 में 11 घंटे में 100 किमी की दौड़ का रिकॉर्ड बनाया था। वह नियमित रनिंग और योग करते थे।
क्या कहते हैं हृदय रोग विशेषज्ञ?
जिम जाने वाले लोगों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों के क्या कारण हैं, इसे कैसे रोका जा सकता है? इस बारे में समझने के लिए हमने दिल्ली स्थित पीएसआरआई हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ रवि प्रकाश से बातचीत की।
डॉ रवि कहते हैं, फिजिकल फिटनेस और हृदय स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है। हालांकि इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि जो लोग शारीरिक रूप से एक्टिव रहते हैं, रनिंग-जिम करते हैं उन्हें हार्ट ब्लॉकेज या हार्ट अटैक नहीं होगा। अच्छी बात ये है कि ऐसे लोग इन समस्याओं को आसानी से झेल सकते हैं।
उदाहरण के लिए जो लोग अक्सर बैठे रहते हैं उन्हें 500 मीटर दौड़ने के लिए कहा जाए तो उसकी हालत खराब हो जाती है, वहीं नियमित रनिंग करने वाले के लिए ये आम बात है।
जिम में हार्ट अटैक के मामले
अब सवाल उठता है कि फिर नियमित व्यायाम करने वालों में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
डॉ रवि प्रकाश कहते हैं, जिम जाने वालों में दिल के दौरे की घटनाओं के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी तो इसका एक प्रमुख कारण है ही साथ ही बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें पहले से अपने हार्ट हेल्थ की सही जानकारी नहीं होती है। ऐसे में कुछ स्थितियां आपके समस्याओं को ट्रिगर कर देती हैं, जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है।
डॉ रवि प्रकाश बताते हैं, जिम हो या स्विमिंग या कोई भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स यहां पर एडमिशन लेने से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा कराया जाता है, यह नियम हर जगह है। हालांकि अक्सर छोटे सेंटर्स या जिम वाले और वहां एडमिशन लेने वाले दोनों ही इसको अनदेखा कर देते हैं। इस छोटी सी गलती के चलते पता ही नहीं चल पाता है कि आपका हार्ट, एक्सरसाइज के दबाव को झेलने के लिए तैयार है या नहीं?
आदर्श रूप से जिम जाने से पहले ईसीजी-इको टेस्ट, सामान्य खून की जांच, ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए। इससे हृदय की सेहत का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है। अगर इनमें से कोई भी टेस्ट ठीक नहीं है तो जिम में तीव्र स्तर के व्यायाम करने से बचाना चाहिए।
(आप भी तो नहीं हैं हार्ट के मरीज? हार्ट अटैक से बचने के लिए डॉक्टर ने बताया '5S' फॉर्मूला)
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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