H5N1 Virus: गाय के बाद अब इस जानवर में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि, क्या फेल हो रहे हैं संक्रमण के रोकथाम के उपाय?
भारत-अमेरिका सहित कई देश इन दिनों बर्ड फ्लू संक्रमण के गंभीर चपेट में हैं। बर्ड फ्लू को आमतौर पर मुर्गियों और पक्षियों में संक्रमण फैलाने वाला माना जाता रहा है। अब पहली बार ऐसा हुआ है जब चूहों में भी इस संक्रमण की पुष्टि की गई है।
विस्तार
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि दुनियाभर में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत में भी कई बीमारियां हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं।
हालिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत-अमेरिका सहित कई देश इन दिनों बर्ड फ्लू संक्रमण के गंभीर चपेट में हैं। एच5एन1 वायरस जिसे एवियन फ्लू और बर्ड फ्लू के नाम से भी जाना जाता है, इसके कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है। बर्ड फ्लू को आमतौर पर मुर्गियों और पक्षियों में संक्रमण फैलाने वाला माना जाता रहा है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इससे पहली बार गायों, इंसानों को भी संक्रमित देखा गया है। अब पहली बार ऐसा हुआ है जब चूहों में भी इससे संक्रमण की पुष्टि की गई है।
अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) के एनिमल एंड प्लानेट इंस्पेक्शन सर्विस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पहली बार चूहे इस संक्रामक रोग की चपेट में आए हैं। चूहे घरों में भी मौजूद होते हैं, ऐसे में इसके कारण इंसानों के संक्रमित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
संक्रमण रोकने के लिए 148 मिलियन से अधिक मुर्गियों को मारा गया
एजेंसी ने नवीनतम अपडेट में बताया कि देशभर में कई स्थानों पर अन्य संक्रमित स्तनधारियों में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। लोमड़ी, बॉबकैट और घरेलू बिल्लियों में भी पिछले कुछ महीनों में संक्रमण के मामले देखे गए थे।
बर्ड फ्लू के ये नए मामले ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश इस संक्रामक रोग की रोकथाम को लेकर निरंतर प्रयास कर रहा है। डेटा के अनुसार, जब से अमेरिका में बर्ड फ्लू का नया स्ट्रेन फैलना शुरू हुआ है, संक्रमण को रोकने के लिए पोल्ट्री फार्मों पर लगभग 148 मिलियन (14.8 करोड़ से अधिक) मुर्गियों को मार दिया गया है, जिसके कारण अंडों की कीमतों में भी भारी उछाल भी आया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या संक्रमण के रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास फेल हो रहे हैं?
संक्रमण से बचाव करते रहने की सलाह
मार्च 2024 में एच5एन1 का संक्रमण पहली बार डेयरी गायों में पाया गया था, जबकि इंसानों में इसके लगभग 70 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, इनमें से ज्यादातर डेयरी और पोल्ट्री श्रमिक हैं। अब तक संक्रमण के कारण एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिन स्थानों पर इस संक्रामक रोग के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं वहां पर सभी लोगों को बचाव को लेकर गंभीरता से उपाय करते रहना जरूरी है।
मुर्गियों, संक्रमित पक्षियों और जिन जानवरों में इस संक्रमण का जोखिम है उनसे दूरी बनाकर रखना बहुत जरूरी है।
क्या अंडे और मांस नहीं खाना चाहिए?
चूंकि मुर्गियां और पक्षियां भी इसका शिकार देखी जा रही हैं ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या अंडे और मांस से इन दिनों दूरी बना लेनी चाहिए?
यूएस मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये वायरस पोल्ट्री फार्मों में काफी तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण लाखों मुर्गियों की मौत हुई है। इतना ही नहीं यूएस में अंडों की कीमतों में भी काफी तेजी से उछाल आया है। ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में पर्यावरण स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर मेघन फ्रॉस्ट डेविस कहते हैं कि बचाव के लिए कच्चे दूध, अंडे और मुर्गी से दूर रहें। इसके अलावा अगर आप बीमार या मृत जानवर देखते हैं तो उनसे दूर रहने की सलाह दी जाती है।
D1.1 स्ट्रेन की प्रकृति चिंताजनक
बर्ड फ्लू संक्रमण और इसकी जटिलताओं के लिए मुख्यरूप से हाल ही में देखे गए नए स्ट्रेन (D1.1) को प्रमुख कारण माना जा रहा है, जिसकी संक्रामक क्षमता और गंभीरता काफी अधिक हो सकती है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वैरिएंट की प्रकृति संभावित रूप से नई महामारी का कारण बनने की क्षमता वाली हो सकती है।
प्रारंभिक अध्ययनों से पता चलता है कि D1.1 स्ट्रेन की प्रकृति ऐसी ही जो इसे स्तनधारियों में अधिक आसानी से फैलने के योग्य बनाती है। यहां पढ़िए पूरी खबर
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स्रोत और संदर्भ
Detections of Highly Pathogenic Avian Influenza in Mammals
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